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Fact Check: इंडोनेशिया के एक महीने पुराने वीडियो को नेपाल हिंसा से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Wed, 10 Sep 2025 05:16 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 10 Sep 2025 05:16 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नेपाल के प्रदर्शन का है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो एक महीने पुराना मिला है। इस वीडियो का नेपाल से कोई संबंध नहीं है। 

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A month old video from Indonesia is being shared linking it to Nepal violence
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध और नेताओं के भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं के हिंसक विरोध प्रदर्शन में 25 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में भीड़ उग्र होती नजर आ रही है। वीडियो को नेपाल का बताकर शेयर किया जा रहा है।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो इंडोनेशिया का है, जहां एक महीने पहले हुए प्रदर्शन के दौरान जनता और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। 

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क्या है दावा

सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों की एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह नेपाल का है। 
अबू2फ्लिक्स (@AbuKhanoo1) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “ नेपाल मे उमड़ती भीड़ हुई बेकाबू, नेपाल के Gen Z ने पूरे देश को हिला कर रखा दिया। क्या भारत में इस तरह का प्रोटेस्ट संभव है?“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

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इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें Baret merah नाम के फेसबुक यूजर अकांउट पर एक वीडियो मिला।  इस वीडियो में पांच सेकंड के बाद वायरल हो रही क्लिप को देखा जा सकता है। यहां इस वीडियो को 14 अगस्त 2025 को साझा किया गया है। 

यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो लगभग एक महीने पुराना है। जबकि, नेपाल में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सोमवार 8 सितंबर को हुई थी। इससे स्पष्ट होता है कि इस वीडियो का नेपाली युवाओं के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। 

इसके बाद हमें फराह नबीला नाम के फेसबुक यूजर की अकाउंट पर इसी घटना का अलग एंगल से शूट किया गया वीडियो मिला। यह वीडियो 13 अगस्त 2025 को साझा किया गया है। पोस्ट में बताया गया है, "पाटी रीजेंट कार्यालय के सामने बुधवार को प्रदर्शन तेज हो गया। इंडोनिशियाई समय के मुताबिक सुबह करीब 11:10 बजे, पुलिस ने रीजेंट कार्यालय के दो द्वार तोड़ने की कोशिश की गई। पुलिस ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें छोड़ीं। कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मिनरल वाटर की बोतलें और पत्थर भी फेंके। अधिकारियों का कहना है कि अराजक तत्वों ने भीड़ से ये हमला करवाया है। हालात को देखते हुए पत्रकारों ने रीजेंट कार्यालय के अंदर नहीं घुसने दिया गया। घटना के वक्त कोई बड़ा अधिकारी वहां मौजूद नहीं था। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।"

आगे की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड की मदद से सर्च किया। इस दौरान हमें zonasatu.net की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 13 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पाटी के सिम्पांग लीमा चौक पर हुए प्रदर्शन के दौरान जनता और पुलिस के बीच झड़प में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों पर मिनरल वाटर की बोतलें फेंकी। पुलिस ने पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले दागकर हालात को काबू किया।

 

पड़ताल का नतीजा

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एक महीना पहले का पाया है। वायरल वीडियो का नेपाल से कोई संंबंध नहीं है। 

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