दूसरे चरण के चुनाव की खास बातें: 15.8 करोड़ वोटर, शाम छह बजे तक मतदान, 1202 उम्मीदवारों की किस्मत होगी दांव पर
Lok Sabha Election 2024 Phase 2: लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण के लिए शुक्रवार को मतदान हो रहा है। 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 88 सीटों के लिए मतदान जारी है। दूसरे चरण के चुनाव में 15 करोड़ से अधिक मतदाता चुनाव मैदान में उतरे 1202 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।
विस्तार
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज (26 अप्रैल) हो रहा है। दूसरे दौर में मणिपुर समेत 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 88 सीटों पर वोटिंग जारी है। मणिपुर की बाहरी मणिपुर लोकसभा सीट के 15 विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान हो चुका है, जबकि अन्य 13 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे चरण में मतदान हो रहा है।
इस चरण में कुल 88 सीटों के लिए मतदाता वोट डा जा रहे हैं। दूसरे चरण में 1202 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। इससे पहले चुनाव आयोग ने दूसरे चरण के मतदान के लिए विशेष तैयारियां की हैं। 50 प्रतिशत से अधिक मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की जाएगी।
आइये जानते हैं कि दूसरे चरण के चुनाव में क्या-क्या खास है?
मतदान का समय
आम चुनाव 2024 के दूसरे चरण के लिए मतदान 26 अप्रैल, 2024 को हो रहा है। 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 88 सीटों के लिए मतदान जारी है। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ। यह शाम 6 बजे तक चलेगा। हालांकि, चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि मतदान बंद होने का समय संसदीय क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकता है। बिहार में बांका, मधेपुरा, खगड़िया और मुंगेर निर्वाचन क्षेत्रों के कई मतदान केंद्रों पर गर्मी को देखते हुए मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान का समय बदल दिया गया है।
कुल मतदाता
मतदान के लिए 16 लाख से अधिक मतदान अधिकारी तैनात किए गए हैं। दूसरे चरण के मतदान के लिए 1.67 लाख मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 15.88 करोड़ से अधिक मतदाता चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इन मतदाताओं में आठ करोड़ से ज्यादा पुरुष, सात करोड़ से ज्यादा महिला और 5929 अन्य मतदाता शामिल हैं। 34.8 लाख मतदाता ऐसे हैं, जो पहली बार वोट देंगे। इसके अलावा, 20-29 वर्ष आयु वर्ग के 3.28 करोड़ युवा मतदाता हैं।
दूसरे चरण के चुनाव में कुल 1202 उम्मीदवार हैं। इनमें 1098 पुरुष उम्मीदवार और 102 महिला उम्मीदवार और दो थर्ड जेंडर उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान और सुरक्षा कर्मियों को लाने-ले जाने के लिए तीन हेलीकॉप्टर, चार विशेष ट्रेनें और लगभग 80 हजार वाहन काम पर लगाए गए हैं।
88 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में 85 वर्ष से अधिक उम्र के 14.78 लाख, 100 वर्ष से अधिक उम्र के 42,226 और 14.7 लाख दिव्यांग मतदाता पंजीकृत हैं। इन्हें अपने घर से आराम से मतदान करने का विकल्प प्रदान किया गया है।
88 संसदीय क्षेत्रों में स्थानीय थीम के साथ 4195 मॉडल मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। 4100 से अधिक मतदान केंद्रों का प्रबंधन सुरक्षा कर्मचारियों सहित पूरी तरह से महिलाओं द्वारा किया जाएगा। वहीं, करीब 640 मतदान केंद्रों का प्रबंधन विकलांग व्यक्ति (पीडब्ल्यूडी) करेंगे।
पानी, शेड, शौचालय, रैंप, स्वयंसेवक, व्हीलचेयर और बिजली जैसी सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं मौजूद हैं। ये कदम इसलिए उठाए गए हैं, ताकि बुजुर्ग और विकलांग व्यक्ति सहित प्रत्येक मतदाता को आसानी से अपना वोट डाल सकें। गर्मी से निपटने के लिए भी विशेष ध्यान दिया गया है।
आयोग ने चुनावों के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन के लिए कई निर्णायक कदम उठाए हैं। मतदान प्रक्रिया को सुरक्षित करने के लिए मतदान केंद्रों पर पर्याप्त रूप से केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। सभी मतदान केंद्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती के साथ-साथ 50 प्रतिशत से अधिक मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की जाएगी।
251 पर्यवेक्षक मतदान से कुछ दिन पूर्व अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं। वे अत्यधिक सतर्कता बरतने के लिए आयोग की आंख और कान के रूप में कार्य करते हैं। इसके अलाव कुछ राज्यों में विशेष पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।
कुल 4553 उड़नदस्ते, 5731 सांख्यिकी निगरानी दल, 1462 वीडियो निगरानी दल और 844 वीडियो देखने वाली टीमें मतदाताओं को किसी भी प्रकार के प्रलोभन से सख्ती से और तेजी से निपटने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी रख रही हैं।
कुल 1237 अंतरराज्यीय और 263 अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकियां शराब, ड्रग, नकदी और मुफ्त वस्तुओं के किसी भी अवैध आवाजाही पर कड़ी निगरानी रख रही हैं। समुद्री और हवाई मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी गई है।