एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी ने किया ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों से टाईअप
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होटल मैनेजमेंट कोर्स की पढ़ाई के लिए एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी और इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ होटल मैनेजमेंट, ऑस्ट्रेलिया ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते में होटल मैनेजमेंट में शॉर्ट टर्म कोर्स और डिप्लोमा कोर्स शामिल हैं। इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ होटल मैनेजमेंट ऑस्ट्रेलिया की चार्ल्स डार्विन यूनिवर्सिटी से एफिलिएटिड है।
यह समझौता एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी में होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बेहतरीन मौका है जहां उनको इंटरनेशनल एक्सपोजर के द्वारा बेहतर ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के अवसर प्राप्त होंगे।
शिक्षा सही मायनों में हो रही है ग्लोबल
जिस तरह एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी में 25 देशों से 400 से ज्यादा विदेशी छात्र पढ़ रहे हैं , उसी तरह चार्ल्स डार्विन यूनिवर्सिटी में 680 छात्र 55 देशों से आकर वहां पढ़ रहे हैं। इससे पता चलता है कि आज का युवा कॉस्मोपोलिटन कल्चर और इंटरनेशनल आउटलुक चाहता है। वो अपने घर, गांव, शहर से बाहर निकलकर ग्लोबल स्तर पर संभावनाएं ढूंढना चाहता है।
इसी संभावना को और मजबूती मिली है, एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहे छात्रों को, जो इस समझौते के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
उभरती हुई होटल इंडस्ट्री
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रही परेशानियों के बीच भी इस बात में कोई दोराय नहीं है कि इसके बावजूद होटल इंडस्ट्री को कोई फर्क नहीं पड़ा है। 2016 में ग्लोबल होटल इंडस्ट्री 550 बिलियन यूएस डॉलर की रही। प्रोफेशनल होटल मैनेजमेंट कोर्स जैसे कि जो एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी में पढ़ाया जाता है, छात्रों को बेहतरीन करियर देता है और अलग-अलग देशों को घूमने और अच्छी कमाई के बेहतरीन मौके भी देता है।
होटल और रिजॉर्ट्स, क्रूज, रेस्त्रां और गेस्टहाउस जैसी जगहों पर हॉस्पिटेलिटी को बहुत महत्व दिया जाता है। केटरिंग सर्विसेज हर जगह जैसे हेल्थकेयर से लेकर ट्रैवल तक में जरूरी होती है। एयलाइंस भी केटरिंग सर्विसेज का बड़ा उपभोक्ता है। व्यंजनों की मांग तो आज के समय में ग्लोबल हो गई है और अलग-अलग देशों के व्यंजनों के फ्यूजन को लोग सब जगह पसंद कर रहे हैं।
ऐसी लाइफस्टाइल में काम करना बेहद रोमांचक होता है जहां आप रोज नए इंटरनेशनल पर्यटकों से मिलें। किसी विदेशी भाषा का ज्ञान होने से तो और फायदा हो जाता है। काम का अनियमित समय या रात की ड्यूटी कुछ परेशानी देती है पर हर पेशे के फायदे नुकसान तो हर जगह होते ही हैं।
अच्छी पर्सनल क्वालिटीज के साथ मजबूत कम्यूनिकेशन स्किल्स और अच्छी तरह से खुद का रख-रखाव बहुत जरूरी होता है। इस पेशे में ज़िंदगी में खूब घूमने का मौका मिलता है, बड़े और संपन्न लोगों से मिलने का मौका मिलता है और कई रोमांच महसूस करने का मौका मिलता है।
सीडीयू के वाइस चांसलर, प्रोफेसर साइमन हैडोक्स ने इस समझौते का किया स्वागत
बदलती लाइफस्टाइल
