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‘दृश्यम’ के इस अभिनेता को चप्पल से मारना चाहती थी महिला, पत्नी ने बड़ी मुश्किल से बचाया; जानें क्या था मामला
सार
Kamlesh Sawant Interview: 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी में इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार दर्शकों को हमेशा याद रहेगा। इस रोल को निभाने वाले अभिनेता कमलेश सावंत ने फिल्म से जुड़ा एक मजाकिया किस्सा साझा किया। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कई खास बातें साझा कीं।
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कमलेश सावंत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
‘दृश्यम’ में इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार निभाने वाले कमलेश सावंत को दर्शकों के गुस्से का सामना करना पड़ा। एक महिला ने तो उन्हें चप्पल से मारने तक की बात कह दी। अमर उजाला से बातचीत में कमलेश ने बताया कि उन्हें गायतोंडे का किरदार कैसे मिला, फिल्म के बाद दर्शकों ने कैसी प्रतिक्रिया दी और इस किरदार ने उनके करियर को कितना फायदा पहुंचाया।
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कमलेश सावंत
- फोटो : Instagram @kamleshsawant
‘मैंने ऑडिशन दिया था, मुझे नहीं लगा था कि चुन लिया जाऊंगा’
कमलेश सावंत निर्देशक निशिकांत कामत के साथ पहले भी काम कर चुके थे। ‘दृश्यम’ के लिए लुक टेस्ट देने के करीब 12 दिन बाद उन्हें चुने जाने की खबर मिली। वह बताते हैं, ‘निशिकांत कामत सर ने मुझे अपने कई प्रोजेक्ट में बुलाया था। उन्हें पता था कि मैं क्या कर सकता हूं और मेरी ताकत क्या है। ‘दृश्यम’ के लिए फोन आया कि लुक टेस्ट के लिए आना है। मैंने कहा कि मुझे दो दिन दीजिए, क्योंकि पहले अपने प्रोड्यूसर से बात करनी थी। मैं ऑडिशन देने गया था। मुझे लगा कि इसके बाद तय होगा कि रोल मिलेगा या नहीं। लुक टेस्ट के करीब 12 दिन बाद फोन आया कि कमलेश जी, आप चुन लिए गए हैं। मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी।’
कमलेश सावंत निर्देशक निशिकांत कामत के साथ पहले भी काम कर चुके थे। ‘दृश्यम’ के लिए लुक टेस्ट देने के करीब 12 दिन बाद उन्हें चुने जाने की खबर मिली। वह बताते हैं, ‘निशिकांत कामत सर ने मुझे अपने कई प्रोजेक्ट में बुलाया था। उन्हें पता था कि मैं क्या कर सकता हूं और मेरी ताकत क्या है। ‘दृश्यम’ के लिए फोन आया कि लुक टेस्ट के लिए आना है। मैंने कहा कि मुझे दो दिन दीजिए, क्योंकि पहले अपने प्रोड्यूसर से बात करनी थी। मैं ऑडिशन देने गया था। मुझे लगा कि इसके बाद तय होगा कि रोल मिलेगा या नहीं। लुक टेस्ट के करीब 12 दिन बाद फोन आया कि कमलेश जी, आप चुन लिए गए हैं। मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी।’
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कमलेश सावंत
- फोटो : Instagram @kamleshsawant
‘290 पन्नों की स्क्रिप्ट थी, मैंने गायतोंडे वाले हिस्से पढ़े’
कमलेश बताते हैं कि शूटिंग से ठीक पहले उन्हें करीब 290 पन्नों की स्क्रिप्ट मिली थी। अगले दिन शूटिंग थी, इसलिए उन्होंने अपने किरदार के हिस्से पढ़े। वह कहते हैं, ‘मुझे शूटिंग से दो दिन पहले बुलाया गया था। स्क्रिप्ट आई तो करीब 290 पन्नों की थी और अगले दिन शूटिंग करनी थी। मैंने सोचा कि इतनी बड़ी स्क्रिप्ट एक रात में कैसे पढ़ूंगा। फिर मैंने गायतोंडे के सीन निकाले और करीब 90 पन्ने पढ़े। थिएटर में अपने गुरु विजय लक्ष्मण खानोलकर के साथ मैंने बहुत काम किया था। वहां निर्देशन, कंटिन्यूटी और दूसरे डिपार्टमेंट को भी समझने का मौका मिला। इसलिए सीन पढ़ते वक्त मुझे सामने वाले कलाकार के संवाद और सीन की जरूरत समझने में मदद मिली।’
