फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   'Health Clinics' in 12 Delhi government schools not operational even after three years: RTI

Delhi School: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में तीन साल बाद भी शुरू नहीं हुए हेल्थ क्लीनिक, RTI से हुआ खुलासा

Thu, 01 Jan 2026 08:14 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Thu, 01 Jan 2026 08:14 AM IST
सार

Delhi Government Schools: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में छात्रों की सेहत से जुड़ी बड़ी लापरवाही सामने आई है। RTI से मिली जानकारी के मुताबिक, योजना शुरू हुए 3 साल बीत जाने के बावजूद कई स्कूलों में हेल्थ क्लीनिक अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं।
 

विज्ञापन
'Health Clinics' in 12 Delhi government schools not operational even after three years: RTI
सूचना का अधिकार (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

RTI Disclosure: एक RTI जवाब के मुताबिक, 2022 में स्टूडेंट्स को हेल्थ सर्विस देने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के 20 सरकारी स्कूलों में ‘हेल्थ क्लीनिक’ बनाए गए थे, लेकिन तीन साल बाद भी 12 स्कूलों में ये शुरू नहीं हो पाए हैं। यह जानकारी डायरेक्टरेट से मिली है।

विज्ञापन


यह जानकारी शिक्षा निदेशालय से सूचना के अधिकार (RTI) एक्ट के तहत फाइल की गई एक एप्लीकेशन के जरिए मिली थी।

 

यह प्रोजेक्ट 2022 में आम आदमी पार्टी के राज में उस समय के डिप्टी चीफ मिनिस्टर मनीष सिसोदिया और हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने लॉन्च किया था।

विज्ञापन
Trending Videos

सरकारी स्कूलों में बच्चों की हेल्थ और मेंटल केयर योजना

दिल्ली सरकार और BSES की एक मिली-जुली पहल के तहत साउथ, वेस्ट, ईस्ट और सेंट्रल दिल्ली के 20 स्कूलों को चुनने का टारगेट रखा गया था।

 

इस प्रोग्राम में तीन महीने के अंदर सभी एनरोल्ड स्टूडेंट्स की 100 परसेंट हेल्थ स्क्रीनिंग का नियम बनाया गया था। इसमें एक कॉम्प्रिहेंसिव केयर मॉडल था जिसमें स्पेशलिस्ट डॉक्टर पहचानी गई बीमारियों का इलाज करते थे, और शुरुआती डायग्नोसिस से लेकर आखिरी इलाज तक कड़ी मॉनिटरिंग करते थे।

 

इन क्लीनिक का मकसद सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए रेगुलर चेक-अप के साथ-साथ OPD सुविधाएं, फर्स्ट एड और दवाएं देना है।

 

इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट का मकसद सरकारी स्कूलों के बच्चों को मेंटल और इमोशनल वेल-बीइंग सपोर्ट देना था।

विज्ञापन

स्टाफ की कमी से पायलट प्रोजेक्ट ठप, ज्यादातर स्कूलों में क्लीनिक बंद

RTI के जवाब में, दिल्ली सरकार के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) की स्कूल हेल्थ स्कीम की हेड ऑफिस शालिनी वर्मा ने PTI को ईमेल से बताया कि डायरेक्टरेट ने 6 जुलाई, 2022 को स्कूल हेल्थ स्कीम को 20 पोर्टाकेबिन सौंपे थे, और 8 जुलाई, 2022 को इन 20 ‘हेल्थ क्लीनिक’ के लिए सात MBBS डॉक्टर, 20 पब्लिक हेल्थ नर्सिंग ऑफिसर (PHNOs), और 20 नर्सिंग ऑफिसर नियुक्त किए गए थे।

 

हालांकि 20 स्कूलों को पायलट बेसिस पर चुना गया था, लेकिन RTI डेटा से पता चलता है कि इनमें से ज्यादातर जगहों पर क्लीनिक अभी भी काम नहीं कर रहे हैं।

 

रानी बाग में गवर्नमेंट को-एजुकेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और आनंदवास में सर्वोदय बाल विद्यालय ने बताया है कि स्कूल में क्लीनिक तो बन गए थे, लेकिन वे अभी तक चालू नहीं हुए हैं। चांदपुर माजरा में राजकीय सर्वोदय विद्यालय, शकूरपुर में राजकीय को-एजुकेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और कराला और वरपुर जेजे कॉलोनी में सर्वोदय कन्या विद्यालय समेत कई दूसरे स्कूजीलों में भी यही हाल है, और दूसरों ने बताया कि डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर और जरूरी स्टाफ की कमी के कारण ये क्लीनिक बंद पड़े हैं।

 

इसके अलावा, दो और सरकारी स्कूल हैं जहां ये हेल्थ क्लीनिक बनाए गए थे, लेकिन इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed