'रईस' में शाहरुख कर रहे अवैध शराब का कारोबार
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शाहरुख खान की फिल्म 'रईस' पर पड़े पर्दे धीरे-धीरे हट रहे हैं। 2016 में ईद पर शाहरुख-सलमान की बॉक्स ऑफिस भिड़ंत की खबरों के साथ 'रईस' अचानक सुर्खियों में आ गई। खबर है कि फिल्म में शाहरुख गुजरात के एक अवैध शराब कारोबारी के रोल में हैं।
चर्चा है कि उनका किरदार गुजरात के एक पूर्व डॉन के अपराध जीवन से प्रेरित है। यह फिल्म महात्मा गांधी के गृहराज्य की कहानी होगी, जहां शराब पर पाबंदी है! सूत्रों के अनुसार फिल्म में दो दोस्तों की कहानी है, जो वक्त के साथ दुश्मन बन जाते हैं।
नवाजुद्दीन सिद्दिकी भी 'रईस' में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। फिल्म के लिए शाहरुख ने गरबा सीखा है और यहां उनकी हीरोइन पाकिस्तान की माहिरा खान होंगी। वैसे विडंबना है कि गुजरात से आए नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्रीत्व काल में ऐसी फिल्म आएगी, जिसमें इस राज्य के शराब माफिया कारोबारी कानून की धज्जियां उड़ाते दिखेंगे।
बताया जा रहा है कि रईस में शाहरुख झुग्गी झोपड़ी इलाकों में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के अंदाज में ड्रेस पहनेंगे और उसी अंदाज में बातें करेंगे। अहमदाबाद के कच्ची बस्ती इलाकों का सैट निर्देशक ने मुंबई में बना कर शूटिंग की है।
'लंबे समय से थी गुजरात में शराब बंदी के विषय पर नजर'
गुजरात दंगों आधारित राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली परजानिया (2002) जैसी फिल्म बना चुके ढोलकिया ने मीडिया में कहा है कि उनकी नजर लंबे समय से गुजरात में शराब बंदी के विषय पर थी। चूंकि यह एकमात्र राज्य है जहां शराब बिक्री की पाबंदी है, ऐसे में कहानी का वहांदिखाया जाना स्वाभाविक है।
ढोलकिया ने यह भी कहा है कि उनकी कहानी भले ही वास्तविक इंसान से प्रेरित है, मगर उसके साथ हुई घटनाओं को उन्होंने बार-बार इतने अलग-अलग ढंग से लिखा कि उसमें कल्पना ज्यादा हो गई है और हकीकत कम।
सूत्रों के मुताबिक शाहरुख का किरदार जिस गुजराती डॉन से प्रेरित है वह 1980 के दशक में वहां अंडरवर्ल्ड किंग माना जाता था। उसके राजनीतिक संपर्क काफी गहरे थे और अवैध कारोबार के धंधे से खूब धन कमाया। उसने अपनी किशोरावस्था के दिनों में जुआघरों में वेटर और जगह-जगह शराब पहुंचाने वाले डिलेवरी बॉय का काम किया था।
धीरे-धीरे यह शख्स हवाला, हथियारों की तस्करी और कॉन्ट्रेक्ट किलिंग जैसे कारोबार में भी उतर गया। मगर अवैध शराब के धंधे पर उसने पूरे गुजरात में एकाधिकार जमा लिया।
डॉन को गरीबों का मसीहा मानते थे लोग
जानकार बताते हैं कि गरीब बस्तियों में उसका खौफ और सम्मान दोनों थे। कई लोग उसे गरीबों का मसीहा मानते थे। इस डॉन ने अहमदाबाद में स्थानीय निकाय का चुनाव भी लड़ा था और एक साथ पांच जगहों से जीता था! उल्लेखनीय है कि 'रईस' का एक फोटो पिछले दिनों सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें पोस्टर पर शाहरुख की तस्वीर छपी थी और लिखा थाः रईस को वोट दो, गरीबों को चांस दो।
यह भी कहा जाता है कि इन बस्तियों में शराब कारोबारी डॉन का राज चलता था और उसकी अपनी न्याय व्यवस्था थी। 1990 के आखिरी वर्षों में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था, मगर जब उसने टॉयलेट के बहाने फरार होने की कोशिश की तो एनकाउंटर में मार गिराया।
ऐसी भी खबरें आईं कि इस डॉन के दाउद इब्राहिम से भी नजदीकी संबंध थे। अब इस अंडरवर्ल्ड डॉन का सच सामने आने के बाद इतना तो तय है कि शाहरुख की 'रईस' किसी शानदार क्राइम-एक्शन-थ्रिलर से कम नहीं होगी। फिल्म तीन जुलाई, 2016 को रिलीज होगी।