Politics: ‘कांग्रेस ने हिंदू भावनाओं को आहत किया’, असम के सीएम सरमा ने किया दावा; घुसपैठ रोकने पर भी जोर
Politics: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर हिंदू भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में घुसपैठ को रोकना जरूरी है वरना यहां के मूल निवासी 20 वर्षों में अल्पसंख्यक हो जाएंगे।
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लोकसभा चुनाव के बीच बयानबाजियों का दौर भी जारी है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर हिंदू भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है। झारखंड के रामगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि वर्षों बाद देश में हिंदू जागृति आई है और पूरे भारत में पीएम मोदी की सुनामी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब हिंदुओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासन के दौरान एक कानून बनाया गया था। कानून के अनुसार कोई भी सिविल कोर्ट, हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट कृष्ण जन्मभूमि या ज्ञानवापी के स्वामित्व पर फैसला नहीं कर सकता है। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या ऐसा कानून स्वीकार करना चाहिए, जो हमें भगवान के मंदिर बनाने से रोकता है? सरमा ने एक बार फिर दोहराया कि अगर भाजपा ने 400 सीटों पर जीत हासिल की तो मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि मंदिर और काशी में ज्ञानवापी मंदिर बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा को 400 सीटें मिलीं, तो पीओके को पाकिस्तान से वापस लिया जाएगा।
झारखंड में घुसपैठ रोकने पर दिया जोर
असम के सीएम ने कहा कि औरंगजेब और बाबर द्वारा भारत में अन्याय किया गया था और अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक के साथ इस अन्याय को कम कर दिया गया है। सरमा ने झारखंड में घुसपैठ को रोकने पर भी जोर दिया। उन्होंने आगाह किया कि घुसपैठ रोकी नहीं गई तो झारखंड के मूल निवासी 20 वर्षों में अल्पसंख्यक हो जाएंगे। सरमा ने कहा कि इस तरह से बांग्लादेश से आए घुसपैठिए झारखंड के मूल नागरिक बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि असम और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के शासन के दौरान घुसपैठ की जांच नहीं की गई और ऐसा न करके इन दो राज्यों ने गलतियां कीं हैं।