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Hindi News ›   Election ›   Lok Sabha ›   Saifuddin Soz became MP with just 35,139 votes Punjab lowest voting percentage three seats

Election: महज 35,139 वोटों के साथ सैफुद्दीन सोज बन गए सांसद, पंजाब की भी इन तीन सीटों में सबसे कम वोटिंग

Thu, 04 Apr 2024 04:58 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 04 Apr 2024 04:58 AM IST
सार

सबसे कम वोटिंग के मामले में तीन लोकसभा क्षेत्र पंजाब के हैं। खासकर आतंकवाद के दौर में यहां बेहद कम वोटिंग होती रही है। 1991-92 के लोकसभा चुनाव में तरनतारन 9.50 फीसदी और संगरूर 10.90 फीसदी वोटों के साथ चौथे और पांचवें नंबर पर है।

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Saifuddin Soz became MP with just 35,139 votes Punjab lowest voting percentage three seats
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोक सभा की कार्यवाही (वीडियो ग्रैब- यूट्यूब) - फोटो : social media

विस्तार

सर्वाधिक मतदान के उलट सबसे कम मतदान वाले शीर्ष 10 लोकसभा क्षेत्र भी तीन ही राज्यों में स्थित हैं। इनमें भी शीर्ष तीन समेत चार सीटें आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर में हैं। सूची में शीर्ष पर है अनंतनाग, जहां 1989 में सिर्फ 5.07 फीसदी वोटिंग हुई। कुल मतदान का 97.69 फीसदी यानी 36,055 वोट पाकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के पीएल हांडू सांसद बन गए।

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सबसे कम वोटिंग
5.07 % मतदान अनंतनाग में। दूसरा स्थान बारामूला का है, जहां 1989 में 5.48 फीसदी वोट पड़े। कुल मतदान का 93.89 फीसदी नेशनल कॉन्फ्रेंस के सैफुद्दीन सोज को मिला और सिर्फ 35,139 वोटों के सहारे सोज संसद में पहुंच गए। 2019 में 8.98 फीसदी वोट के साथ तीसरा स्थान फिर से अनंतनाग का रहा।

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पंजाब की तीन सीटें भी सूची में
सबसे कम वोटिंग के मामले में तीन लोकसभा क्षेत्र पंजाब के हैं। खासकर आतंकवाद के दौर में यहां बेहद कम वोटिंग होती रही है। 1991-92 के लोकसभा चुनाव में तरनतारन 9.50 फीसदी और संगरूर 10.90 फीसदी वोटों के साथ चौथे और पांचवें नंबर पर है। पंजाब का ही बठिंडा इसी चुनाव में 13.92 फीसदी वोट के साथ 10 नंबर पर रहा। खास बात यह है कि सबसे कम मतदान वाली इस सूची में सातवें से नौवें स्थान पर तीन नाम ओडिशा से हैं जहां 1962 के आम चुनावों में भंजनगर, कोरापुट और फूलबनी में क्रमश: 12.04, 12.17 और 13.92 फीसदी वोट पड़े।

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