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स्कॉलरशिप चाहिए तो पूरी करनी होगी ये शर्त
रश्मि शर्मा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Dec 2014 03:23 PM IST
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राष्ट्रीय प्रतिभा खोज स्कॉलरशिप के लिए छात्रों को अब 60 फीसदी अंक लाना होगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का यह निर्णय 2015-16 से लागू होगा।
टर्मिनल एग्जाम हो या फिर इंटरनल सभी में छात्रों को कुल 60 फीसदी अंक लाने ही पड़ेंगे। दो साल तक 60 प्रतिशत अंक नहीं लाने पर स्कॉलरशिप हमेशा के लिए बंद कर दी जाएगी।
नेशनल टैलेंट सर्च स्कीम सेल के इंचार्ज प्रोफेसर वाई श्रीकांत ने बताया कि अभी तक टर्मिनल में 50 फीसदी अंक और वार्षिक 60 फीसदी नंबर लाने होते थे, लेकिन अब स्कॉलरशिप पाने के लिए 60 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे।
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यह फैसला रिव्यू कमेटी की बैठक में लिया गया है। कमेटी में देखा गया कि छात्रों का प्रदर्शन अच्छा नहीं आ रहा है, लिहाजा अंक 60 फीसदी कर दिए गए।
यदि किसी साल छात्र 59.9 फीसदी अंक प्राप्त करता है तो भी उसे स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी। यदि छात्र लगातार दो साल या फिर किन्हीं भी दो साल में 60 फीसदी अंक नहीं ला पाता तो हमेशा के लिए उसकी स्कॉलरशिप बंद कर दी जाएगी।
छात्र किसी विषय चाहे वह कोर विषय हो या नॉन कोर या फिर वैकल्पिक में फेल हो जाता है तो भी उसे स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी। छात्रवृत्ति पाने के लिए छात्र को हर साल अंडरटेकिंग देनी होगी कि वह किसी अन्य संस्थान से स्कॉलरशिप नहीं प्राप्त कर रहा है।
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टर्मिनल एग्जाम हो या फिर इंटरनल सभी में छात्रों को कुल 60 फीसदी अंक लाने ही पड़ेंगे। दो साल तक 60 प्रतिशत अंक नहीं लाने पर स्कॉलरशिप हमेशा के लिए बंद कर दी जाएगी।
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नेशनल टैलेंट सर्च स्कीम सेल के इंचार्ज प्रोफेसर वाई श्रीकांत ने बताया कि अभी तक टर्मिनल में 50 फीसदी अंक और वार्षिक 60 फीसदी नंबर लाने होते थे, लेकिन अब स्कॉलरशिप पाने के लिए 60 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे।
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यह फैसला रिव्यू कमेटी की बैठक में लिया गया है। कमेटी में देखा गया कि छात्रों का प्रदर्शन अच्छा नहीं आ रहा है, लिहाजा अंक 60 फीसदी कर दिए गए।
यदि किसी साल छात्र 59.9 फीसदी अंक प्राप्त करता है तो भी उसे स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी। यदि छात्र लगातार दो साल या फिर किन्हीं भी दो साल में 60 फीसदी अंक नहीं ला पाता तो हमेशा के लिए उसकी स्कॉलरशिप बंद कर दी जाएगी।
छात्र किसी विषय चाहे वह कोर विषय हो या नॉन कोर या फिर वैकल्पिक में फेल हो जाता है तो भी उसे स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी। छात्रवृत्ति पाने के लिए छात्र को हर साल अंडरटेकिंग देनी होगी कि वह किसी अन्य संस्थान से स्कॉलरशिप नहीं प्राप्त कर रहा है।
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