फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Movie Reviews ›   Main Atal Hoon Review in Hindi by Pankaj Shukla Atal Bihari Vajpayee Pankaj Tripathi Ekta Kaul Ravi Jadhav

Main Atal Hoon Review: पंकज त्रिपाठी के अभिनय का उत्कर्ष, संघ के समर्पित कार्यकर्ता की भावुक प्रेममयी कहानी

Thu, 18 Jan 2024 03:30 PM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Thu, 18 Jan 2024 03:30 PM IST
विज्ञापन
Main Atal Hoon Review in Hindi by Pankaj Shukla Atal Bihari Vajpayee Pankaj Tripathi Ekta Kaul Ravi Jadhav
'मैं अटल हूं' रिव्यू - फोटो : अमर उजाला
Movie Review
मैं अटल हूं
कलाकार
पंकज त्रिपाठी , एकता कौल , पीयूष मिश्रा , पायल नायर , दया शंकर पांडे , प्रमोद पाठक और पॉला मैकग्लिन आदि
लेखक
रवि जाधव और ऋषि विरमानी
निर्देशक
रवि जाधव
निर्माता
विनोद भानुशाली
रिलीज:
19 जनवरी 2024
रेटिंग
4/5

जीवनी किसी की भी हो, वह दूसरे को बस दो वजहों से आकर्षित करती है। एक उसकी शख्सियत का शुक्ल पक्ष और दूसरा पक्ष वो जिसके बारे में उसके जीते जी ज्यादा बातें नहीं हो सकीं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को चाहने वाले देश में करोड़ों की तादाद में हैं। उनको प्रधानमंत्री बनते देखना एक पूरी पीढ़ी का जिया ऐसा सुख रहा है जिसके बारे में बताने के लिए शायद सही शब्द तलाशना मुश्किल हो। एक वोट से जब वाजपेयी की सरकार गिरी, उस दिन दूरदर्शन की टीआरपी ने संसद से सीधे प्रसारण के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया था। जिस तेवर के साथ वाजपेयी ने कहा, ‘मैं जा रहा हूं राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपने...!’ वह छवि उनके प्रशंसकों और विरोधियों दोनों के मन में अंकित है। उस छवि में अब पंकज त्रिपाठी को रखकर देखिए। ‘ओएमजी 2’ वाले पंकज त्रिपाठी। वो पंकज त्रिपाठी जो अपने भीतर के कलाकार के नवोन्मेष के लिए मेहनत करने को तैयार हैं, जोखिम लेने को तैयार हैं।

विज्ञापन

Main Atal Hoon Review in Hindi by Pankaj Shukla Atal Bihari Vajpayee Pankaj Tripathi Ekta Kaul Ravi Jadhav
'मैं अटल हूं' रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अटला के अटल बिहारी वाजपेयी बनने की कहानी

फिल्म ‘मैं अटल हूं’ सिर्फ दो घंटे 20 मिनट की फिल्म है। इस लिहाज से चुनौती इसके निर्देशक रवि जाधव के सामने इस बात की रही कि वाजपेयी के जीवन का इसमें कौन सा अध्याय शामिल करें और कौन सा नहीं? कहानी वहां से शुरू होती है जहां अटल को उनके घर वाले अटला कहकर बुलाते हैं। पिता लोगों की आंखों में आंखें डालकर बात करने की सीख देते हैं और साथ में पढ़ने कानपुर तक चले आते हैं। वाजपेयी का संघ प्रेम यहीं पूरी तरह परिलक्षित होता है। पिता की आज्ञा लेकर वह देशसेवा के लिए निकलते हैं। इंदिरा की इमरजेंसी से दो चार होते हैं, राजनीतिक भंवरों से पार पाते हैं और आखिरकार देश के प्रधानमंत्री बनने में कामयाब होते हैं। भाजपा के मुंबई अधिवेशन में बिना उनसे पूछे आडवाणी जब वाजपेयी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित करते हैं, तो फिल्म भावुकता के चरम पर होती है। भावुकता की एक बयार फिल्म में वाजपेयी और राजकुमारी की प्रेम कहानी भी है। अगर सिर्फ इसी एक अंतर्कथा पर कोई अलग से फिल्म बने तो ये एक विलक्षण प्रेम कहानी नई पीढ़ी के सबक के तौर पर बन सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Main Atal Hoon Review in Hindi by Pankaj Shukla Atal Bihari Vajpayee Pankaj Tripathi Ekta Kaul Ravi Jadhav
'मैं अटल हूं' रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

वाजपेयी का स्तुति गान नहीं
अटल बिहारी वाजपेयी की दिल को छू लेने वाली कविताएं, उनका ओजस्वी भाषण और विपक्ष को अपने मजाकिया अंदाज से ढेर कर देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री की ये बायोपिक उनका स्तुति गान नहीं है। फिल्म निर्माता विनोद भानुशाली ने इसे एक तटस्थ फिल्मकार के रूप में बनाने की कोशिश की है। और, इसमें कमोबेश वह सफल भी रहे हैं। फिल्म के लिए रवि जाधव का बतौर निर्देशक चुनाव उनका महत्वपूर्ण फैसला रहा और उससे पहले पंकज त्रिपाठी को वाजपेयी के रोल मे चुनना उससे अहम सोच। फिल्म ‘मैं अटल हूं’ पूरी तरह से पंकज त्रिपाठी की फिल्म है। पूरी फिल्म को लिखा भी रवि और ऋषि ने इसी अंदाज में है कि कथानक का केंद्र बिंदु उन्हीं का किरदार बना रहता है। फिल्म कारगिल युद्ध और वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में हुए परमाणु परीक्षण तक आकर थम जाती है। गुंजाइश इसकी सीक्वल बनने की इसके बाद नजर आती है, लेकिन मुझे लगता है कि इस अध्याय को यहीं विराम दे देना चाहिए।

