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Gujarat: सुरेंद्रनगर सीट पर भी 'रूपाला' की मार, क्षत्रियों के विरोध के बीच प्रधानमंत्री ने संभाला मोर्चा

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 02 May 2024 07:39 PM IST
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सार
भाजपा ने सुरेंद्रनगर लोकसभा सीट से चंदूभाई छगनभाई शिहोरा को उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं ऋत्विक भाई मकवाना कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी हैं। कांग्रेस उम्मीदवार, मकवाना तडपडा कोली समाज से आते हैं। इस जाति के लोगों के करीब चार लाख वोट बताए जाते हैं। भाजपा उम्मीदवार चंदूभाई छगनभाई शिहोरा, चौआलिया कोली समुदाय से आते हैं।
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'Rupala' attacks on Surendranagar seat too, Prime Minister takes charge amidst opposition from Kshatriyas
ग्राउंड रिपोर्ट - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जो व्यक्ति (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) यानी रूपाला को नहीं हटा सका, तो पूरे क्षत्रिय समाज को कौन पीछे हटाएगा। सुरेंद्रनगर में प्रह्लाद सिंह ने यह बात कही है। गुजरात में लोकसभा चुनाव की वोटिंग से पहले क्षत्रिय समाज का विरोध, भाजपा के गले की फांस बनता जा रहा है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी परषोत्तम रूपाला, जो राजकोट से चुनाव लड़ रहे हैं, उनके बयान की मार अब दूसरे लोकसभा क्षेत्रों पर भी देखने को मिल रही है। क्षत्रियों के विरोध के बीच अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी मोर्चा संभाल लिया है। वे एक मई और दो मई को गुजरात का तूफानी दौरा कर रहे हैं। उनके दौरे में 11 लोकसभा क्षेत्र कवर होंगे। एक मई को बनासकांठा के डीसा और साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित किया है। दो मई को आणंद, सुरेंद्रनगर के वाधवान, जूनागढ़ और जामनगर में पीएम मोदी की जनसभाएं हो रही हैं। गुजरात की 26 लोकसभा सीटों में से 25 सीटों के लिए सात मई को मतदान होना है। सूरत लोकसभा सीट पर पहले ही भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।



भाजपा ने सुरेंद्रनगर लोकसभा सीट से चंदूभाई छगनभाई शिहोरा को उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं ऋत्विक भाई मकवाना कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी हैं। कांग्रेस उम्मीदवार, मकवाना तडपडा कोली समाज से आते हैं। इस जाति के लोगों के करीब चार लाख वोट बताए जाते हैं। भाजपा उम्मीदवार चंदूभाई छगनभाई शिहोरा, चौआलिया कोली समुदाय से आते हैं। इस समुदाय के वोटरों की संख्या करीब डेढ़ लाख है। दलितों की संख्या साढ़े तीन लाख है। डेढ़ लाख क्षत्रिय हैं। डेढ़ लाख मुस्लिम हैं। इनके अलावा कड़वा पटेल, दर्जी, प्रजापति, ब्राह्मण, वैश्य और सुथार भी हैं। ये सब मिलाकर करीब तीन लाख हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि जातिगत समीकरण और क्षत्रिय विरोध उसके पक्ष में जाएगा। दूसरी तरफ, भाजपा क्षत्रिय विरोध की ज्यादा परवाह नहीं कर रही है। भाजपा ने अब दूसरे समुदायों को साधना शुरू कर दिया है।


प्रह्लाद सिंह ने कहा, देखिये अगर भाजपा क्षत्रिय विरोध को शांत करना चाहती, तो कर सकती थी। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। एक व्यक्ति परषोत्तम रूपाला के लिए भाजपा ने पूरे क्षत्रिय समाज को नाराज कर दिया। पहले तो सभी क्षत्रिय, भाजपा का ही समर्थन कर रहे थे। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिद पर अड़े हैं, तो क्षत्रिय समाज भी चुनाव में उसे सबक सिखाने के लिए तैयार है। 2019 के चुनाव में भाजपा के मुंजापरा महेंद्रभाई ने 6,31,844 वोट लेकर जीत दर्ज कराई थी। वे केंद्रीय राज्य मंत्री बनाए गए। दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी सोमाभाई पटेल को 354407 वोट मिले थे। सुरेंद्रनगर में वीरमगाम, धांधुका, दसदा, लिम्बडी, वधावन, चोटिला व ध्रांगधरा विधानसभा सीटें आती हैं। इन सभी सीटों पर पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की थी।

