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FTII: शुल्क में बेतरतीब बढ़ोतरी के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे छात्र
Tue, 17 Dec 2019 11:13 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया
Updated Tue, 17 Dec 2019 11:13 AM IST
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एफटीआईआई
- फोटो : ANI
पिछले कुछ दिनों से देश में लगातार अलग-अलग विश्वविद्यालयों में अलग-अलग कारणों से छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। चाहे वो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान एमटेक (IIT MTech) के बढ़े शुल्क का मामला हो, या जवाहरलाल नेहरू विवि की हॉस्टल फीस का (JNU Hostel Fees), या फिर दिल्ली विवि के शुल्क का मुद्दा (DU Fees)। अब इसमें एक और नाम जुड़ गया है। वो है पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII Pune)। अब यहां शैक्षणिक और प्रवेश परीक्षा दोनों के बढ़े हुए शुल्क का विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार, 17 दिसंबर से यहां के चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
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एफटीआईआई छात्र संघ का कहना है कि '2013 से संस्थान हर साल शैक्षणिक शुल्क में 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर रहा है। 2013 के बैच में जहां वार्षिक शैक्षणिक शुल्क 55,380 रुपये था, वहीं 2020 बैच के लिए यह 1,18,323 रुपये हो चुका है।'
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छात्रों का कहना है कि संस्थान ने एफटीआईआई और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SRFTI) के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (Joint Entrance Test - JET) के शुल्क में भी काफी बेतरतीब बढ़ोतरी कर दी है। 2015 में इस प्रवेश परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को 1,500 रुपये शुल्क देना होता था। लेकिन जेईटी 2020 में जो छात्र शामिल होना चाहते हैं, उनसे 10 हजार रुपये तक केवल प्रवेश परीक्षा शुल्क वसूला जा रहा है।
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छात्रों की मांग है कि संस्थान हर साल लगातार शुल्क में 10 फीसदी बढ़ोतरी करना बंद करे। साथ ही जेईटी 2020 भी तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए, जब तक संस्थान प्रवेश परीक्षा का बढ़ा शुल्क कम नहीं करता। उनका कहना है कि इस तरह से तो संस्थान खुद ही आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए अपना दरवाजा बंद कर रहा है।
छात्रों ने ये भी कहा कि पिछले तीन साल से लगातार शुल्क में बढ़ोतरी न करने के लिए अपील की जा रही है। लेकिन कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा। इस कारण हम भूख हड़ताल जैसा बड़ा कदम उठाने पर मजबूर हो गए हैं।
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