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बर्तन मांजने वाला डोसा बनाकर हुआ अरबपति

Fri, 07 Nov 2014 01:24 PM IST
Updated Fri, 07 Nov 2014 01:24 PM IST
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dosa plaza onwer prem ganpati sucess story
क्या आप सोच सकते हैं कि कभी ढाबे पर कप प्लेट धोने वाले शख्स को डोसा बनाने का शौक अरबपति बना सकता है। जी हां देश विदेश में 'डोसा प्लाजा' के नाम से मशहूर लगभग 70 आउटलेट्स चलाने वाले प्रेम गणपति को उनकी मेहनत और लगन के साथ साथ डोसा प्रेम ने अरबपति बना दिया। डोसा प्लाजा अपने 105 तरह के डोसा फ्यूजन के चलते विदेशों में भी काफी लोकप्रिय है।
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तमिलनाडु के गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रेम अपने एक दोस्त के साथ मुंबई आए। दोस्त ने प्रेम को 1200 रुपए की नौकरी दिलाने का वादा किया था लेकिन बांद्रा रेलवे स्टेशन पर वही दोस्त को धोखा देकर उनके पैसे ले उड़ा। प्रेम के साथ दिक्कत ये थी कि यहां कोई उनका परिचित भी नहीं था और वो मुंबई की भाषा से भी अनजान थे। मजबूरी में इस शख्स को ढाबे पर काम करना पड़ा क्योंकि वापस घर जाने का सवाल ही नहीं उठता था।
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प्रेम ने डेढ़ सौ रुपए महीने पर माहिम में एक छोटी से बेकरी में बर्तन साफ करने का काम पकड़ लिया। पैसा इकट्ठा हो, इसके लिए रात में एक छोटे से ढाबे पर रसोइए का काम भी शुरु कर दिया। प्रेम को डोसा बनाने का शौक था और इसी शौक के चलते ढाबा मालिक प्रेम से खुश रहा करता था।
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इंटरनेट पर देखते थे डोसा की रैसिपीज

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1992 की बात है जब महीनों की जीतोड़ मेहनत से प्रेम ने थोड़े से रुपए जुटाए और डोसा इडली बनाने की रेहड़ी किराए पर ले ली। प्रेम ने 1000 रुपए के बर्तन खरीदे, एक स्टोव खरीदा और डोसा बनाने का कुछ सामान भी। डोसे की इस हाथ ठेली को लेकर वो वाशी रेलवे स्टेशन जा पहुंचे और डोसा बनाने लगे। प्रेम के बनाए डोसे जल्द ही स्टेशन पर आने जाने वाले छात्रों में मशहूर हो गए।

1997 में प्रेम ने 5000 रुपए माह किराए पर एक दुकान किराए ली और दो लोगों को नौकरी पर रखकर डोसा रेस्टोरेंट खोला। रेस्टोरेंट का नाम रखा - प्रेम सागर डोसा प्लाजा। इस रेस्टोरेंट में अधिकतर कॉलेज छात्र आया करते थे। लड़कों से प्रेम की दोस्ती हुई और वो दोस्ती यारी में अपना कंप्यूटर प्रेम को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया करते थे। प्रेम इंटरनेट पर देश विदेश में डोसे की दर्जनों रैसिपी देख कर अपने छोटे से रेस्टोरेंट में ही नित नए प्रयोग करते और छात्रों को खिलाते।

जल्द ही अपने रेस्टोरेंट में प्रेम 20 तरह के डोसे बनाने लगे। नए नए डोसे खाने के लिए लोगों की भीड़ लगने लगी। इससे उत्साहित होकर प्रेम ने अपना रेस्टोरेंट और बढ़ा लिया और डोसों की वैराइटी पर ज्यादा ध्यान देने लगे।

देश विदेश में 105 तरह के डोसा

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2005 तक आते आते इसी रेस्टोरेंट में प्रेम ने कई प्रयोग किए और 105 नए डोसा लांच किए। ये रेस्टोरेंट मुंबई समेत आस पास के शहरों में भी लोकप्रिय हो गया और प्रेम ने कई और रेस्टोरेंट खोल लिए।

इसी बीच प्रेम ने गांव से अपने भाई को भी बुला लिया और कारोबार को आगे बढ़ाया। एक एक करके डोसा प्लाजा के दर्जनों आउटलेट्स देश भर में चलने लगे और प्रेम सागर डोसा प्लाजा विदेश तक जा पहुंचा।

आज देश भर में डोसा वैराइटी के लिए प्रेम सागर के डोसा प्लाजा के चर्चे हैं। डोसा प्लाजा में 105 तरह के एक्जॉटिक वैराइटी के डोसा फ्यूजन उपलब्ध हैं और 27 ट्रेडमार्क डोसा हैं। भारत में डोसा प्लाजा के 45 आउटलेट्स हैं। जबकि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूजीलैंड, मध्यपूर्व और दुबई समेत 10 देशों में डोसा प्लाजा के आउटलेट्स चल रहे हैं।
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