NEET PG Counselling 2021: नीट पीजी काउंसलिंग में क्यों हुई देरी, क्या रहे अब तक के विवाद, जानिए सब कुछ
NEET PG Counselling 2021: नीट पीजी के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया 25 अक्तूबर 2021 से शुरू होनी थी। इसी साल सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 फीसदी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
NEET PG Counselling 2021: नीट पीजी काउंसलिंग को शुरू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अपनी अनुमति दे दी है। कोर्ट ने काउंसलिंग प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण को मंजूरी दी है। वहीं, ईडब्लूएस के लिए 10 फीसदी आरक्षण को इस वर्ष के लिए प्रभावी रखा गया है। भविष्य में इस कोटे को जारी रखा जाएगा या नहीं, इस पर सुप्रीम कोर्ट में मार्च के दूसरे हफ्ते में सुनवाई होगी। इस आदेश के बाद से उन लाखों छात्रों को राहत मिली है, जो लंबे अरसे से काउंसलिंग के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। आइए जानते हैं पूरा विवाद जिस कारण नीट पीजी काउंसलिंग की प्रक्रिया अटकी पड़ी थी..
NEET PG Counselling 2021: मेडिकल में आरक्षण का फैसला
नीट पीजी के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया 25 अक्तूबर 2021 से शुरू होनी थी। इसी साल सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 फीसदी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया था। सरकार के इस फैसले को कई छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी और 29 जुलाई 2021 को याचिका दायर की थी। छात्रों की दलील थी कि कम आय के लिए 8 लाख की सीमा में बदलाव होना चाहिए। यह आय सीमा उचित नहीं है और इसे बिना किसी अध्ययन के लागू किया गया है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने काउंसलिंग प्रक्रिया पर तब तक के लिए रोक लगा दी थी, जब तक की इस मामले का कोई हल नहीं निकल जाता।
NEET PG Counselling 2021: हल न निकलने तक काउंसलिंग पर रोक
जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बी.वी नागरत्ना के नेतृत्व वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई की और निर्देश दिया की कोर्ट द्वारा किसी फैसले को दिए जाने से पहले काउंसलिंग की शुरूआत करना छात्रों के लिए सही नहीं होगा। जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम आपकी इस बात को मान लेते हैं कि जब तक कोर्ट द्वारा इस मामले में कोई रास्ता नहीं निकाल लिया जाता, काउंसलिंग को शुरू करना छात्रों के लिए बुरा साबित होगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार से समान आय मानदंड अपनाने के लिए कारण पूछे थे। कोर्ट ने यह भी सवाल किया था कि क्या केंद्र सरकार ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए तय की गई लाख वार्षिक आय की सीमा में कोई संशोधन करना चाहती है। इसके अलावा कोर्ट ने नीट पीजी काउंसलिंग में ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों से जुड़ी पात्रता को भी स्पष्ट करने को कहा था। केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में इस बात का आश्वासन दिया था कि जब तक नीट पीजी में 27 फीसदी ओबीसी और10 फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण के मामले का कोई हल नहीं निकल जाता, नीट पीजी काउंसलिंग शुरू नहीं करवाई जाएगी। केंद्र सराकार के समाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 8 लाख की आय सीमा के लिए हलफनामा भी दायर किया गया।
NEET PG Counselling 2021: फोर्डा की हड़ताल
नीट पीजी काउंसलिंग 2021 में लगाता होने वाली देरी के कारण देश भर में रेजिडेंट डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। डॉक्टरों की हड़ताल को फेडरेशन ऑफ रेसिडेंट डॉक्टर असोसिएशन (फोर्डा) का समर्थन प्राप्त था। कई बड़े अस्पतालों में ओपीडी और इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर दिया गया था। डॉक्टरों का कहना था कि काउंसलिंग में देरी के कारण देश भर में डॉक्टरों और छात्रों पर दवाब बढ़ रहा है। कोरोना महामारी के कारण पहले से ही डॉक्टर अपनी क्षमता से ज्यादा काम कर रहे हैं। ऐसे में काउंसलिंग में देरी के कारण उनपर काम का दवाब और बढ़ेगा। डॉक्टरों की मांग थी कि नीट पीजी काउंसलिंग की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरी की जाए। डॉक्टरों के अनुसार कोरोना महामारी के कारण उन पर पहले से ही काम का बहुत अधिक बोझ है, अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या कम हैं। इसके बाद नीट पीजी काउंसलिंग 2021 में देरी के कारण एक सत्र बर्बाद हो जाएगा। इससे उनपर और दवाब बढ़ेगा।
NEET PG Counselling 2021: कोर्ट में सुनवाई
5 जनवरी को हुई सुनवाई में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, हम एक ऐसे बिंदु पर हैं, जहां काउंसलिंग अटकी पड़ी है। हमें इस कठिन परिस्थिति में डॉक्टरों की आवश्यकता है। जनवरी 2019 तक के कोटा की ओर इशारा करते हुए मेहता ने कहा, इसे पूरे देश में लागू किया गया है। सरकार ऐसी किसी भी स्थिति को स्वीकार नहीं कर सकती, जिससे ओबीसी या ईडब्ल्यूएस को वैध रूप से मिली चीजों से वंचित किया जाए। ऐसे में काउंसलिंग की अनुमति दी जाए और कोर्ट आपत्तियों पर विचार जारी रख सकता है। वहीं, विपक्ष के वकीलों ने कहा था कि खेल के नियमों में बदलाव खेल के बीच में नहीं होना चाहिए। स्नातकोत्तर प्रवेश पूरी तरह से योग्यता के आधार पर होना चाहिए और आरक्षण न्यूनतम होना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उन निर्णयों का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि सुपर-स्पेशियल्टी पाठ्यक्रमों में कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए। इसके बाद गुरूवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि हमें राष्ट्रहित में काउंसलिंग शुरू करनी चाहिए। कोर्ट ने इसके बाद मामले में फैसले को सुरक्षित रख लिया था, और आज इस मामले पर फैसला सुनाया।
NEET PG Counselling 2021: लाखों छात्र कर रहे थे इंतजार
देशभर के लाखों छात्र नीट पीजी काउंसलिंग के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। काउंसलिंग में लगातार होती देरी और सत्र की शुरूआत में असंमंजस बने रहने के कारण उनपर दवाब भी बढ़ने लगा था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा काउंसलिंग को शुरू करने के निर्देश देने के बाद अब जल्द ही मेडिकल काउंसलंग कमेटी (एमसीसी) तारीखों का एलान करेगी। छात्र अधिक अपडेट और जानकारी के लिए एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर नजर बना कर रखें।
यह भी पढ़ें- NEET PG Counselling 2021: क्या होगी नीट पीजी काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया, जानिए कौन से दस्तावेज हैं जरूरी
कमेंट
कमेंट X