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दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीएचडी एडमिशन का नया नियम, 100 नंबर की होगी परीक्षा; इंटरव्यू के 30% अंक तय करेंगे चयन?
Sun, 18 Oct 2026 01:50 PM IST
शिवम तिवारी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: शिवम तिवारी
Updated Sun, 18 Oct 2026 01:50 PM IST
सार
Delhi University PhD Admission 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के बाद सीधे पीएचडी में प्रवेश के लिए परीक्षा का प्रारूप और पाठ्यक्रम जारी किया है। परीक्षा में शोध पद्धति और संबंधित विषय से सवाल पूछे जाएंगे। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 7.5 सीजीपीए और आरक्षित वर्गों के लिए 7 सीजीपीए जरूरी है। परीक्षा 100 अंकों की होगी, जबकि अंतिम चयन में साक्षात्कार को 30 प्रतिशत भार मिलेगा।
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Delhi University PhD Admission
- फोटो : AI Generated
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद सीधे पीएचडी में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा का पैटर्न और पाठ्यक्रम जारी किया है। यह परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए है जिन्होंने स्नातक के चौथे वर्ष में शोध प्रबंध, अकादमिक परियोजना या उद्यमिता से जुड़ा कार्य किया है। हालांकि, उन्होंने यूजीसी-सीएसआईआर नेट, गेट या ऐसी कोई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। डीयू में इस बार से चार वर्षीय पाठ्यक्रम पूरा करने वालों के लिए पीएचडी में सीधे प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इस परीक्षा में वही विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे जिन्होंने यूजीसीएफ-2022 के तहत आठ सेमेस्टर पूरे किए हों। सामान्य श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए कम से कम 7.5 सीजीपीए जरूरी है।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग श्रेणी के लिए न्यूनतम सात सीजीपीए निर्धारित है। चौथे वर्ष में शोध प्रबंध, अकादमिक परियोजना या उद्यमिता से संबंधित कार्य अनिवार्य है। अनुवाद कार्य को इसके लिए पात्र नहीं माना जाएगा।
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साक्षात्कार से पहले शोध या परियोजना की रिपोर्ट जमा करनी होगी। वाणिज्य, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, मनोविज्ञान और गृह विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के लिए शोध पद्धति का पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है।
विज्ञान, गणित, इलेक्ट्राॅनिक्स, आईटी और कंप्यूटर विज्ञान के लिए अलग पाठ्यक्रम होगा। परीक्षा की तारीख विश्वविद्यालय बाद में घोषित करेगा।
विद्यार्थियों को अपनी विषय श्रेणी के अनुसार पाठ्यक्रम देखकर तैयारी करनी चाहिए। परीक्षा की तारीख और आवेदन से जुड़े अन्य निर्देश विश्वविद्यालय बाद में जारी करेगा। उम्मीदवारों को दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर रखनी चाहिए, ताकि प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी कोई जरूरी सूचना छूट न जाए।
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अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग श्रेणी के लिए न्यूनतम सात सीजीपीए निर्धारित है। चौथे वर्ष में शोध प्रबंध, अकादमिक परियोजना या उद्यमिता से संबंधित कार्य अनिवार्य है। अनुवाद कार्य को इसके लिए पात्र नहीं माना जाएगा।
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परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया
पीएचडी प्रवेश परीक्षा दो घंटे की होगी और कुल 100 अंकों की होगी। इसमें शोध पद्धति और संबंधित विषय पर आधारित दो भाग होंगे, प्रत्येक 50 अंकों का। गलत उत्तर पर 25 प्रतिशत अंक काटे जाएंगे। सामान्य श्रेणी के विद्यार्थियों को साक्षात्कार के लिए 50 प्रतिशत अंक, जबकि आरक्षित श्रेणियों को 45 प्रतिशत अंक लाने होंगे। अंतिम चयन में प्रवेश परीक्षा के अंकों को 70 प्रतिशत और साक्षात्कार को 30 प्रतिशत भार मिलेगा।
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साक्षात्कार से पहले शोध या परियोजना की रिपोर्ट जमा करनी होगी। वाणिज्य, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, मनोविज्ञान और गृह विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के लिए शोध पद्धति का पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है।
विज्ञान, गणित, इलेक्ट्राॅनिक्स, आईटी और कंप्यूटर विज्ञान के लिए अलग पाठ्यक्रम होगा। परीक्षा की तारीख विश्वविद्यालय बाद में घोषित करेगा।
अलग-अलग विषयों का पाठ्यक्रम कैसा होगा?
दिल्ली विश्वविद्यालय ने अलग-अलग विषयों के अनुसार शोध पद्धति के पाठ्यक्रम निर्धारित किए हैं। वाणिज्य, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, मनोविज्ञान और गृह विज्ञान जैसे विषयों के लिए संबंधित पाठ्यक्रम लागू होगा। वहीं, विज्ञान, गणित, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर विज्ञान के उम्मीदवारों के लिए अलग पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।विद्यार्थियों को अपनी विषय श्रेणी के अनुसार पाठ्यक्रम देखकर तैयारी करनी चाहिए। परीक्षा की तारीख और आवेदन से जुड़े अन्य निर्देश विश्वविद्यालय बाद में जारी करेगा। उम्मीदवारों को दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर रखनी चाहिए, ताकि प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी कोई जरूरी सूचना छूट न जाए।
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