WB Chancellor: दो शिक्षक संघों ने जोर देकर कहा, विवि कुलाधिपति सिर्फ शिक्षाविद होने चाहिए; राजनीतिक नहीं
Academic Leadership: पश्चिम बंगाल के दो शिक्षक संघों ने कहा है कि विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति केवल शिक्षाविद होना चाहिए, किसी राजनीतिक व्यक्ति को यह पद नहीं मिलना चाहिए।
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WB Chancellor: पश्चिम बंगाल में शिक्षकों के दो संगठनों ने मंगलवार को कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति सिर्फ एक शिक्षाविद होने चाहिए, किसी राजनीतिक व्यक्ति को यह पद नहीं मिलना चाहिए।
राज्य विधानसभा में पारित तीन संशोधन विधेयकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी नहीं दी है। इन विधेयकों में कुलाधिपति के पद पर राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री को नियुक्त करने का प्रस्ताव था। इसका मतलब है कि वर्तमान कानूनी प्रावधानों के अनुसार, राज्यपाल सीवी आनंद बोस पहले की तरह ही कुलाधिपति के रूप में अपना काम जारी रखेंगे।
जेयूटीए ने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल कॉलेज और विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डब्ल्यूबीसीयूटीए) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी, सुभोदय दासगुप्ता ने पीटीआई को बताया, "हमारा मानना है कि विश्वविद्यालय का कुलाधिपति एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद होना चाहिए और कोई और नहीं।"
उन्होंने कहा, "भले ही देश के राष्ट्रपति मुख्यमंत्री को कुलाधिपति बनाने वाले विधेयक को खारिज कर दें, हमारा रुख अपरिवर्तित रहेगा: न तो राज्यपाल और न ही मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय का कुलाधिपति बनना चाहिए - यह पद किसी प्रख्यात शिक्षाविद के पास होना चाहिए।"
डब्ल्यूबीसीयूटीए की बात को दोहराते हुए, जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेयूटीए) ने कहा कि कुलाधिपति हमेशा एक शिक्षाविद होना चाहिए।
जूटा के महासचिव पार्थ प्रतीम रॉय ने कहा, "हमारा मानना है कि कुलाधिपति एक शिक्षाविद होना चाहिए, न कि राजनीतिज्ञ।"
उन्होंने कहा, "उन्हें विश्वविद्यालय के सामने आने वाली विभिन्न समस्याओं को हल करने में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए।"
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