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टाइगर फायरिंग मामला: डेड लेटर बॉक्स के जरिए सोनीपत से अमृतसर और फिर मुंबई पहुंचे हथियार, जांच में बड़ा खुलासा
Wed, 21 Oct 2026 12:16 PM IST
राजश्री वर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: राजश्री वर्मा
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:16 PM IST
सार
Tiger Shroff Firing Case Update: अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच को हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़ी नई जानकारी मिली है।
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टाइगर श्रॉफ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में एक नया अपडेट सामने आया है। दरअसल, इस वारदात को अंजाम देने के लिए जिस पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था, उसे सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़ी नई जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने पंजाब के अमृतसर में पहले से तय एक जगह से हथियार उठाए थे। इसके लिए 'डेड लेटर बॉक्स' नाम के तरीके का इस्तेमाल किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, दो आरोपी कुणाल और सुमित करीब दो हफ्ते पहले हथियार लेने अमृतसर गए थे। उन्हें हथियार रखे होने की जगह के बारे में अनिल पंडित ने पहले ही बता दिया था। अनिल पंडित एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कुणाल के संपर्क में था।
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सूत्रों के मुताबिक, दो आरोपी कुणाल और सुमित करीब दो हफ्ते पहले हथियार लेने अमृतसर गए थे। उन्हें हथियार रखे होने की जगह के बारे में अनिल पंडित ने पहले ही बता दिया था। अनिल पंडित एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कुणाल के संपर्क में था।
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टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या है डेड लेटर बॉक्स का तरीका?
डेड लेटर बॉक्स एक ऐसा तरीका है, जिसमें किसी सामान को पहले से तय जगह पर रख दिया जाता है। इसके बाद दूसरा व्यक्ति वहां पहुंचकर सामान उठा लेता है। इस दौरान सामान रखने और लेने वाले लोगों को एक-दूसरे से मिलने की जरूरत नहीं होती। सूत्रों के मुताबिक, कुणाल और सुमित को भी यह नहीं पता था कि अमृतसर में हथियार किसने रखे थे।
सूत्रों ने बताया कि अनिल पंडित ने इस काम के लिए आरोपियों को करीब 70 से 80 हजार रुपए दिए थे। इनमें से करीब 10 से 12 हजार रुपए दो महिलाओं बबीता और राधा को दिए गए थे। इन दोनों महिलाओं को हथियार मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
डेड लेटर बॉक्स एक ऐसा तरीका है, जिसमें किसी सामान को पहले से तय जगह पर रख दिया जाता है। इसके बाद दूसरा व्यक्ति वहां पहुंचकर सामान उठा लेता है। इस दौरान सामान रखने और लेने वाले लोगों को एक-दूसरे से मिलने की जरूरत नहीं होती। सूत्रों के मुताबिक, कुणाल और सुमित को भी यह नहीं पता था कि अमृतसर में हथियार किसने रखे थे।
सूत्रों ने बताया कि अनिल पंडित ने इस काम के लिए आरोपियों को करीब 70 से 80 हजार रुपए दिए थे। इनमें से करीब 10 से 12 हजार रुपए दो महिलाओं बबीता और राधा को दिए गए थे। इन दोनों महिलाओं को हथियार मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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टाइगर फायरिंग मामले के आरोपी
- फोटो : सोशल मीडिया
जुलाई में जेल से बाहर आया था कुणाल
कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद उसके एक दोस्त ने उसकी मुलाकात अनिल पंडित से कराई थी। इसके बाद दोनों एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत करने लगे थे।
करीब दो हफ्ते पहले अनिल पंडित ने कुणाल को अमृतसर से हथियार लेने और उन्हें मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी। जांचकर्ताओं को शक है कि कुणाल ने हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड राधा की मदद ली थी। राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुणाल की मुलाकात राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी। कुणाल के कहने पर ही राधा, बबीता के साथ मुंबई गई थी।
कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद उसके एक दोस्त ने उसकी मुलाकात अनिल पंडित से कराई थी। इसके बाद दोनों एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत करने लगे थे।
करीब दो हफ्ते पहले अनिल पंडित ने कुणाल को अमृतसर से हथियार लेने और उन्हें मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी। जांचकर्ताओं को शक है कि कुणाल ने हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड राधा की मदद ली थी। राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुणाल की मुलाकात राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी। कुणाल के कहने पर ही राधा, बबीता के साथ मुंबई गई थी।
फुटबॉल ग्राउंड में टाइगर श्रॉफ
- फोटो : X
कब हुई टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग
- अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्तूबर को मुंबई के जुहू इलाके में शाम करीब 7 बजे फायरिंग हुई।
- जब अभिनेता फुटबॉल क्लब से निकलकर अपने घर की तरफ जा रहे थे।
- इस घटना में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आई थीं।
- अब इस मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।
- बुधवार को इस मामले में गिरफ्तार तीन मुख्य आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया।
- मेडिकल जांच के बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के ऑफिस ले जाया गया।
- इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।