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पड़ताल: प्रदूषण के चलते छुट्टियों को लेकर क्या सोचते हैं शिक्षक, छात्र और अभिभावक  

Fri, 15 Nov 2019 09:46 PM IST
Mohit Mudgal एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Mohit Mudgal Updated Fri, 15 Nov 2019 09:46 PM IST
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delhi ncr pollution take of teachers students and parents on holiday amar ujala investigation
दिल्ली में प्रदूषण - फोटो : एएनआई

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर इस कदर बढ़ गया है कि अब दिल्ली गैस चैंबर बनी हुई है। शुक्रवार को दिल्ली की समग्र वायु गुणवत्ता 729 दर्ज की गई। यह स्थिति आपातकालीन स्थिति है जो सभी के लिए बेहद खतरनाक है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद व आसपास के अन्य इलाकों में भी स्थिति ऐसी ही है। 

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छात्रों की पढ़ाई का नुकसान

प्रदूषण के प्रकोप से बच्चा-बुजुर्ग कोई नहीं बच पाया है। प्रदूषण के चलते पहले दिल्ली-एनसीआर के स्कूल पांच नवंबर तक बंद रहे। इसके बाद 14-15 नवंबर को प्रदूषण  का स्तर बढ़ने के चलते फिर स्कूलों की छुट्टी की गई। अब शनिवार को स्कूल दोबारा से खुलने जा रहे हैं। ऐसा तब है जब प्रदूषण की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। हर कोई बच्चों की सेहत को लेकर चिंता में है, पर एक पहलू ऐसा भी है जिसपर कोई गौर नहीं कर रहा है। वो है इन अनियोजित छुट्टियों से होने वाली पढ़ाई का नुकसान।  
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कोर्स पूरा कराना चुनौती

ये तो लाजमी है कि अनियोजित छुट्टियों के चलते कोर्स छूट जाएगा और परीक्षाएं तो पूर्व निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से ही होगी। ऐसे में तय समय में कोर्स खत्म कराना, छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए ही एक चुनौती होगा। इस बारे में जानने के लिए अमर उजाला ने कुछ शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों से बात की।
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एक सरकारी स्कूल की अध्यापिका ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि प्रदूषण के चलते हमारे स्कूल में कई बच्चों को स्वास्थ्य समस्याएं हुई हैं। कुछ बच्चों ने सुबह प्रार्थना के समय सांस लेने में दिक्कत, उल्टी और सिर दर्द की शिकायत की है। ऐसे में छुट्टियां ही एकमात्र हल नजर आता है। बेशक छुट्टियों से कोर्स पूरा कराने में समस्याएं सामने आएंगी, पर ये बच्चों के स्वास्थ्य से बढ़कर नहीं है। 

 

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बच्चों की सेहत से बढ़कर कुछ नहीं

वहीं नोएडा निवासी अमित कुमार (अभिभावक) का कहना है कि पढ़ाई के चलते बच्चों की सेहत से नहीं खेला जा सकता, मैं छुट्टियों के पक्ष में हूं बल्कि जब तक प्रदूषण स्तर सामान्य नहीं हो जाता तब तक स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा देनी चाहिए। जहां तक बात कोर्स की है, तो इसे पूरा कराने के फेर में अगर बच्चे बीमार हो गए तो क्या होगा, सेहत से ज्यादा कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। 

दिल्ली के एक निजी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र धनुर ने बताया कि प्रदूषण के चलते स्कूल की छुट्टियों से कोर्स पीछे चल रहा है। स्कूल में अध्यापकों ने एक्स्ट्रा क्लास लेने की बात कही है। हालांकि इस सब में एक चीज अच्छी हुई है कि सोमवार से स्कूल में होने वाली आंतरिक परीक्षाओं की तैयारी के लिए थोड़ा अधिक समय मिल गया है। 

हालांकि मौसम विभाग के अनुसार रविवार को मौसमी दशाओं में फेरबदल से दिल्ली-एनसीआर में स्थिति बेहतर हो सकती है। इससे पहले इसकी गुणवत्ता में बड़े पैमाने पर बदलाव की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग को पूर्वानुमान है कि शुक्रवार को भी हवा की चाल कमोवेश स्थिर रहेगी। हवा आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने का अनुमान है।
 
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