{"_id":"5d9efacf8ebc3e93d229109a","slug":"yaariyan-fame-himansh-kohli-rejected-in-250-auditions-for-bollywood-he-gone-depression","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"250 ऑडिशन्स में रिजेक्ट हुए थे हिमांश, संघर्ष के दिनों में ऐसी हो गई थी हालत","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
250 ऑडिशन्स में रिजेक्ट हुए थे हिमांश, संघर्ष के दिनों में ऐसी हो गई थी हालत
Thu, 10 Oct 2019 03:11 PM IST
anand anand
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Thu, 10 Oct 2019 03:11 PM IST
विज्ञापन
Himansh Kohli
- फोटो : amar ujala mumbai
सिनेमा जगत में कलाकारों को कामयाबी हासिल करने के बाद ही शोहरत और लोगों का प्यार मिलता है। हालांकि बहुत कम ही लोगों को पता होता है कि इस मंजिल तक पहुंचने के लिए उन्होंने क्या कीमत चुकाई है। अपने स्ट्रगलिंग दौर में कलाकार कभी पैसों की तंगी से जूझते हैं तो कभी मानसिक तनाव से।
ऐसे ही कुछ कहानी एक्टर हिमांश कोहली की भी है। यारियां फेम हिमांश आज इंडस्ट्री का जाना पहचाना नाम है। हालांकि ज्यादातर लोग इस बात से अनजान हैं कि एक्टर अपने शुरुआती दौर में कभी डिप्रेशन (मानसिक अवसाद) के शिकार हो गए थे। जिसके बाद हिमांश को दिल्ली वापस जाना पड़ा था।
वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के मौके पर हिमांश ने अपनी जिंदगी के कुछ पुराने पन्ने पलटे। उन्होंने बताया कि जब वह अपने पहले ब्रेक के लिए स्ट्रगल कर रहे थें तब वह पहली बार मानसिक अवसाद के शिकार हुए थें। उन्होंने कहा, मैं काफी ऑडिशन्स में गया, आगे के राउंड के लिए चुना भी गया लेकिन हर बार मैं रिजेक्ट कर दिया जा रहा था। कुछ बार तो मुझे आलोचनाओं का भी शिकार होना पड़ा।
विज्ञापन
इस वजह से मैंने अपना आत्मविश्वास खो दिया। लगातार छह महीने के स्ट्रगल के बाद मैंने आशा खो दी। जिसके बाद मैं वापस दिल्ली लौट गया। हालांकि मैंने निश्चित किया कि मुझे अपने आपको व्यस्त रखना है जिसके लिए मैंने रेडियो स्टेशन में इंटर्न के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। मैंने कभी हार नहीं मानी। मैं लगातार ऑडिशन्स भेजता रहा और अपने ऊपर काम करता रहा।
विज्ञापन
ऐसे ही कुछ कहानी एक्टर हिमांश कोहली की भी है। यारियां फेम हिमांश आज इंडस्ट्री का जाना पहचाना नाम है। हालांकि ज्यादातर लोग इस बात से अनजान हैं कि एक्टर अपने शुरुआती दौर में कभी डिप्रेशन (मानसिक अवसाद) के शिकार हो गए थे। जिसके बाद हिमांश को दिल्ली वापस जाना पड़ा था।
विज्ञापन
वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के मौके पर हिमांश ने अपनी जिंदगी के कुछ पुराने पन्ने पलटे। उन्होंने बताया कि जब वह अपने पहले ब्रेक के लिए स्ट्रगल कर रहे थें तब वह पहली बार मानसिक अवसाद के शिकार हुए थें। उन्होंने कहा, मैं काफी ऑडिशन्स में गया, आगे के राउंड के लिए चुना भी गया लेकिन हर बार मैं रिजेक्ट कर दिया जा रहा था। कुछ बार तो मुझे आलोचनाओं का भी शिकार होना पड़ा।
विज्ञापन
इस वजह से मैंने अपना आत्मविश्वास खो दिया। लगातार छह महीने के स्ट्रगल के बाद मैंने आशा खो दी। जिसके बाद मैं वापस दिल्ली लौट गया। हालांकि मैंने निश्चित किया कि मुझे अपने आपको व्यस्त रखना है जिसके लिए मैंने रेडियो स्टेशन में इंटर्न के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। मैंने कभी हार नहीं मानी। मैं लगातार ऑडिशन्स भेजता रहा और अपने ऊपर काम करता रहा।
Trending Videos
himansh kohli
- फोटो : amar ujala mumbai
मैं करीब 250 ऑडिशन्स में नकारा गया जिसके बाद मुझे अपना पहला ब्रेक टीवी प्रोग्राम हमसे हैं लाइफ से मिला और फिर सबकुछ बीता हुआ कल हो गया। डिप्रेशन के दौरान हमें सब्र रखने, उम्मीद बनाए रखने और लगातार कोशिश करते रहने की जरुरत होती है।
अभिनेता का कहना है कि सोशल मीडिया पर दूसरों को प्रभावित करने की कोशिश में बहुत से लोग उदास हैं। सोशल मीडिया की लत और चिंता आज के दौर में तकरीबन सभी को प्रभावित करती है। हम लाइक, कमेंट और लाइम लाइट पाने के लिए बहुत सारी बेवकूफियां करते हैं।
यह लोगों को ना सिर्फ प्रतिदिन तनाव देता है बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी छति पहुंचाता है। कई बार तो लोग इन सभी चीजों में इतना व्यस्त हो जाते हैं कि वह असल जिंदगी का आनंद उठाना ही भूल जाते हैं। आज फोन हमारे जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है। इसलिए मुझे लगता है कि फोन के कारण हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर के बारे में अधिक जागरूकता फैलाई जानी चाहिए।
पढ़ें: रेखा ही नहीं इन बॉलीवुड सेलेब्स ने भी रचाई गुपचुप शादी, एक ने तो कर लिया धर्म परिवर्तन
अभिनेता का कहना है कि सोशल मीडिया पर दूसरों को प्रभावित करने की कोशिश में बहुत से लोग उदास हैं। सोशल मीडिया की लत और चिंता आज के दौर में तकरीबन सभी को प्रभावित करती है। हम लाइक, कमेंट और लाइम लाइट पाने के लिए बहुत सारी बेवकूफियां करते हैं।
यह लोगों को ना सिर्फ प्रतिदिन तनाव देता है बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी छति पहुंचाता है। कई बार तो लोग इन सभी चीजों में इतना व्यस्त हो जाते हैं कि वह असल जिंदगी का आनंद उठाना ही भूल जाते हैं। आज फोन हमारे जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है। इसलिए मुझे लगता है कि फोन के कारण हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर के बारे में अधिक जागरूकता फैलाई जानी चाहिए।
पढ़ें: रेखा ही नहीं इन बॉलीवुड सेलेब्स ने भी रचाई गुपचुप शादी, एक ने तो कर लिया धर्म परिवर्तन