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Hindi News ›   Election ›   LS Polls: BJP has big hopes from Kerala Amitabh Bachchan party is making every effort to penetrate the leftist

LS Polls 2024: केरल के 'अमिताभ बच्चन' से BJP को बड़ी उम्मीद, वामपंथी किले को भेदने की हर कोशिश कर रही पार्टी

Thu, 25 Apr 2024 05:20 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 25 Apr 2024 05:20 PM IST
सार

केरल में नया इतिहास लिखने के लिए भाजपा को सबसे ज्यादा भरोसा सुरेश गोपी पर ही है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि केरल में मलयालम सबसे लोकप्रिय भाषा है। यहां के 90 फीसदी लोग मलयालम भाषा बोलते हैं और लगभग शत प्रतिशत लोग समझते हैं। यहां की जनता के बीच मनोरंजन के नाम पर भी मलयालम सिनेमा सबसे ऊपर आता है।

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LS Polls: BJP has big hopes from Kerala Amitabh Bachchan party is making every effort to penetrate the leftist
लोकसभा चुनाव - फोटो : amar Ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश की राजनीति में कभी हेमवती नंदन बहुगुणा की लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि उन्हें हराना लगभग असंभव माना जाता था, लेकिन अपने दोस्त राजीव गांधी की सलाह पर चुनाव में उतरे अमिताभ बच्चन ने उन्हें 1984 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद सीट से हरा दिया था। एक बड़े राजनेता की छवि पर एक बॉलीवुड स्टार की छवि भारी पड़ी और अमिताभ बच्चन ने लगभग 1.87 लाख वोटों के अंतर से बहुगुणा को मात दे दी। 

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भाजपा को उम्मीद है कि केरल में उसके लिए यही काम मलयालम सिनेमा के 'अमिताभ बच्चन' यानी सुरेश गोपी कर सकेंगे। वे भाजपा के टिकट पर त्रिशूर लोकसभा सीट से उम्मीदवार हैं और मलयालम सिनेमा के इस समय के सबसे बड़े स्टारों में से एक हैं। पार्टी को उम्मीद है कि सुरेश गोपी के सहारे वह वामपंथियों के इस गढ़ को भेदने में कामयाब हो जाएगी। केरल की सभी 20 लोकसभा सीटों के लिए कल 26 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
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सुरेश गोपी की छवि और मलयालम भाषा की ताकत
केरल में नया इतिहास लिखने के लिए भाजपा को सबसे ज्यादा भरोसा सुरेश गोपी पर ही है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि केरल में मलयालम सबसे लोकप्रिय भाषा है। यहां के 90 फीसदी लोग मलयालम भाषा बोलते हैं और लगभग शत प्रतिशत लोग समझते हैं। यहां की जनता के बीच मनोरंजन के नाम पर भी मलयालम सिनेमा सबसे ऊपर आता है। दक्षिण भारत की जनता अपने सिनेमा स्टारों को भी किसी भगवान से कम इज्जत नहीं देती। ऐसे में मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार सुरेश गोपी यहां भाजपा की बड़ी ताकत बन सकते हैं। 
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दरअसल, सुरेश गोपी केवल सिनेमा स्टार भर नहीं हैं। अपने स्वयंसेवी संगठन के सहारे उन्होंने यहां की जनता की भारी सेवा की है। इससे उनकी छवि एक बेहद अच्छे इंसान की भी है। लोगों के इलाज में मदद करना और गरीब बच्चों को शिक्षा में मदद उपलब्ध कराने जैसे अनेक समाजसेवी कार्य उनकी संस्था करती है, लिहाजा क्षेत्र में उनकी छवि बहुत अच्छी है। लोकसभा चुनाव में किसी उम्मीदवार के लिए यह छवि सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकती है।

सुरेश गोपी के सामने कांग्रेस ने के. मुरलीधरन और सीपीआई ने वीएस सुनील कुमार को प्रत्याशी बनाया है। पारंपरिक तौर पर त्रिशूर लोकसभा सीट पर कांग्रेस और वामपंथी दल आमने-सामने लड़ते रहे हैं और उसके प्रत्याशी भी अपने-अपने इलाकों में मजबूत हैं। लेकिन सुरेश गोपी की स्टार छवि उन पर भारी पड़ सकती है। भाजपा के पक्ष में यही बात सबसे बड़ी मानी जा रही है।

राजीव चंद्रशेखर की शशि थरूर को कड़ी चुनौती
त्रिशूर लोकसभा के अलावा भाजपा को केरल की जिन सीटों से सबसे ज्यादा उम्मीद है, उनमें तिरुवनंतपुरम भी आती है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को यहां से मैदान में उतारा है। बड़े उद्योगपति, मीडिया की बड़ी ताकत रह चुके और तकनीकी के मामले में बहुत आगे माने जाने वाले राजीव चंद्रशेखर कांग्रेस उम्मीदवार शशि थरूर को कड़ी चुनौती दे रहे हैं।   

लेकिन शशि थरूर की अपने लोकसभा क्षेत्र में पकड़ बहुत मजबूत मानी जाती है। वे इस सीट से लगातार चौथी बार प्रतिनिधित्व करने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस बार भी वे अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। उनका दावा है कि केरल में भाजपा की 'बांटो और राजनीति करो' वाली स्टाइल सफल नहीं होने वाली और केरल की जनता भाजपा को यहां पर अवसर देकर एक नई तरह की राजनीति को अवसर नहीं देगी।   

नया इतिहास रचने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषक कुमार राकेश ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा इस चुनाव में केवल जीत ही नहीं हासिल करना चाहती, बल्कि वह अपने लिए राजनीति की नई संभावनाएं भी पैदा करना चाहती है। पार्टी को उम्मीद है कि इस बार वह 'राम मंदिर की लहर' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकासवादी करिश्माई छवि के सहारे केरल के वामपंथी किले को भी भेदने में कामयाब हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा केरल में एक भी सीट पर जीत हासिल करने में कामयाब होती है, तो इससे दक्षिण भारत की राजनीति में सियासत का एक नया अध्याय जुड़ सकता है। 

कुमार राकेश के अनुसार, सुरेश गोपी की लोकप्रियता और राजीव चंद्रशेखर की ताकत के सहारे भाजपा केरल में नया इतिहास लिख सकती है। इससे यहां की राजनीति में नए मुद्दे जुड़ सकते हैं, जिससे भाजपा को भविष्य में लाभ हो सकता है। इस तरह अब तक प्रमुख तौर पर उत्तर भारत की पार्टी कही जाने वाली भाजपा अखिल भारतीय स्तर पर ज्यादा मजबूत और ज्यादा प्रभावी हो सकेगी। 


जीत हासिल करेंगे: भाजपा
भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा कि केरल देश में सबसे ऊंची शिक्षा वाला प्रदेश है। यहां की राजनीति में विकास सबसे बड़ी प्राथमिकता होता है। लेकिन इस प्रदेश के लोग देख रहे हैं कि किस तरह पूरा देश विकास के रास्ते पर आगे जा रहा है, और एक घटिया राजनीति के कारण केरल का विकास नहीं होने दिया जा रहा है। केरल के युवा देख रहे हैं कि उनके आसपास के राज्यों में लगातार निवेश आ रहा है, रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं, जबकि केरल में कोई नया सृजनात्मक कार्य नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसी कारण केरल में भाजपा कई सीटों पर जीत हासिल करेगी और राज्य के विकास को एक नया आयाम देगी।

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