कमलेश बताते हैं कि शूटिंग से ठीक पहले उन्हें करीब 290 पन्नों की स्क्रिप्ट मिली थी। अगले दिन शूटिंग थी, इसलिए उन्होंने अपने किरदार के हिस्से पढ़े। वह कहते हैं, ‘मुझे शूटिंग से दो दिन पहले बुलाया गया था। स्क्रिप्ट आई तो करीब 290 पन्नों की थी और अगले दिन शूटिंग करनी थी। मैंने सोचा कि इतनी बड़ी स्क्रिप्ट एक रात में कैसे पढ़ूंगा। फिर मैंने गायतोंडे के सीन निकाले और करीब 90 पन्ने पढ़े। थिएटर में अपने गुरु विजय लक्ष्मण खानोलकर के साथ मैंने बहुत काम किया था। वहां निर्देशन, कंटिन्यूटी और दूसरे डिपार्टमेंट को भी समझने का मौका मिला। इसलिए सीन पढ़ते वक्त मुझे सामने वाले कलाकार के संवाद और सीन की जरूरत समझने में मदद मिली।’
कमलेश सावंत
- फोटो : सोशल मीडिया
‘एक महिला ने कहा, चप्पल से मुंह फोड़ना चाहती हूं’
‘दृश्यम’ रिलीज होने के बाद कमलेश को गायतोंडे के किरदार के लिए लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी। एक महिला ने उनसे चप्पल से मारने तक की बात कही। उस वक्त उनकी पत्नी ने समझाया कि लोग उनसे नहीं, उनके किरदार से नाराज हैं। कमलेश बताते हैं, ‘फिल्म के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक महिला ने तो मेरे सामने कहा कि वह चप्पल से मेरा मुंह फोड़ना चाहती है। मैं डर गया था। मैंने सोचा कि कोई मेरे ऊपर थूक देगा तो जिंदगी भर याद रहेगा। मैंने ड्राइवर से कहा कि चलो यहां से निकलते हैं। तब मेरी पत्नी ने समझाया कि लोग कमलेश को गाली नहीं दे रहे हैं, गायतोंडे को दे रहे हैं। अगर लोग किरदार से इतनी नफरत कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपने उसे निभाने की कोशिश सही की है। उसकी बात सुनकर मुझे समझ आया कि दर्शकों की नाराजगी असल में किरदार के लिए है।’
‘दृश्यम’ रिलीज होने के बाद कमलेश को गायतोंडे के किरदार के लिए लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी। एक महिला ने उनसे चप्पल से मारने तक की बात कही। उस वक्त उनकी पत्नी ने समझाया कि लोग उनसे नहीं, उनके किरदार से नाराज हैं। कमलेश बताते हैं, ‘फिल्म के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक महिला ने तो मेरे सामने कहा कि वह चप्पल से मेरा मुंह फोड़ना चाहती है। मैं डर गया था। मैंने सोचा कि कोई मेरे ऊपर थूक देगा तो जिंदगी भर याद रहेगा। मैंने ड्राइवर से कहा कि चलो यहां से निकलते हैं। तब मेरी पत्नी ने समझाया कि लोग कमलेश को गाली नहीं दे रहे हैं, गायतोंडे को दे रहे हैं। अगर लोग किरदार से इतनी नफरत कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपने उसे निभाने की कोशिश सही की है। उसकी बात सुनकर मुझे समझ आया कि दर्शकों की नाराजगी असल में किरदार के लिए है।’
कमलेश सावंत
- फोटो : सोशल मीडिया
‘दो साल की बच्ची ने मैसेज किया कि आप बच्चों को नहीं मार सकते’
गायतोंडे के किरदार में बच्चों के साथ सख्ती दिखाने वाले सीन देखकर एक छोटी बच्ची ने भी कमलेश को मैसेज किया था। उसे यकीन था कि कमलेश असल जिंदगी में बच्चों के साथ ऐसा नहीं कर सकते। कमलेश कहते हैं, ‘मैं बच्चों के साथ खेलना पसंद करता हूं। चॉल में भी एक छोटी बच्ची थी, जो मेरे साथ खेलती थी। वह करीब दो साल की थी। उसने अपने पिता के फोन से मेरे लिए मैसेज किया कि स्वरा के पापा ऐसे नहीं हैं, वह बच्चों को मार नहीं सकते। उन्हें गलत दिखाया गया है, वह बच्चों से प्यार करते हैं। यह पढ़कर मेरी आंखों में आंसू आ गए। एक छोटी बच्ची भी मुझे मेरे किरदार से अलग समझ रही थी। इससे मुझे एहसास हुआ कि पर्दे पर जो दिखता है, दर्शक उसे कितनी गंभीरता से लेते हैं।’ बता दें, स्वरा कमलेश सावंत की असल जिंदगी की बेटी हैं।
