पीएम-सेतू: 1195 करोड़ से होगा 25 आईटीआई का कायाकल्प, निवेश योजनाओं को मंजूरी, किन तीन राज्यों को मिलेगा लाभ?
केंद्र सरकार ने पीएम सेतू योजना के तहत देश के तीन राज्यों के 25 आईटीआई को अपग्रेड करने के लिए 1,194.92 करोड़ रुपये की निवेश योजनाओं को मंजूरी दी है। इससे युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी।
विस्तार
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर के 25 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाने के लिए 1,194.92 करोड़ रुपये की निवेश योजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं को पांच उद्योग भागीदारों के सहयोग से लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को बेहतर व्यावसायिक प्रशिक्षण देना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अनुसार, इन योजनाओं को शुक्रवार, 16 अक्तूबर 2026 को प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम सेतू) योजना की छठी राष्ट्रीय संचालन समिति की बैठक में मंजूरी दी गई। इन नई मंजूरियों के साथ योजना के तहत अब तक स्वीकृत कुल निवेश बढ़कर 3,687 करोड़ रुपये हो गया है।
किन शहरों के आईटीआई पर कितना निवेश होगा?
मंजूर की गई पांच योजनाएं महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर के पांच आईटीआई क्लस्टर से जुड़ी हैं। हर क्लस्टर में एक मुख्य संस्थान (हब आईटीआई) और उससे जुड़े चार अन्य संस्थान शामिल हैं।
| राज्य/क्लस्टर | उद्योग भागीदार | स्वीकृत निवेश |
|---|---|---|
| पुणे, महाराष्ट्र | बीवीजी इंडिया | ₹241 करोड़ |
| कटक, ओडिशा | टाटा स्टील फाउंडेशन | ₹240.50 करोड़ |
| छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र | बेलराइज इंडस्ट्रीज | ₹238.01 करोड़ |
| जम्मू | ईगल इंफ्रा इंडिया | ₹240 करोड़ |
| श्रीनगर | इंद्रदीप इंफ्रा इंडिया | ₹235.41 करोड़ |
| कुल | 5 उद्योग भागीदार | ₹1,194.92 करोड़ |
आईटीआई को अपग्रेड करने से क्या बदलेगा?
इन योजनाओं के तहत संस्थानों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जाएगा और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप नए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और प्रशिक्षण में उद्योगों की भागीदारी मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
इसका प्रमुख उद्देश्य व्यावसायिक प्रशिक्षण और नियोक्ताओं की जरूरतों के बीच की खाई को कम करना है, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल मिल सकें।
सरकार ने संस्थानों को क्या निर्देश दिए?
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि राष्ट्रीय संचालन समिति की मंजूरी पीएम सेतू योजना को लागू करने की दिशा में अहम कदम है। इससे आईटीआई को मजबूत करने, प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुखर्जी ने आईटीआई क्लस्टर से आईएसओ प्रमाणन हासिल करने की दिशा में काम करने और अपनी कार्ययोजनाओं में कम से कम एक ऐसा ट्रेड या कौशल क्षेत्र शामिल करने को कहा, जो वर्ल्ड स्किल्स के मानकों के अनुरूप हो।
कितने प्रशिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण?
बैठक में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम (Training of Trainers) की भी समीक्षा की गई। मंत्रालय के अनुसार, अक्तूबर 2026 तक राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI) के माध्यम से 3,744 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका था। सरकार का लक्ष्य आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर करना और युवाओं को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुसार कौशल उपलब्ध कराना है।
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