Mr & Mrs Smith Web Series Review: न तुम हमें जानो, न हम तुम्हें जानें, मगर लगता है कुछ ऐसा मेरा हमदम मिल गया..
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जॉन स्मिथ और जेन स्मिथ, जासूसी कहानियों के दो चिरपरिचित नाम हैं। अलग अलग कालखंडों में इन नामों को लेकर हॉलीवुड में टीवी सीरीज, फिल्में और कहानियां बनती रही हैं। लेकिन, बड़े परदे पर 2005 में रिलीज हुई फिल्म ‘मिस्टर एंड मिसेज स्मिथ’ का ही संदर्भ लें तो इसमें ब्रैड पिट और एजेंलीना जोली की जोड़ी ने खूब धमाल किया था। इन सारी कहानियों का डीएनए एक जैसा है। एक बेहद गठीला नौजवान और एक बहुत ही खूबसूरत युवती, दोनों एक दूसरे के अतीत से, व्यक्तित्व से, कृतित्व से अनजान, बस यूं ही मिल जाते हैं। दोनों को जो परिस्थितियां साथ लाती हैं, वे उन्हें गुमनाम कंपनी के लिए ऐसे मिशन को अंजाम देने का काम दिलाती हैं जिसमें हर समय जान जोखिम में रहती है। अमेजन प्राइम वीडियो की वेब सीरीज ‘मिस्टर एंड मिसेज स्मिथ’ इसी पुरानी थीम को एक नए कलेवर में पेश करती है।
किरदार वही, सोच नई
वेब सीरीज ‘मिस्टर एंड मिसेज स्मिथ’ की कहानी इस मायने में अलग ढंग से सामने आती है कि इसमें जॉन और जेन दोनों एक गुमनाम कंपनी तक काम की तलाश में पहुंचते हैं। दोनों को एक दंपती के रूप में शहर में रहने को आलीशान घर मिलता है और उनके मिशन उन्हें चैट के जरिये हासिल होते हैं। हाय हाय, संबोधन से शुरू होने वाली इन चैट में मिशन के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया जाता। बस, एक निर्देश मिलता है। एक पता मिलता है और दोनों निकल पड़ते हैं अपने मिशन पर। वेब सीरीज ‘मिस्टर एंड मिसेज स्मिथ’ के हर एपिसोड में एक नई कहानी है। इन कहानियों के तार जोड़ने का काम करता है दोनों किरदारों के बीच पनप रहा व्यक्तिगत रिश्ता।
जासूसी से जुड़ते जिस्मानी रिश्ते
जॉन और जेन स्मिथ के ये दोनो किरदार काल्पनिक हैं। दोनों को एक दूसरे के बारे मे ज्यादा कुछ पता नहीं होता लेकिन दुनिया के सामने दोनों को एक दंपती के रूप में नजर आना है। वेब सीरीज ‘मिस्टर एंड मिसेज स्मिथ’ के शुरू में ही ये स्थापित हो जाता है कि मामला यहां सिर्फ जल्दी से जल्दी रईस होने का है। लेकिन, एक ही छत के नीचे रह रहे दो जवां दिल ज्यादा दिनों तक अपनी शराफत संभाल नहीं पाते हैं। एक्शन के बीच इमोशन आते हैं और दोनों के न सिर्फ दिल करीब आते हैं, बल्कि जिस्मानी सीमाएं भी दोनों की जल्द ही टूट जाती हैं। पूरी सीरीज की कहानी इस तरह बुनी गई है कि इसका तनाव इन रिश्तों के वजह से ही पनपता जाता है। कहानी में दो दूसरे जेन और जॉन भी आते हैं। दोनों पति पत्नी तो नहीं हैं लेकिन जॉन के घर खरीदने के फैसले के बाद जेन का आत्मसम्मान वैसे ही चोटिल होता है जैसे कि किसी पत्नी का तब होता है जब पति बिना उसे बताए कोई बड़ा फैसला कर ले।
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संवेदनाओं में बुनी जासूसी कहानियां
वेब सीरीज ‘मिस्टर एंड मिसेज स्मिथ’ देखा जाए तो एक एक्शन स्पाई सीरीज से ज्यादा एक इमोशनल स्पाई सीरीज है। इसमें जासूसी कारनामों पर जोर कम और जेन व जॉन के निजी रिश्तों के धीरे धीरे पनपने पर ज्यादा है। पांचवें एपिसोड के आते आते ये आपसी समझ दरकने भी लगती है जब कंपनी जेन को प्रोन्नत करने का ऑफर देती है और ये भी पूछती है कि क्या वह एक नए जॉन के लिए तैयार है! आठ एपिसोड की इस सीरीज का उनवान यहीं से शुरू होता है। इसके पहले की सीरीज देखने के लिए धैर्य भी चाहिए और समय भी। शुरू के दो एपिसोड में दोनों के किरदार खुद को स्थापित करने का समय लेते हैं और फिर अगले दो एपिसोड में ये कहानी का रंगमंच तैयार करते हैं। इसके बाद कहानी अपना असली रंग दिखाना शुरू करती है।
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डोनाल्ड और माया की रंग जमाती जोड़ी
चूंकि वेब सीरीज ‘मिस्टर एंड मिसेज स्मिथ’ को एपिसोडिक कहानियों के हिसाब से रचा गया है लिहाजा हर एपिसोड में नए नए कलाकार आते रहते हैं। ये सीरीज के लिए अच्छा भी है और नुकसानदायक भी। आमतौर पर जासूसी सीरीज में कहानी का सस्पेंस एपिसोड दर एपिसोड बढ़ता है औऱ दर्शक खुद को कहानी के साथ जोड़ता चलता है। लेकिन, एपिसोडिक सीरीज का नुकसान ये है कि दर्शक इसके साथ निवेश किए गए अपने समय के बदले उतना संतोष नहीं पा पाता है जितनी की उम्मीद उसे ऐसी सीरीज से होती है। काफी उथल पुथल के बाद तैयार हुई वेब सीरीज ‘मिस्टर एंड मिसेज स्मिथ’ अपनी शुरुआती खामियों के बावजूद इस हफ्ते बिंज वॉच करने के लिए बेहतर सीरीज है। जेन के किरदार में माया एरस्काइन और जॉन के किरदार में डोनाल्ड ग्लोवर ने उम्मीद की ये किरण भी जगाई है कि फिरंगी जासूस हर बार गोरा चिट्टा जेम्स बॉन्ड सरीखा हो ये जरूरी नहीं है। डोनाल्ड का अभिनय इस सीरीज का सबसे आकर्षक पहलू है और माया ने उनका साथ बहुत ही सटीक अंदाज और मोहक अदाओं के साथ दिया है।
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