बेहतर आर्थिक स्थितियां और मध्यम वर्ग के उभरने का मतलब है कि लोगों के पास खर्च करने के लिए पैसा है जिसे वो अपने फुर्सत के पलों को यादगार बनाने के लिए करते हैं- जैसे कुछ नया खाना या घूमना। टेक्नोलॉजी ने काफी कुछ बदल दिया है। खाने के होम डिलीवरी और घर बैठे होटल आदि की बुकिंग अब काफी आसान हो गई है। ट्रैवल इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और ट्रैवल शिक्षा का भी अभिन्न अंग हो गया है। शैक्षणिक संस्थान नियमित तौर पर छात्रों को घुमाने के लिए ले भी जाते हैं।
इंडस्ट्री के साथ इंटर्नशिप
होटल मैनेजमेंट की 3 साल की स्नातक डिग्री के साथ इंटर्नशिप करने से इंडस्ट्री में काम करने की चुनौतियों को वास्तविक स्तर पर समझ पाते हैं। जहां हर किसी को होटल में रहने, रेस्त्रां में खाने का अनुभव होता है पर वहां काम करना अलग होता है।
मैनेजमेंट कोर्स से छात्रों को इस इंडस्ट्री का पूरा इतिहास पता चलता है और वो ये भी जान पाते हैं कि आज किस रूप में है ये इंडस्ट्री। सहीं आंकडों से सही समझ और पूरी तस्वीर साफ हो जाती है। इस प्रोफेशन में खाने और पीने के क्षेत्र में अगर रुचि हो तो और बेहतर माना जाता है। इस कोर्स से उन छात्रों को भी मदद मिलती है जो भविष्य में अपना कोई रेस्त्रां, होटल, हॉलिडे रिसॉर्ट खोलना चाहते हों।
प्रबंधन की खूबियों के साथ नेतृत्व की खूबियों की भी जरूरत पड़ती है। आजकल की जेनरेशन के लिए 'सॉफ्ट स्किल्स' की भी महत्ता बढ़ गई है जिसके अनुरूप ट्रेनिंग दी जाती है। स्टाफ, गेस्ट और विजिटर्स से किस तरह पेश आया जाए इसके लिए इंटरपर्सनल स्किल्स को बेहतर करने, पर्सनैलिटी को प्रभावशाली बनाने और स्वभाव में सकारात्मकता लाने की ट्रेनिंग भी दी जाती है।
इस समझौते से हुआ है 3 महान नदियों का मिलन
एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी, आईसीएचएम और सीडीयू का मिलना कुछ ऐसा है जैसा किसी महान नदी की तीन सहायक नदियां साथ आ गई हों। जहां एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी अपने आठ विभागों के साथ सफलतापूर्वक सामान्य और प्रोफेशनल कोर्सेस की क्वालिटी एजूकेशन दे रहा है, वहीं सीडीयू ने हाल ही में आईसीएचएम का अधिग्रहण किया है। सीडीयू ने बेहद नामचीन इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ होटल मैनेजमेंट का अधिग्रहण संस्थापक लिपमैन परिवार से किया है।
मि. गेरल्ड लिपमैन ने इस समझौते पर खुशी जताई और कहा कि इससे सबको शिक्षा के स्तर पर जबरदस्त वृद्धि की क्षमता मिलेगी। सीडीयू के वाइस चांसलर, प्रोफेसर साइमन हैडोक्स ने इस समझौते का स्वागत किया।
आईसीएचएम और सीडीयू दोनों ही संस्थानों की बहुत अच्छी प्रतिष्ठा है और इससे एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी के होटल मैनेजमेंट के छात्रों को बहुत फायदा होगा। आईसीएचएम को 88 देशों से लगभग 2000 छात्रों को होटल ट्रेनिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ होटल ट्रेनिंग स्कूल का दर्जा मिला हुआ है।
आईसीएचएम का संबंध पुराने स्विस स्कूल Ecole hotelier de Lausanne से है। आईसीएचएम की स्थापना स्वर्गीय रेक्स लिपमैन ने 1992 में की थी और 1998 से इसका प्रबंधन गेरल्ड लिपमैन देख रहे हैं। सीडीयू को टाइम्स हायर एजूकेशन ने दुनिया की 150 सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटी की सूची में 31 वां स्थान दिया था।
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