{"_id":"66148fc4129bf8f7d80f55b6","slug":"elections-in-india-till-date-record-women-voter-participation-even-more-than-men-in-2019-2024-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहानी चुनाव की: मताधिकार के बावजूद पुरुषों को पछाड़ने में महिलाओं को 67 साल लगे; 2019 में सर्वाधिक वोटिंग हुई","category":{"title":"Lok Sabha","title_hn":"लोकसभा","slug":"lok-sabha"}}
कहानी चुनाव की: मताधिकार के बावजूद पुरुषों को पछाड़ने में महिलाओं को 67 साल लगे; 2019 में सर्वाधिक वोटिंग हुई
Tue, 09 Apr 2024 06:15 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 09 Apr 2024 06:15 AM IST
सार
1952 से लेकर 2014 तक के लोकसभा चुनाव में वोट डालने में महिलाएं हमेशा पुरुषों से पीछे रहीं। लेकिन, 2019 के आम चुनाव में पुरुषों को पीछे छोड़ दिया। पिछली लोकसभा चुनाव में 67.18 फीसदी महिलाओं ने वोट डाले थे, जो पुरुषों के (67.02%) मुकाबले 0.16 फीसदी ज्यादा है।
विज्ञापन
महिला वोटर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हर क्षेत्र में घर की चारदीवार से निकलकर जोरदार उपस्थिति दर्ज करा रही महिलाओं को मताधिकार मिलने के बाद पुरुषों को पीछे छोड़ने में 67 साल का वक्त लग गया। 1952 से लेकर 2014 तक के लोकसभा चुनाव में वोट डालने में महिलाएं हमेशा पुरुषों से पीछे रहीं। लेकिन, 2019 के आम चुनाव में पुरुषों को पीछे छोड़ दिया। पिछली लोकसभा चुनाव में 67.18 फीसदी महिलाओं ने वोट डाले थे, जो पुरुषों के (67.02%) मुकाबले 0.16 फीसदी ज्यादा है।
विज्ञापन
इसके साथ ही महिलाओं ने सर्वाधिक वोटिंग का अब तक का रिकॉर्ड भी कायम कर दिया। इससे पूर्व तक हुए सभी आम चुनाव में मताधिकार में महिलाओं की भागीदारी 55 फीसदी के इर्द-गिर्द ही रही है। 2019 में पहली बार उनकी भागीदारी 60 फीसदी से भी आगे निकल गई। इस बार भी माना जा रहा है कि मताधिकार के इस्तेमाल में महिला मतदाता पुरुषों से आगे रहेंगी। इस बार 47.1 करोड़ महिला मतदाता हैं।
विज्ञापन
चुनावी गणित
1952 से 2014 तक रहीं पीछे...2019 में पहली बार वोट देने में निकलीं आगे
चुनाव आयोग के पास शुरू के तीन चुनाव 1951-52, 1957 और 1962 में महिलाओं और पुरुषों के मतदान का अलग डाटा नहीं है। देश के दूसरे मुख्य निर्वाचन आयुक्त कल्याण वैद्यनाथन कुट्टूर सुंदरम ने चौथे आम चुनाव (1967) से पुरुषों और महिलाओं के मतदान करने के आंकड़ों को अलग से दर्ज करने की व्यवस्था बनाई।
विज्ञापन
पिछले पांच आम चुनावों का लेखा-जोखा
साल मतदान पुरुष महिला
1999 59.99 63.97 55.64
2004 58.07 61.66 53.30
2009 58.19 60.24 55.82
2014 66.44 67.00 65.54
2019 67.40 67.02 67.18