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VVPAT: पूर्व चुनाव आयुक्त ने SC के फैसले का किया स्वागत, कहा- परिणामों के मिलान की वर्तमान प्रणाली पर्याप्त

Fri, 26 Apr 2024 10:13 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 26 Apr 2024 10:13 PM IST
सार

पूर्व सीईसी ओपी रावत ने कहा कि जब आप चुनाव जीत जाते हैं तो ईवीएम निष्पक्ष हैं और अगर आप हार जाते हैं तो ईवीएम में गड़बड़ी हो जाती है। 

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Former Election Commissioner welcomed Supreme court decision say 100 pc cross-verification not needed
ईवीएम (सांकेतिक) - फोटो : एएनआई

विस्तार

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें अदालत ने मतपत्र प्रणाली से चुनाव कराने और पेपर ट्रेल मशीनों के साथ ईवीएम का उपयोग करके डाले गए वोटों का पूर्ण सत्यापन करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि परिणामों के मिलान की वर्तमान प्रणाली पर्याप्त है। सर्वोच्च अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ईवीएम में लगातार संदेह करने से चुनावी प्रक्रिया के प्रति अविश्वास पैदा होता है। इससे मतदान के दौरान नागरिकों की भागीदारी कम होती है। 

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पूर्व सीईसी ओपी रावत ने बताया कि चुनाव आयोग ने 2017 में भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) से 99.99 प्रतिशत मतदाता विश्वास स्तर सुनिश्चित करने के लिए वीवीपीएटी-ईवीएम क्रॉस-सत्यापन के नमूने पर जवाब मांगा था। आईएसआई ने कहा कि 10 लाख मतदान केंद्रों में से 479 वीवीपैट का नमूना 99.99 प्रतिशत विश्वास के लिए पर्याप्त होगा। इसके बाद आयोग ने फैसला किया अब हर विधानसभा क्षेत्र से एक मतदान केंद्र की पहचान की जाएगी, जहां ईवीएम और वीवीपैट का मिलान होगा। देश भर के 4300 मतदान केंद्रों पर मिलान करने का निर्णय हुआ। इसके बाद विपक्षी दलों ने दोबारा अदालत का रुख किया तो निर्णय लिया गया कि अब हर विधानसभा से एक की जगह पांच मतदान केंद्र को मिलान के लिए चिन्हित किया जाएगा। इससे यह आंकड़ा 21 हजार मतदान केंद्र हो गया। 479 के बजाय हम 21 हजार मतदान केंद्रो में मिलान कर रहे हैं। यह एक बड़ा सुधार है। 

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जीतो तो ईवीएम सही और हारे तो ईवीएम में गड़बड़ी
इसके अलावा, एक दूसरे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी ने कहा कि जब कोई व्यक्ति चावल पकाता है तो सिर्फ कुछ ही चावलों की जांच होती है न कि पूरे पके चावलों की। रावत ने कहा कि जब आप चुनाव जीत जाते हैं तो ईवीएम निष्पक्ष हैं और अगर आप हार जाते हैं तो ईवीएम में गड़बड़ी हो जाती है। 

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