विज्ञापन

Main Atal Hoon Review in Hindi by Pankaj Shukla Atal Bihari Vajpayee Pankaj Tripathi Ekta Kaul Ravi Jadhav
'मैं अटल हूं' रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

पंकज त्रिपाठी के अभिनय का उत्कर्ष
फिल्म ‘मैं अटल हूं’ में पंकज त्रिपाठी ने अपनी पूरी जान एक ऐसे किरदार को निभाने में लगा दी है जिसे इस देश के लोगों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रेम किया। वाजपेयी जैसे हाव भाव, हस्त मुद्राएं और आंखों को मींचकर पंच लाइन बोलने के उनके अंदाज को पंकज ने काफी कुछ कैमरे के सामने उतारा है। अच्छी बात यहां ये है कि वह वाजपेयी बनने की कोशिश नहीं करते। वह अभिनेता पंकज त्रिपाठी के रूप में ही वाजपेयी दिखने लगते हैं। और, एक बार किरदार की लय पकड़ने के बाद फिर पूरी फिल्म में फिर पंकज त्रिपाठी नहीं दिखते। यही उनके अभिनय का उत्कर्ष है। कॉलेज के दिनों के दृश्यों में पंकज ने वाजपेयी की आकर्षक छवियां प्रस्तुत की हैं। वोट मांगने के उनके इसी अंदाज पर कॉलेज की छात्रा राजकुमारी मोहित होती है। किताब में प्रेम पत्र रखकर बढ़ाने की उनकी अदा भी कातिलाना है। फिल्म ‘मैं अटल हूं’ में पंकज त्रिपाठी के सामने चुनौती एक ऐसा किरदार निभाने की भी रही है जो हिंदी व्याकरण का ज्ञाता है। बिहार की अपनी पृष्ठभूमि के चलते पंकज को कर्ता, कर्म और क्रिया के समन्वय में इसके संवाद बोलते समय दिक्कत जरूर आई होगी, लेकिन तारीफ करनी चाहिए उनके हुनर और हौसले की कि वह अपनी इस अग्निपरीक्षा में सफल रहे।

Main Atal Hoon Review in Hindi by Pankaj Shukla Atal Bihari Vajpayee Pankaj Tripathi Ekta Kaul Ravi Jadhav
'मैं अटल हूं' रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

रवि जाधव का संतुलित निर्देशन
पंकज त्रिपाठी को उनके इस किरदार में पेश करने का काम निर्देशक रवि जाधव को मिला है। रवि ने मराठी सिनेमा में अच्छा काम किया है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने के बाद की जो छवि किसी निर्देशक की हो जाती है, उस पर खरा उतरने की कोशिश वह करते दिखते हैं। पीयूष मिश्रा यहां वाजपेयी के पिता के किरदार में फिट नहीं होते हैं लेकिन वह उनसे भी अभिनय करा ले जाते हैं और यहीं रवि की काबिलियत का पहला प्रमाण मिलता है। डोरी वाली ढोलक की बजाय नट बोल्ट वाली ढोलक इस्तेमाल करके हालांकि फिल्म के प्रोडक्शन डिजाइन विभाग ने अपनी कमजोरी फिल्म में दिखाई है लेकिन फिल्म के सिनेमैटोग्राफर लॉरेंस डिकुन्हा ने इसके कालखंड को बाकी जगह संभाले रखा है। बारिश में अटल का अपना छाता राजकुमारी को देना और खुद भीगते रहने वाला दृश्य भी उन्होंने कमाल का रचा है। फिल्म का संगीत अलग अलग गीतकारों और संगीतकारों ने तैयार किया है लेकिन इसके सारे गीतों में जो गीत सबसे ज्यादा मर्मस्पर्शी बन पड़ा है, वह ‘अनकहा’ है।  

Main Atal Hoon Review in Hindi by Pankaj Shukla Atal Bihari Vajpayee Pankaj Tripathi Ekta Kaul Ravi Jadhav
'मै अटल हूं' रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

राजकुमारी बनकर दमकीं एकता कौल
फिल्म में साथी कलाकारों की एक लंबी फेहरिस्त है। इसके कास्टिंग डायरेक्टर ने भी किरदारों के हिसाब से कलाकार तलाशने में मेहनत काफी की है। आडवाणी और सुषमा स्वराज को निभाने वाले कलाकार जो किरदार निभा रहे हैं, उनके नाम लेने पर ही वह पहचान में आते हैं, ये कास्टिंग की कमजोरी है। लेकिन, पूरी फिल्म में जिस एक कलाकार का चयन पंकज त्रिपाठी के बाद बिल्कुल सटीक रहा है वह हैं अभिनेत्री एकता कौल। अटल की पहली और अंतिम प्रेमिका राजकुमारी के किरदार में एकता ने जहां मोहब्बत की बारिश में भीगने का मौका दर्शकों को दिया है, वहीं किसी और के हो जाने के बाद अपने प्रेमी से मिलने पर जिस संयम, शालीनता और सहजता की जरूरत इस किरदार में थी, उसे भी एकता कौल ने बहुत सुंदरता से जिया है। फिल्म में दर्शकों के लिए उनका किरदार किसी सरप्राइज की तरह आता है और फिल्म खत्म होने के बाद पंकज त्रिपाठी के अभिनय के अलावा कुछ और याद रह जाता है तो वह एकता कौल ही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed