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Fact Check: स्क्रिप्टेड है महाकुंभ भगदड़ के आरोपियों के पकड़े जाने के दावे का वीडियो, पड़ताल में जानें सच्चाई

Mon, 10 Feb 2025 01:18 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Mon, 10 Feb 2025 01:18 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने एक आदमी तीन व्यक्तियों को रस्सी से बांधकर ले जाता हुआ नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ में भगदड़ के आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। BOOM ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। 

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A scripted video is going viral with the claim that the accused of the stampede in Maha Kumbh have been caught
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रयागराज में जारी महाकुंभ मेले में बीती 28 जनवरी की देर रात भगदड़ मच गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस भगदड़ में 30 लोगों की मौत हुई और करीब 60 लोग घायल हो गए। इसी बीच सोशल मीडिया पर महाकुंभ भगदड़ के आरोपियों के पकड़े जाने के दावे से एक वीडियो वायरल हो रहा है। बूम ने जांच की तो पाया कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है और भगदड़ से पहले का है।

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क्या है दावा 
वायरल वीडियो में दो पुलिसकर्मी कैदी की वेशभूषा वाले तीन युवकों को पकड़े दिख रहे हैं। उन युवकों के हाथ रस्सी से बंधे हैं।

फेसबुक वीडियो को शेयर करते हुए यूजर ने लिखा, 'मिल गए हैं जिन्होंने कुंभ में भगदड़ मचाई थी।'

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पोस्ट का आर्काइव लिंक.

फैक्ट चेक: वीडियो एक स्क्रिप्टेड कॉन्सेप्ट का हिस्सा है

हमने जांच की तो पाया कि महाकुंभ भगदड़ के आरोपियों की गिरफ्तारी से संबंधित कोई खबर मीडिया में नहीं है।

वीडियो को देखने पर हमने पाया कि युवकों के यूनिफॉर्म पर स्वतंत्रा सेनानी राजगुरु, भगत सिंह और सुखदेव के नाम लिखे हुए हैं। इससे हमें अंदेशा हुआ कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है।

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सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। इसके जरिए हमें bablu_birasat नाम के इंस्टाग्राम हैंडल पर इससे जुड़ा हुआ एक वीडियो मिला। यहां यह वीडियो 23 जनवरी को शेयर किया गया था. इससे स्पष्ट था कि वीडियो महाकुंभ भगदड़ से पहले का है।

वीडियो में बताया गया कि युवक जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से स्वतंत्रता सेनानियों का भेष धारण कर महाकुंभ भ्रमण कर रहे थे। इसमें युवक 'अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों' गाते भी देखे जा सकते हैं।

वीडियो में एक शख्स उनसे इस वेशभूषा का कारण पूछता है जिसके जवाब में सुखदेव बना युवक कहता है कि 26 जनवरी आने वाली है.... हमारे देश के नौजवान भूल गए हैं कि देश को आजादी दिलाने के लिए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्हीं की याद में हमलोगों ने यहां गंगा किनारे पदयात्रा निकाली हुई है।

वे लोग कहां से आएं हैं इसके जवाब में युवक बताता है कि वे सोरांव तहसील के हरिसेनगंज गांव के रहने वाले हैं। उनका 'Dicky Bari' नाम का एक यूट्यूब चैनल भी है।

आगे की पड़ताल के लिए हम उनके यूट्यूब चैनल Dicky Bari पर पहुंचे। वहां हमें इससे जुड़े और भी वीडियो मिले. एक वीडियो में रिपोर्टर के पूछने पर भी युवक यही बताते हैं कि वे लोग महाकुंभ आए लाखों-करोड़ों लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी याद दिलाना चाहते हैं।

एक अन्य वीडियो के मुताबिक, यह 20 जनवरी की घटना है। उन्होंने प्रयागराज के चुंगी से यह पदयात्रा शुरू की और पूरे महाकुंभ मेले में भ्रमण किया। इससे संबंधित एक और वीडियो यहां देखा जा सकता है।

इस चैनल के डिस्क्रिप्शन के अनुसार ये कॉमेडी वीडियो बनाते हैं। इसपर मौजूद दूसरे वीडियो में सुखदेव का किरदार निभाने वाले युवक को देखा जा सकता है। इससे स्पष्ट हो जाता है कि स्क्रिप्टेड कॉन्सेप्ट पर आधारित और असंबंधित वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

(This story was originally published by BOOM as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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