Election Flashback: विरोधियों के साथ खड़ी हुईं इंदिरा और हिंदी नहीं बन पाई राजभाषा, पढ़ें चुनावी किस्सा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Sun, 24 Mar 2024 06:53 AM IST
सार
प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री हिंदी की व्यापक स्वीकार्यता के पक्षधर थे, इसलिए उन्होंने विरोध पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन मद्रास के बड़े नेता के कामराज से जरूरी सलाह ले रहे थे।
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इंदिरा गांधी
- फोटो : amar ujala