{"_id":"6a0326ba7474795c0d045fad","slug":"up-highest-conviction-rate-in-crimes-against-women-nirbhaya-advocate-uttar-pradesh-policies-opinion-2026-05-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP Highest Conviction Rate In Crimes Against Women: निर्भया की वकील बोलीं- दूसरे भी लागू करें यूपी की नीतियां","category":{"title":"Events Coverage","title_hn":"इवेंट कवरेज","slug":"events-coverage"}}
UP Highest Conviction Rate In Crimes Against Women: निर्भया की वकील बोलीं- दूसरे भी लागू करें यूपी की नीतियां
Tue, 12 May 2026 06:40 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
सीमा कुशवाहा, अमर उजाला
सीमा कुशवाहा, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 12 May 2026 06:40 PM IST
विज्ञापन
योगी पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
एनसीआरबी 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 76.6 प्रतिशत का कन्विक्शन रेट (दोषसिद्धि दर) हासिल किया है। देश के बड़े राज्यों में प्रदेश ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इसको लेकर देश के चर्चित निर्भया केस की वकील और समाज सुधारक सीमा कुशवाहा ने योगी सरकार की तारीफ की है।
सीमा कुशवाहा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में अपराधियों को सजा दिलाने के मामले में सभी प्रमुख राज्यों को पीछे छोड़ने के साथ ही पूरे देश के लिए एक शानदार उदाहरण भी पेश किया है। अन्य राज्यों, विशेषकर पिछड़े राज्यों को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से सीखना चाहिए। केंद्र सरकार को भी देशभर में त्वरित न्यायालयों, डिजिटल फोरेंसिक प्रयोगशालाओं और अभियोजकों की क्षमता निर्माण जैसी योजनाओं का विस्तार करना चाहिए।
विज्ञापन
सीमा कुशवाहा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में अपराधियों को सजा दिलाने के मामले में सभी प्रमुख राज्यों को पीछे छोड़ने के साथ ही पूरे देश के लिए एक शानदार उदाहरण भी पेश किया है। अन्य राज्यों, विशेषकर पिछड़े राज्यों को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से सीखना चाहिए। केंद्र सरकार को भी देशभर में त्वरित न्यायालयों, डिजिटल फोरेंसिक प्रयोगशालाओं और अभियोजकों की क्षमता निर्माण जैसी योजनाओं का विस्तार करना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने योगी सरकार के महिला अपराधों को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की भी तारीफ की। इसमें एंटी-रोमियो स्क्वाड का गठन, त्वरित विशेष न्यायालयों की स्थापना, अभियोजन पक्ष को मजबूत करना, पुलिस की जवाबदेही बढ़ाना और अपराधियों के खिलाफ सख्त ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने का प्रमुखता से जिक्र किया गया है।