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Tamil Nadu: 'जयललिता के निधन से हिंदुत्व की राजनीति को हुआ नुकसान', अन्नामलाई बोले- भाजपा ने वह खाली जगह भरी

Thu, 23 May 2024 03:59 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Thu, 23 May 2024 03:59 PM IST
सार

Tamil Nadu: तमिलनाडु भाजपा प्रमुख अन्नामलाई ने जयललिता को हिंदुत्व के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। उन्होंने कहा कि जयललिता के निधन के बाद भाजपा राज्य में हिंदुत्व की राजनीति को बढ़ा रही है।

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BJP filling Hindutva void created by Jayalalithaa's demise says Annamalai
के अन्नामलाई - फोटो : ANI

विस्तार

लोकसभा चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी ने हिंदुत्व के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। इस बीच तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के अन्नामलाई का कहना है कि एआईएडीएमके प्रमुख जे जयललिता की मत्यु के बाद, भाजपा राज्य की राजनीति में खाली हुई जगह को भर रही है। अन्नामलाई ने पूर्व मुख्यमंत्री को बेहतर हिंदुत्व नेता बताया। भाजपा नेता ने विश्वास जताया कि इस बार लोकसभा चुनावों में भाजपा तमिलनाडु में सीटों के दोहरे आंकड़े को पार करेगी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस बार दक्षिण में तीसरा सबसे दल बनकर उभरी है।

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अन्नामलाई ने जयललिता को याद किया
अन्नामलाई ने दावा किया कि जब तक जयललिता जीवित रहीं, तब तक वह राज्य में हिंदुत्व विचारधारा वाली सबसे बड़ी नेता रहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के अलावा जयललिता अयोध्या में राम मंदिर का समर्थन करने वाली पहली  राजनेता थीं। भाजपा नेता के अनुसार जयललिता ने वर्ष 2002-03 में राम मंदिर मुद्दे को अपना समर्थन दिया और तमिलनाडु में धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया। अन्नामलाई ने कहा ‘जयललिता ऐसी नेता थीं जिन्होंने श्रीरंगम से चुनाव लड़ा, मंदिरों को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए और सभी प्रमुख मंदिरों को हाथी उपहार में दिए। वह एक वरिष्ठ हिंदू नेता थीं।’ 
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‘जयललिता के निधन के बाद हिंदुत्व के मुद्दे से दूर हुई एआईएडीएमके’ 
तमिलनाडु भाजपा प्रमुख ने दावा किया कि 2016 में जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके हिंदुत्व के मुद्दे से दूर हो गई। अन्नामलाई में आगे कहा कि अब राज्य की जनता मंदिरों की रक्षा करने वाली पार्टी को ढूंढ रही है और निश्नित तौर पर वह पार्टी भाजपा है। अन्नामलाई ने यह भी कहा कि भाजपा के पास गैर-हिंदू समर्थक भी हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव में अल्पसंख्यक समुदायों से दो उम्मीदवार उतारे हैं। उन्होंने दावा किया तमिलनाडु की राजनीति में भाजपा की जगह बनाने की दो बड़ी वजहे हैं। पहली यह कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने देश की सत्ता संभाली और दूसरी वजह जयललिता का निधन। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव में डीएमके और एआईडीएमके के वर्चस्व वाले तमिलनाडु में भाजपा तीसरी पार्टी बनकर उभरी है। 

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