UPSC CSE 2023: स्कॉलरशिप से की पढ़ाई, पहले IPS पास किया, अब बने IAS टॉपर; पढ़िए आदित्य की प्रेरणादायक कहानी
UPSC CSE 2023 Final Result: यूपीएससी ने सीविल सेवा परीक्षा 2023 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। लखनऊ के आदित्य श्रीवास्तव ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। आइए उनकी प्रेरणादायक कहानी पढ़ते हैं।
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UPSC Topper Aditya Srivastava Biography: यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा 2023 का अंतिम रिजल्ट जारी कर दिया है। कुल 1016 उम्मीदवारों ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली इस परीक्षा को पास किया है। वहीं, यूपीएससी सीएसई 2023 में लखनऊ के आदित्य श्रीवास्तव ऑल इंडिया टॉपर रहे। रिजल्ट जारी होते ही एल्डिको आईआईएम रोड स्थित उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। आइए पढ़ते हैं उनकी प्रेरणादायक कहानी।
आदित्य श्रीवास्तव वर्तमान में अंडर ट्रेनी आईपीएस ऑफिसर के रूप में हैदराबाद में तैनात हैं। आदित्य के पिता अजय श्रीवास्तव सेंट्रल ऑडिट डिपार्टमेंट में सहायक लेखाकार के पद पर कार्यरत हैं। उनकी मां आभा श्रीवास्तव गृहिणी, दादा शिवराम श्रीवास्तव आईटीआई से सेवानिवृत्त हैं और छोटी बहन प्रियांशी नई दिल्ली में सिविल परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।
सीएमएस अलीगंज से12वीं पास करने के बाद आदित्य ने आईआईटी कानपुर से बीटेक एवं एमटेक किया। इसके बाद, उन्होंने प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।
स्कॉलरशिप से भरी फीस
आदित्य ने बताया कि उनके पिता दादाजी दादा शिवराम श्रीवास्तव आईआईटी से सेवानिवृत्त हैं। बीटेक के दौरान शुरुआती दो साल की फीस उन्होंने ही भरी थी। इसके बाद उसे जर्मनी से स्कॉलरशिप मिली थी। इसके रूप में दो लाख रुपये की राशि मिली। इसका उपयोग अपनी पढ़ाई के लिए ही किया।
पहले प्रयास में नहीं मिली सफलता
आदित्य को आईएएस बनने की प्रेरणा अपनी मां के मामा विनोद कुमार से मिली, जोकि लवासना ट्रेनिंग एकेडमी मसूरी के डारेक्टर रहे हैं। बीटेक करने के बाद आदित्य को उनके पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा में सफलता नहीं मिली। पिछली परीक्षा में 236वीं रैंक के साथ आईपीएस के रूप में चयनित होने के बाद अब आईएएस बनने में सफलता हासिल की है।
पहली बार प्री-एग्जाम में फेल हुआ था पर हार नहीं मानी
अपने पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा में सफलता न हासिल होने के बाद, आदित्य ने नए सिरे से योजना बनाकर तैयारी शुरू की। उन्होंने कभी किसी कोचिंग से तैयारी नहीं की। इसके बजाय सेल्फ स्टडी के दम पर ही सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। प्रांरभिक परीक्षा पास करने के बाद सिविल सेवा में अपने वैकल्पिक विषय के रूप में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का चयन किया। तैयारी के दौरान खुद को तरोताजा रखने के लिए वह थोड़ी देर गाने सुनते थे। इसके बाद फिर से पढ़ाई में लग जाते। पढ़ाई के दौरान वो सिर्फ खाना खाने के लिए अपने कमरे से निकलते थे।
टेस्ट सिरीज हल की, सिलेबस पर दिया ध्यान
आदित्य ने बताया कि सिविल सेवा का सिलेबस बहुत ज्यादा है। इसलिए पिछले साल में आए सवालों के जवाब देने का अभ्यास किया। टेस्ट सिरीज हल करने से काफी आत्मविश्वास बढ़ा। इसके साथ ही सिलेबस को देखकर उसे कवर करने की रणनीति बनाई। जो भी पढ़ा उसे बिलकुल स्पष्ट तौर पर तैयार किया। इससे परीक्षा में लिखना काफी आसान हो गया।
धैर्य न खोएं
सिविल सेवा की तैयारी काफी समय लेती है। इसलिए इसमें धैर्य नहीं खोना चाहिए। संभव है कि एक बार सफलता न मिले पर इससे हताश होने के बजाय दोबारा दोगुने उत्साह के साथ प्रयास करना चाहिए। सिलेबस के सभी भाग को अच्छी तरह से पढ़ें तथा नोट्स बनाएं। ऐसा करने पर सफलता जरूर मिलेगी।
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