क्षत्रिय समुदाय के ताल्लुक रखने वाले प्रह्लाद सिंह बताते हैं, हमारा समाज भाजपा के विरोध में है। रूपाला का विरोध, केवल राजकोट में ही नहीं है, बल्कि पूरे गुजरात में हो रहा है। लोकसभा की 25 सीटों पर रूपाला के विरोध का असर पड़ेगा। सुरेंद्रनगर लोकसभा से ताल्लुक रखने वाले प्रह्लाद सिंह ने कहा, वो (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) एक व्यक्ति यानी रूपाला को नहीं हटा सकता, तो पूरे क्षत्रिय समाज को कौन पीछे हटाएगा। रूपाला को माफी नहीं मिलेगी। कांग्रेस पार्टी का उम्मीदवार हमारा अपना है, लोकल है। प्रह्लाद सिंह के साथ बैठे दिलरूबा का कहना था, भले ही मोदी साहब या अमित शाह रूपाला की माफी के बारे में कुछ भी कहें, मगर क्षत्रिय समाज ने उसे माफ नहीं किया है। मार्च से पहले सारे क्षत्रिय, मोदी के पक्ष में थे, लेकिन रूपाला ने जब क्षत्रिय समाज पर विवादित बयान दिया, तो उन्हें चुनाव से नहीं हटाया गया। इसके बाद विरोध बढ़ता चला गया। अब दूसरे समुदायों को क्षत्रिय समाज के साथ लाने के प्रयास हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने अंदरखाने, इस विरोध को अपने पक्ष में भुनाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।

सुरेंद्रनगर में कांग्रेस पार्टी के शहरी प्रधान एडवोकेट महेंद्र सिंह परमार कहते हैं, हमारे प्रत्याशी ऋत्विक भाई मकवाना मजबूत स्थिति में हैं। स्थानीय लोगों में उनकी छवि है। उनके परिवार को सभी लोग जानते हैं। चुनाव में कई समुदायों ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिया है। क्षत्रियों के विरोध बाबत उन्होंने कहा, पूरे गुजरात में यह फैल रहा है। भाजपा ने इस समाज का अपमान किया है। क्षत्रिय समाज की महिलाओं को घर से बाहर निकलना पड़ा। ये एक बहुत बड़ा मुद्दा है। इसका नुकसान भाजपा को झेलना पड़ेगा। रूपाला ने क्षत्रिय समाज की महिलाओं का अपमान किया है। ये नारी सुरक्षा की बात है। क्या दूसरी जातियां, क्षत्रिय समाज के साथ आ रही हैं, इस मामले में परमार ने कहा, सभी लोग हमारे साथ आ रहे हैं। लोगों में गुस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरेंद्रनगर आ रहे हैं। इससे भाजपा की स्थिति को समझा जा सकता है। उन्हें क्षत्रिय समाज के डर का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क किनारे सामान बेच रहे युवा लुकमान मंसूरी कहते हैं, भाजपा सरकार में महंगाई बढ़ती जा रही है। शहर का विकास नहीं हुआ है। बेरोजगारी बढ़ रही है। युवाओं को सरकारी नौकरी नहीं मिलती। पेपर लीक हो जाते हैं। मजबूरी में उन्हें किसी के यहां पर पांच सात हजार रुपये की नौकरी करनी पड़ती है। ये सभी मुद्दे, वोटरों के दिमाग में हैं। महबूब कहते हैं, सरकार नौकरी तो नहीं दे रही है, बेरोजगारी है, गैस-तेल महंगा है। आम आदमी परेशान है। दुकानदार अमित भाई के. शाह का कहना है। सभी लोगों की समस्या का निदान नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों को भी लोग देख रहे हैं। रूपाला का मुद्दा भी है। यहां किसी को निजी समस्या नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो पूरा देश चला रहे हैं। सभी को संतुष्ट नहीं किया जा सकता। पिछले दिनों रूपाला को लेकर यहां पर भी क्षत्रियों का प्रदर्शन हुआ था। उसका ज्यादा असर नहीं है।

अमित भाई शाह ने कहा, अगर एक समुदाय यह सोचता है कि दूसरे समाज के लोग उनके साथ आ जाएंगे, ऐसा नहीं होता। पटेल समुदाय ऐसा नहीं सोचता। भाजपा प्रत्याशी चंदूभाई छगनभाई शिहोरा ने विकास का भरोसा दिया है। चेहरा तो मोदी का ही रहेगा। कांग्रेस पार्टी यह सोच कर चल रही है कि क्षत्रिय समाज की नाराजगी हमारे पक्ष में है। इस पर बोले, वो एक एजेंडा है। अपनी अपनी सोच है।

सुंदरनगर में सरकारी सेवा से रिटायर हुए हेमू भाई ने बताया, इस शहर की बहुत उम्मीदें हैं। यहां पर उद्योग-धंधे आएं। शहर जैसा था, वैसा ही है। कोई विकास नहीं हुआ है। अब ये शहर नगर निगम बनने वाला है। यहां पर रूपाला का कोई मुद्दा नहीं है। आएगी तो भाजपा ही, मार्जिन घटेगा। यहां पर क्षत्रियों की संख्या ठीकठाक है। उसका असर तो पड़ेगा ही। हां, मोदी साहब आएंगे, तो सब मान जाएंगे।

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