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रोल मॉडल बने जजों ने दिया हौसला
Updated Mon, 01 Sep 2014 01:27 PM IST
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आरंभ से ही संजीव कुमार कानून के क्षेत्र में अधिकारी बनना चाहते थे और आखिरकार वे अपने सपने को साकार करने में सफल भी रहे। पिछले ही दिनों उनका चयन उत्तर प्रदेश में सहायक अभियोजन अधिकारी के लिए हुआ। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और पूरी लगन से तैयारी में जुटे रहे। पेश है, उनसे एक मुलाकात :
सहायक अभियोजन अधिकारी कौन होता है? इसके लिए क्या योग्यता चाहिए?
सहायक अभियोजन अधिकारी सरकारी वकील होता है, जो सरकार के खिलाफ दायर मुकदमों में सरकार की ओर से पैरवी करता है। इसके लिए उसका कम से कम एलएलबी होना जरूरी है।
इस परीक्षा का आयोजन किसके द्वारा किया जाता है?
उत्तर प्रदेश में यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा इस परीक्षा को आयोजित किया जाता है। मेरा चयन जिस बैच में हुआ,उसमें कुल 78 रिक्तियां थीं।
अपनी तैयारी के बारे में कुछ जानकारी दें?
इससे पहले भी मैं कई परीक्षाएं दे चुका हूं,पर सफलता नहीं मिली। असफलता के बावजूद मैंने हौसला नहीं छोड़ा और तैयारी में लगा रहा। मैं सुबह 3 घंटे और शाम को 3 घंटे पढ़ाई करता था। प्री-एग्जाम क्लियर होने बाद मेंस के लिए मैंने पढ़ाई की अवधि को बढ़ा दिया।
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यहां तक पहुंचने का कैसे मौका मिला?
कोर्ट में प्रैक्टिस के दौरान ही मैं इस परीक्षा के बारे में जानता था। चूंकि वकालत से जुड़ा हुआ था, इसलिए तैयारी की और सफल हो गया।
इस परीक्षा के लिए खुद को कैसे तैयार किया?
मैंने कंपीटीटिव बुक्स से तैयारी की। पुराने पेपर सॉल्व करने का भी फायदा मिला। जिन अभ्यर्थियों का चयन पहले हो चुका है,उनसे मिली सलाह से भी मदद मिली। कोचिंग की मदद नहीं ली। जहां दिक्कत आई, वहां अपने सीनियरों से मदद मिली।
सफलता का श्रेय किसको देना चाहेंगे?
माता-पिता के अलावा मेरी पत्नी ने मेरा काफी साथ दिया। इसके अलावा मेरे वरिष्ठ वकीलों से भी मुझे काफी मदद मिली।
अपना रोल मॉडल किसे मानते हैं?
कोर्ट और जजों ने ही मेरे लिए रोल मॉडल की तरह काम किया, जिसमें काफी कम उम्र के जज काम कर रहे थे। उन्हें देखकर लगा कि जब इतनी कम उम्र में ये जज बन सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं बन सकता। बस इसी बात ने आगे बढ़ने की शक्ति दी।
शिक्षा-दीक्षा कहां से हुई है?
पिता सरकारी नौकरी में थे, तो प्रारंभिक शिक्षा अलग-अलग जगह से हुई। एलएलबी बरेली कॉलेज से की और इस चयन से पहले नजीबाबाद कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा था।
भविष्य की क्या योजना है?
मैं पीसीएस जे की परीक्षा पर फोकस कर रहा हूं, जिसे उत्तीर्ण कर जज बनना मेरा सपना है।
लॉ के क्षेत्र में कैरियर बनाने वालों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
मेहनत और विषय का ज्ञान तो मूलमंत्र है। इसलिए ईमानदारी से तैयारी करें। शॉर्टकट न अपनाएं।
जब आपको पता चला कि सलेक्शन हो गया है, तो पहली प्रतिक्रिया क्या थी?
मुझे इसका पता अपने दोस्त से चला। सुनकर मेरी आंखों से आंसू छलक आए और कई साल के अपने प्रयास पर मुझे गर्व महसूस हुआ।
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सहायक अभियोजन अधिकारी कौन होता है? इसके लिए क्या योग्यता चाहिए?
सहायक अभियोजन अधिकारी सरकारी वकील होता है, जो सरकार के खिलाफ दायर मुकदमों में सरकार की ओर से पैरवी करता है। इसके लिए उसका कम से कम एलएलबी होना जरूरी है।
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इस परीक्षा का आयोजन किसके द्वारा किया जाता है?
उत्तर प्रदेश में यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा इस परीक्षा को आयोजित किया जाता है। मेरा चयन जिस बैच में हुआ,उसमें कुल 78 रिक्तियां थीं।
अपनी तैयारी के बारे में कुछ जानकारी दें?
इससे पहले भी मैं कई परीक्षाएं दे चुका हूं,पर सफलता नहीं मिली। असफलता के बावजूद मैंने हौसला नहीं छोड़ा और तैयारी में लगा रहा। मैं सुबह 3 घंटे और शाम को 3 घंटे पढ़ाई करता था। प्री-एग्जाम क्लियर होने बाद मेंस के लिए मैंने पढ़ाई की अवधि को बढ़ा दिया।
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यहां तक पहुंचने का कैसे मौका मिला?
कोर्ट में प्रैक्टिस के दौरान ही मैं इस परीक्षा के बारे में जानता था। चूंकि वकालत से जुड़ा हुआ था, इसलिए तैयारी की और सफल हो गया।
इस परीक्षा के लिए खुद को कैसे तैयार किया?
मैंने कंपीटीटिव बुक्स से तैयारी की। पुराने पेपर सॉल्व करने का भी फायदा मिला। जिन अभ्यर्थियों का चयन पहले हो चुका है,उनसे मिली सलाह से भी मदद मिली। कोचिंग की मदद नहीं ली। जहां दिक्कत आई, वहां अपने सीनियरों से मदद मिली।
सफलता का श्रेय किसको देना चाहेंगे?
माता-पिता के अलावा मेरी पत्नी ने मेरा काफी साथ दिया। इसके अलावा मेरे वरिष्ठ वकीलों से भी मुझे काफी मदद मिली।
अपना रोल मॉडल किसे मानते हैं?
कोर्ट और जजों ने ही मेरे लिए रोल मॉडल की तरह काम किया, जिसमें काफी कम उम्र के जज काम कर रहे थे। उन्हें देखकर लगा कि जब इतनी कम उम्र में ये जज बन सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं बन सकता। बस इसी बात ने आगे बढ़ने की शक्ति दी।
शिक्षा-दीक्षा कहां से हुई है?
पिता सरकारी नौकरी में थे, तो प्रारंभिक शिक्षा अलग-अलग जगह से हुई। एलएलबी बरेली कॉलेज से की और इस चयन से पहले नजीबाबाद कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा था।
भविष्य की क्या योजना है?
मैं पीसीएस जे की परीक्षा पर फोकस कर रहा हूं, जिसे उत्तीर्ण कर जज बनना मेरा सपना है।
लॉ के क्षेत्र में कैरियर बनाने वालों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
मेहनत और विषय का ज्ञान तो मूलमंत्र है। इसलिए ईमानदारी से तैयारी करें। शॉर्टकट न अपनाएं।
जब आपको पता चला कि सलेक्शन हो गया है, तो पहली प्रतिक्रिया क्या थी?
मुझे इसका पता अपने दोस्त से चला। सुनकर मेरी आंखों से आंसू छलक आए और कई साल के अपने प्रयास पर मुझे गर्व महसूस हुआ।
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