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Hindi News ›   Fact Check ›   6-year-old video of breaking a solar panel goes viral as from Rajasthan

Fact Check: सोलर पैनल को तोड़ने का 6 साल पुराना वीडियो राजस्थान का बताकर वायरल, जानें दावे की सच्चाई

Wed, 11 Sep 2024 07:50 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Wed, 11 Sep 2024 07:50 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर सोलर पैनल को तोड़ते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो राजस्थान का है। जहां पंडितों द्वारा सोलर पैनल को तोड़ने को कहा गया था। 

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6-year-old video of breaking a solar panel goes viral as from Rajasthan
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो को कई लोग शेयर कर रहे है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक आदमी सोलर पैनल के ऊपर चढ़कर उसे तोड़ता हुआ नजर आ रहा है। एक महिला भी उसी तरह से सोलर पैनल पर हथौड़े से मारते हुए नजर आ रही है। वीडियो के राजस्थान से होने का दावा किया जा रहा है। 
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क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि कुछ पंडितों ने लोगों को ऐसा करने के लिए कहा है। क्योंकि सोलर पैनल से सूर्य देवता नाराज होते हैं। इस घटना को सांप्रदायिक तरीके से पेश किया जा रहा है। 
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शाहीन खान (@KhanGirl_4) नाम की एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “राजस्थान में एक पंडित के कहने पर सोलर को तोड़ना शुरू कर दिया.! पंडित का कहना है कि सोलर की एनर्जी से सूरज देवता को परेशानी होती है.!”
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महमूद अहमद (@MahmoodAhamd27) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “जौम्बी का शहर #राजस्थान में एक जौम्बी पंडित के कहने पर सोलर को तोड़ना शुरू कर दिया। पंडित का कहना है कि सोलर की एनर्जी से #सुरज_देवता को परेशानी होती है। ऐसे जाम्बिया की तादाद बढ़ रही है। सरकार को र्सिफ मुस्लिमों से परेशानी है।
पड़ताल 
हमने वीडियो की पड़ताल करने के लिए सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। वीडियो सर्च करने पर हमें एक यूट्यूब चैनल पर ये वीडियो दिखा। इस वीडियो को फरवरी 2018 में शेयर किया गया था। यहां से ये साफ हो गया कि वीडियो छह साल पुराना है। जिसे अभी भ्रम फैलाने के लिए शेयर किया जा रहा है। 

यूट्यूब पर इस वीडियो में कैप्शन दिया गया था “महाराष्ट्र में 100 मेगावॉट के सोलर प्लांट में मजदूरी का भुगतान न किए जाने के कारण सोलर पैनल में तोड़फोड़ की गई। सोलर प्लांट चालीसगांव में स्थित बताया जा रहा है।”

इस खबर के बारे में जानने के लिए हमने गूगल पर इस खबर के कीवर्ड से सर्च किया। हमें क्लाइमेट समुराई पर इससे जुड़ी एक खबर मिली जिसे 2018 में प्रकाशित किया गया था। इस खबर में भी बताया गया था कि महाराष्ट्र में 100 मेगावॉट के सोलर प्लांट में मजदूरी का भुगतान न किए जाने के कारण सोलर पैनल तोड़ दिए। बताया जाता है कि सोलर प्लांट चालीसगांव में स्थित है।

पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में ये साफ है वीडियो छह साल पुराना है और वीडियो राजस्थान का होने का दावा गलत है। 
 
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