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CBSE: बोर्ड को छात्रों के थ्योरी और प्रैक्टिकल अंकों में मिला काफी अंतर, स्कूलों से ये कदम उठाने को कहा
Wed, 05 Jun 2024 07:53 PM IST
आकाश कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: आकाश कुमार
Updated Wed, 05 Jun 2024 07:53 PM IST
सार
CBSE: सीबीएसई बोर्ड ने लगभग 500 स्कूलों में छात्रों के थ्योरी और प्रैक्टिकल अंकों के बीच महत्वपूर्ण अंतर देखा। बोर्ड ने स्कूलों को प्रैक्टिकल परीक्षाओं का गहन मूल्यांकन करने की सलाह दी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों को अपनी आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रियाओं की समीक्षा करने की सलाह दी है। बोर्ड ने लगभग 500 संबद्ध स्कूलों में छात्रों के थ्योरी और प्रैक्टिकल अंकों के बीच महत्वपूर्ण अंतर देखा। बोर्ड ने एक नोटिस जारी कर स्कूलों से कहा है कि प्रैक्टिकल परीक्षाओं के गहन मूल्यांकन की आवश्यकता है।
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बोर्ड ने एक एडवाइजरी में कहा कि उन्नत एआई उपकरणों के माध्यम से, पिछले वर्षों के परिणाम के आंकड़ों के आधार पर, लगभग 500 सीबीएसई-संबद्ध स्कूलों में 50% या उससे अधिक छात्रों के बीच कुछ विषयों में थ्योरी और प्रैक्टिकल अंकों के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर का पता लगाया है।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आज संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया कि वे कुछ विषयों में थ्योरी और प्रैक्टिकल अंकों के बीच महत्वपूर्ण अंतर के कारण प्रैक्टिकल परीक्षाओं का सही मूल्यांकन करें। बोर्ड अधिक मजबूत और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों को उनकी आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रियाओं की समीक्षा करने की सलाह दी है।
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आज जारी एक नोटिस में, सीबीएसई ने कहा कि उन्होंने "उन्नत एआई उपकरणों के माध्यम से, पिछले वर्षों के परिणाम के आंकड़ों के आधार पर, लगभग 500 सीबीएसई-संबद्ध स्कूलों में 50% या उससे अधिक छात्रों के बीच कुछ विषयों में सिद्धांत और व्यावहारिक अंकों के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर का पता लगाया है।"
हाल के वर्षों में अंकों में वृद्धि एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। राज्य बोर्डों में भी कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने वाले और 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। इससे कॉलेज में दाखिले के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा हो गई है।
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