बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

नई शिक्षा नीति में तकनीक के साथ रेडियो और दूरदर्शन पर फोकस

सीमा शर्मा, अमर उजाला, दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Mon, 11 May 2020 12:45 AM IST
विज्ञापन
new education planning

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन में शिक्षा को जारी रखने की सामने आई दिक्कतों के चलते अब नई शिक्षा नीति का प्रारूप थोड़ा बदलने जा रहा है। नई शिक्षा नीति में अब छात्रों और शिक्षकों को तकनीक से अधिक से अधिक जोड़ने पर फोकस होगा। इसमें रेडियो, दूरदर्शन और दूरस्थ शिक्षा को भी जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई शिक्षा नीति पर पिछले दिनों आयोजित बैठक में कोविड-19 के चलते पढ़ाई और परीक्षाओं को लेकर आई दिक्कतों पर चर्चा हुई। इसमें कोविड-19 या ऐसी किसी अन्य महामारी या आपदा के दौरान दोबारा पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए नीति बनाने को कहा गया है। यह नीति भी नई शिक्षा नीति का ही हिस्सा होगी। पीएमओ के निर्देश पर अब विशेषज्ञ नई शिक्षा नीति में ऐसी नीति बनाने में जुट गए हैं, ताकि किसी भी आपदा के दौरान भी पढ़ाई लगातार बिना रुके चलती रहे।


सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री के पास लॉकडाउन में घर बैठे छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं में आई दिक्कतों की पूरी जानकारी है। इसीलिए पहली बार भारत में पढ़ाई का ऐसा सेटअप तैयार किया जाएगा कि छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को कोई दिक्कत या परेशानी न हो।

नई शिक्षा नीति में ऑनलाइन शिक्षा को मजबूत किया जाएगा। ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफार्म को मजबूत करने की जिम्मेदारी आईटी मिनिस्ट्री को दी गई है। इसमें आईटी मिनिस्ट्री विदेशों की तर्ज पर ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफार्म तैयार करेगी। इस प्लेटफार्म को तैयार करने में जो भी दिक्कत होगी, उसे भी दूर किया जाएगा। इसमें आईआईटी, आईआईएम समेत जिन संस्थानों को दिक्कत आ रही है उनसे तकनीक में भी मदद लेेने की योजना है।

वहीं, सरकार यह भी जानती है कि भारत की बड़ी आबादी ग्रामीण व दूर-दराज के इलाकों में रहती है, जहां संसाधन सीमित है। इसलिए वहां रेडियो और दूरदर्शन को पढ़ाई से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। क्योंकि रेडियो और दूरदर्शन के माध्यम से दूरदराज में रहने वाले लोग और छात्र सीधे सभी प्रकार की जानकारी ले पाते हैं। इसका भी रोडमैप तैयार करने को कहा गया है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी के साथ-साथ भारतीय भाषाओं को पढ़ाई के माध्यम में शामिल करने की योजना है।

बड़ों का आदर और सम्मान नीति में शामिल
प्रधानमंत्री अक्सर बड़ों का सम्मान और आदर करने की बात करते हैं। इसी के तहत बुजुर्गों व बड़ों को सम्मान और आदर अब नई शिक्षा नीति का हिस्सा होगा। सेक्स एजुकेशन के भाग को छोटा करके उसमें मोरल एजुकेशन को शामिल किया गया है। इसके अलावा आठवीं कक्षा तक के छात्रों को कोविड-19 के बारे में पढ़ने का मौका मिलेगा।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us