गायतोंडे के किरदार में बच्चों के साथ सख्ती दिखाने वाले सीन देखकर एक छोटी बच्ची ने भी कमलेश को मैसेज किया था। उसे यकीन था कि कमलेश असल जिंदगी में बच्चों के साथ ऐसा नहीं कर सकते। कमलेश कहते हैं, ‘मैं बच्चों के साथ खेलना पसंद करता हूं। चॉल में भी एक छोटी बच्ची थी, जो मेरे साथ खेलती थी। वह करीब दो साल की थी। उसने अपने पिता के फोन से मेरे लिए मैसेज किया कि स्वरा के पापा ऐसे नहीं हैं, वह बच्चों को मार नहीं सकते। उन्हें गलत दिखाया गया है, वह बच्चों से प्यार करते हैं। यह पढ़कर मेरी आंखों में आंसू आ गए। एक छोटी बच्ची भी मुझे मेरे किरदार से अलग समझ रही थी। इससे मुझे एहसास हुआ कि पर्दे पर जो दिखता है, दर्शक उसे कितनी गंभीरता से लेते हैं।’ बता दें, स्वरा कमलेश सावंत की असल जिंदगी की बेटी हैं।
कमलेश सावंत
- फोटो : सोशल मीडिया
‘अनु के साथ सीन के बाद बच्चों से माफी मांगता था’
फिल्म में अनु सालगांवकर का किरदार निभाने वाली मृणाल जाधव के साथ सख्त सीन करना भी कमलेश के लिए आसान नहीं था। वह बताते हैं, ‘अनु के साथ एक सीन में उसे बार-बार गिरना पड़ा। उसने करीब पांच बार शॉट दिया और पूरा सहयोग किया। मैं ऐसे सीन के बाद बच्चों से माफी मांगता था। गायतोंडे के किरदार में मुझे सख्ती दिखानी थी, लेकिन सामने बच्ची थी। मेरे लिए यह जरूरी था कि वह समझे कि मैं सिर्फ किरदार निभा रहा हूं। असल जिंदगी में मैं बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करता।’
‘दृश्यम’ ने मेरी कीमत बढ़ाई, अब मेहनताने पर बात कर सकता हूं’
कमलेश का कहना है कि ‘दृश्यम’ ने उन्हें गायतोंडे के नाम से पहचान दिलाई। इसका फायदा उन्हें काम और मेहनताने के मामले में भी मिला। वह कहते हैं, ‘काम तो पहले भी मिल रहा था, लेकिन ‘दृश्यम’ ने मेरी कीमत बढ़ाई। अब मैं अपनी बात रख सकता हूं और अपने काम के लिए ज्यादा मेहनताना मांग सकता हूं। इंडस्ट्री मुझे काम देगी, लेकिन दर्शकों की वजह से मेरी पहचान बढ़ी है। मेरे काम को लोग याद रखते हैं, यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है।’
फिल्म में अनु सालगांवकर का किरदार निभाने वाली मृणाल जाधव के साथ सख्त सीन करना भी कमलेश के लिए आसान नहीं था। वह बताते हैं, ‘अनु के साथ एक सीन में उसे बार-बार गिरना पड़ा। उसने करीब पांच बार शॉट दिया और पूरा सहयोग किया। मैं ऐसे सीन के बाद बच्चों से माफी मांगता था। गायतोंडे के किरदार में मुझे सख्ती दिखानी थी, लेकिन सामने बच्ची थी। मेरे लिए यह जरूरी था कि वह समझे कि मैं सिर्फ किरदार निभा रहा हूं। असल जिंदगी में मैं बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करता।’
‘दृश्यम’ ने मेरी कीमत बढ़ाई, अब मेहनताने पर बात कर सकता हूं’
कमलेश का कहना है कि ‘दृश्यम’ ने उन्हें गायतोंडे के नाम से पहचान दिलाई। इसका फायदा उन्हें काम और मेहनताने के मामले में भी मिला। वह कहते हैं, ‘काम तो पहले भी मिल रहा था, लेकिन ‘दृश्यम’ ने मेरी कीमत बढ़ाई। अब मैं अपनी बात रख सकता हूं और अपने काम के लिए ज्यादा मेहनताना मांग सकता हूं। इंडस्ट्री मुझे काम देगी, लेकिन दर्शकों की वजह से मेरी पहचान बढ़ी है। मेरे काम को लोग याद रखते हैं, यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है।’