Makarand Deshpande: जब पता चला कि इस फिल्म के हीरो आमिर हैं तो मकरंद देशपांडे की छूट गई हंसी, जानिए क्यों?
Makarand Deshpande: आमिर खान ने साल 1988 में फिल्म 'कयामत से कयामत' तक से इंडस्ट्री में कदम रखे। फिल्म में मकरंद देशपांडे भी नजर आए। हाल ही में उन्होंने फिल्म से जुड़ी एक मजेदार घटना का जिक्र किया है।
विस्तार
अभिनेता आमिर खान ने फिल्म 'कयामत से कयामत तक' से बॉलीवुड डेब्यू किया। इस फिल्म में मकरंद देशपांडे भी नजर आए। उन्हें जब मालूम हुआ कि आमिर खान फिल्म के लीड हीरो हैं तो अचानक उनकी हंसी छूट गई। वे आमिर खान को देखकर जोर-जोर से हंसने लगे। इसका खुलासा हाल ही में मकरंद देशपांडे ने किया है।
मकरंद देशपांडे नहीं रोक पाए हंसी
आमिर खान ने अपने चाचा नासिर हुसैन की फिल्म 'कयामत से कयामत तक' (1988) में मुख्य अभिनेता अपनी अभिनय पारी शुरू की। इसी फिल्म में एक्टर मकरंद देशपांडे भी थे, जिन्होंने पहले थिएटर प्रोडक्शन में काम किया था, जहां आमिर ने बैकस्टेज काम किया था। जब उन्हें पता चला कि आमिर मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, तो देशपांडे अपनी हंसी नहीं रोक पाए। मकरंद देशपांडे ने हाल ही में कुनिका सदानंद के साथ इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया।
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बोले- 'मेरे लिए सरप्राइज था'
मकरंद ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इसलिए नहीं हंसे कि आमिर खान को कमतर आंक रहे थे, बल्कि वे बिल्कुल हैरान हो गए थे। अभिनेता ने कहा कि आमिर खान बहुत कम उपस्थित रहते। फिर उन्हें जब मालूम हुआ कि फिल्म के लीड हीरो वे हैं तो यह उनके लिए सरप्राइज था, जिस पर उन्हें हंसी आ गई। मकरंद देशपांडे ने यह भी कहा कि आमिर खान को 'कयामत से कयामत' तक में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया था। तब आमिर बैकस्टेज काम कर रहे थे, जबकि देशपांडे खुद थिएटर में मुख्य भूमिकाएं निभा रहे थे।
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'कभी हीरो के रूप में नहीं सोचा'
मकरंद देशपांडे के मुताबिक नासिर हुसैन से मिलने के दौरान वे आमिर खान से मिले और उनसे फिल्म में उनकी भूमिका के बारे में पूछा। इस दौरान ही आमिर खान ने खुलासा किया कि वे लीड होरी हैं। और जानकर मकरंद देशपांडे की हंसी छूट गई। मकरंद देशपांडे ने आगे बताया कि उनके रिएक्शन का मतलब आमिर को नीचा दिखाना नहीं था, बल्कि यह जानकर हंसी आई कि आमिर हमेशा इतने ईमानदार और शांत स्वभाव के रहे उन्होंने कभी उन्हें हीरो के रूप में नहीं सोचा था।