आईटी प्रोफेशनल बना किसान और शुरू कर दी बांस की खेती...अब 17 देशों में सप्लाई

रूपायन डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 23 Feb 2018 03:29 PM IST
Yogesh Shinde
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पर्यावरण और किसानों की चिंता ने पुणे के एक आईटी प्रोफेशनल योगेश शिंदे को किसान बनने के लिए प्रेरित किया। अब वह बांस की खेती कर रहे हैं और बांस को प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर खड़ा कर रहे हैं
प्लास्टिक के कारण हो रहे पर्यावरण प्रदूषण से आज कोई अनभिज्ञ नहीं है। सुबह ब्रश करने से लेकर किचन तक में प्लास्टिक की कई चीजें हैं, जिनसे रोजाना हमारा सामना होता है। सस्ता और मजबूत होने के कारण प्लास्टिक आज हमारी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। घरेलू सामान से लेकर हर जगह प्लास्टिक प्रोडक्टस की भरमार है।

सुंदर और कलरफुल प्लास्टिक की ये चीजें हमें अच्छी भी लगती हैं। मगर इस ओर हम शायद ही कभी ध्यान देते हैं कि  हर साल लाखों मैट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट पैदा हो रहा है। प्लास्टिक को जमीन में पूरी तरह से गलने में हजारों साल लग जाते हैं। इस प्रक्रिया में पर्यावरण को बहुत हानि होती है। उदाहरण के तौर पर एक टूथब्रश को ही लीजिए। 
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