NEET Success Story: बकरी चराने वाले भाइयों की बेटियां बनेंगी डॉक्टर, एक के पिता को कैंसर तो दूसरे दृष्टिबाधित
NEET UG Result 2023 Success Story: जयपुर के पास जमवा रामगढ़ तहसील में नांगल तुलसीदास गांव के परिवार की किस्मत बदलने वाली है। इस परिवार की दो बेटियों ने इस वर्ष एक साथ देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट (NEET UG) क्रेक की है
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NEET UG Result 2023 Success Story: जयपुर के पास जमवा रामगढ़ तहसील में नांगल तुलसीदास गांव के परिवार की किस्मत बदलने वाली है। इस परिवार की दो बेटियों ने इस वर्ष एक साथ देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट (NEET UG) क्रेक की है। यह पहला अवसर है जब परिवार का कोई सदस्य मेडिकल कॉलेज में जाएगा और चिकित्सक बनेगा।
बेटियों के इरादे मजबूत थे, इसलिए विपरीत परिस्थितियां भी बाधक न बन सकीं। करीना यादव ने 680 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 1621, कैटेगिरी रैंक 432 प्राप्त की है तो ऋतु यादव ने 645 अंकों के साथ अखिल भारतीय रैंक 8179 और कैटेगिरी रैंक 3027 प्राप्त की है। इस खुशी के पीछे संघर्ष, कड़ी मेहनत और लगन के साथ-साथ परिवार के प्रति त्याग की कहानी भी है। जहां ऋतु ने दूसरे तो वहीं करीना ने चौथे प्रयास में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को क्रेक किया।
बकरियां पाल कर चलाते हैं घर
ऋतु और करीना दोनों के पिता भाई हैं और बकरियां चरा कर परिवार की गुजर-बसर करते हैं। ऋतु के पिता हनुमान सहाय 10वीं एवं मां सुशीला आठवीं कक्षा तक पढ़ी हैं। इनके पास करीब 8-10 बकरियां हैं। उन्हें चराते हैं, दूध बेचते है और बकरियों के बच्चे बेचकर परिवार चला रहे हैं। वहीं करीना के पिता नन्छूराम एवं मां गीता निरक्षर हैं। उसके पास दो-चार बकरियों के अलावा गाय-भैंस भी है। दोनों की पत्नियां भी खेतों में काम करती हैं। करीना का घर तो आधा कच्चा है। राशन कार्ड से मिलने वाली खाद्य सामग्री से पेट भरने का जुगाड़ हो जाता है।
दोनों भाइयों को बीमारी
दोनों की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर थी। रही-सही कसर बीमारियों ने पूरी कर दी। 2002 में ऋतु के पिता हनुमान सहाय यादव की एक आंख में अचानक समस्या आने पर लेजर ऑपरेशन कराया था, तब से विजिबिलिटी सिर्फ 30 प्रतिशत थी। फिर 2011 में दूसरी आंख में भी हो गई। ऑपरेशन के बाद रोशनी चली गई। तब से मजदूरी के लिए बाहर नहीं आ-जा पाते। जबकि दूसरे भाई नन्छू राम यादव को कुछ समय पहले लंग्स कैंसर ने घेर लिया। फिलहाल उनकी रेडियोथैरेपी हो रही है।
ऋतु ने ननिहाल में रहकर पूरी की स्कूलिंग
परिवार की स्थिति ऐसी नहीं थी कि बच्चों की पढ़ाई करा सके। दोनों बहनें आठवीं कक्षा तक सरकारी स्कूल से पढ़ीं। इसके बाद ऋतु ने 9वीं और 10वीं कक्षा अपने ननिहाल में रहकर प्राइवेट स्कूल से पढ़ी। फिर 11वीं और 12वीं अपने ही घर रहकर प्राइवेट स्कूल से की। ऋतु ने 10वीं कक्षा 85 प्रतिशत तो 12वीं कक्षा 97.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। जबकि करीना ने घर में रहकर ही पढ़ाई की। उसने 10वीं कक्षा 81 फीसदी तो 12वीं 83 फीसदी अंकों से पास की।
बड़े पापा बने सहारा
दोनों नीट की तैयारी करना चाहती थी लेकिन प्रतिभा के आगे आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी। ऐसे में दोनों के ताऊजी यानी बड़े पापा ठाकरसी यादव आगे आए। उन्होंने दोनों को नीट की तैयारी कराने के लिए सीकर लेकर आ गए। यहां एलन ने करीना को 75 प्रतिशत तो ऋतु को फीस में 50 प्रतिशत की रियायत दी।
विफलता से नहीं घबराई
ऋतु ने 2021 में 12वीं कक्षा पास करने के बाद सेल्फ स्टडी की और 2022 में नीट का पहला अटैम्प्ट सेल्फ स्टडी कर के दिया। 515 मार्क्स प्राप्त किए। जबकि करीना ने 2019 में 12वीं कक्षा पास की, इसके बाद 2020 में नीट का पहला अटैम्प्ट दिया जिसमें 440 मार्क्स हासिल किए। फिर दूसरा अटैम्प्ट नीट 2021 दिया और 545 मार्क्स हासिल किए, फिर नीट 2022 में तीसरा अटैम्प्ट दिया और 559 मार्क्स प्राप्त किए।
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