UPSC CSE Topper 2022: तीसरे प्रयास में गौरी बनीं आईएएस, पिता भी यूपी कैडर के थे तेज तर्रार अधिकारी
UPSC Topper 2022: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा में 933 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया है। इस बार के रिजल्ट में महिला उम्मीदवारों का दबदबा देखने को मिला है। टॉप 10 की सूची में ही 6 महिला उम्मीदवार शामिल हैं।
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UPSC CSE Final Result, UPSC CSE Topper 2022: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा में 933 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया है। इनमें 613 पुरुष और 320 महिला उम्मीदवार शामिल थीं। दिल्ली की रहने वाली गौरी प्रभात ने अपने तीसरे प्रयास में देश की सबसे बड़ी परीक्षा यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को न केवल पास किया है, बल्कि उन्होंने ऑल इंडिया 47वीं रैंक भी हासिल की है। अमर उजाला ने यूपीएससी टॉपर गौरी प्रभात से खास बातचीत की है। आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी...
अमर उजाला से बातचीत के दौरान आईएएस टॉपर गौरी प्रभात ने बताया कि उनका जन्म कानपुर में हुआ था। लेकिन उनकी स्कूली पढ़ाई-लिखाई दिल्ली के लोधी रोड स्थित सरदार पटेल विद्यालय से हुई है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकॉनोमिक्स ऑनर्स किया। इसके साथ ही वह दिल्ली विश्वविद्यालय की टॉपर भी रही हैं। उन्होंने एमए इकॉनोमिक्स ऑनर्स भी दिल्ली विश्वविद्यालय से ही पूरा किया है।
लोगों की मदद समाज सेवा लक्ष्य
गौरी प्रभात ने बातचीत के दौरान ने बताया कि उन्होंने ग्रेजुएशन के दौरान ही सिविल सेवा में जाने का मन बना लिया था। वह चाहती थीं कि कोई ऐसी नौकरी की जाए, जिसमें लोगों की भलाई के लिए काम करने का मौका मिले।
माता-पिता दोनों आईएएस अधिकारी रहे
आईएएस टॉपर गौरी प्रभात के माता पिता दोनों ही आईएएस अधिकारी रहे हैं। जहां उनके पिता प्रभात कुमार 1985 बैच के आईएएस अधिकारी रहे तो वहीं उनकी मां हिमालनी कश्यप भी 1985 बैच की आईआरएस अधिकारी रही हैं। वह इनकम टैक्स विभाग में प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल के पद से रिटायर हो चुकी हैं। उनके पिता भी एग्रीकल्चर प्रोडक्शन कमिश्नर के पद से रिटायर हो गए हैं। वह भारत सरकार में कैबिनेट सेक्रेटरी भी रह चुके हैं। उनकी छवि काफी ईमानदार आईएएस अधिकारी के रूप रही है।
भाई जेनेवा में वकील
आईएएस टॉपर गौरी ने बताया कि उनके बड़े भाई शशांक कुमार जेनेवा में वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन में वकील के रूप में काम कर रहे हैं।
मां-पिता से मिली प्रेरणा
अमर उजाला से बातचीत के दौरान पूछे जाने पर गौरी ने बताया कि उन्हें प्रेरणा उनके माता-पिता से मिली। घर में दो लोग आईएएस अधिकारी थे तो चीजें आसान रहीं। तैयारी के दौरान अच्छे से गाइडेंस भी मिला। जिसका नतीजा रिजल्ट में सामने आया है।
पहले दो प्रयास में नहीं मिली सफलता
आईएएस टॉपर गौरी ने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था। पहले प्रयास में जब प्रीलिम्स क्लियर नहीं हुआ तो निराशा भी हुई थी। काफी समय भी लगा फिर से वापस तैयारी शुरू करने में लेकिन सपोर्ट सिस्टम काफी मजबूत रहा, जिस वजह से वह दूसरी बार फिर से तैयारी की। दूसरे प्रयास में इंटरव्यू दिया था, लेकिन नाम नहीं आया था। इसके बाद भी अब तीसरे प्रयास में 47वीं रैंक आई है। परीक्षा टॉप करके खुशी भी मिल रही है।
इंटरव्यू में क्या पूछा गया?
इस सवाल के जवाब में गौरी ने बताया कि करंट अफेयर्स से सवाल किए गए थे। संवैधानिक मुद्दो, इलेक्टोरल बॉन्ड पर सवाल पूछे गए थे। जैसे इसमें क्या दिक्कते हैं । प्रिंसिपल ऑफ नैचुरल जस्टिस क्या है। इस तरह के सवाल थे, जो थोड़े कठिन तो थे। इन सवालों का जवाब किसी भी किताब में नहीं होता है। साथ ही इकॉनोमिक्स ऑप्शनल विषय था, इसलिए औद्योगिक महासंघ के बारे में भी पूछा गया। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू का अनुभव काफी अच्छा रहा।
तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता का मंत्र
आईएएस टॉपर गौरी ने तैयारी कर रहे प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को सफलता का मंत्र भी दिया है। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और अनुशासन से ही सफलता मिलती है। यही इसका मूल मंत्र है। आत्मविश्वास रखना और खुद पर भरोसा करना सबसे जरूरी है। क्योंकि बहुत लंबा एग्जाम होता है। इसमें उतार-चढ़ाव आते हैं। इसलिए इन चीजों को अच्छे से मैनेज करें।
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