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बीटिंग रिट्रीट में नहीं दिखे गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली दंगल जीतने की रणनीति बनाने में थे व्यस्त!

Wed, 29 Jan 2020 06:36 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 29 Jan 2020 06:36 PM IST
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delhi election 2020: Amit shah did not attend beating retreat celebration due to election campaign
Beating Retreat Celebration - फोटो : All India Radio News
दिल्ली चुनाव की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 29 जनवरी की शाम जब मोदी सरकार बीटिंग रिट्रीट समारोह देख रही थी, तो उस वक्त केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली चुनाव जीतने की कवायद में लगे थे। अमूमन ऐसा बहुत कम अवसरों पर देखा गया है कि विजय पथ पर बीटिंग रिट्रीट समारोह चल रहा हो और देश के गृहमंत्री वहां पर मौजूद न हों।
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बुधवार की शाम जब यह समारोह आयोजित हुआ, तो गृहमंत्री अमित शाह वहां नहीं थे। वे उस वक्त दिल्ली के बिजवासन में जनसभा और पालम में रोड शो कर रहे थे। दिल्ली का दंगल अब अपने चरम की तरफ अग्रसर है। फरवरी के पहले सप्ताह में पीएम नरेंद्र मोदी भी प्रचार करने के लिए मैदान में उतरेंगे। अब भले ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं, लेकिन दिल्ली का दंगल जीतने की रणनीति अमित शाह के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए ही बनाई गई थी।

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दूसरे शब्दों में यूं भी कह सकते हैं कि दिल्ली चुनाव की हर छोटी बड़ी रूपरेखा अमित शाह ने ही तैयार की थी। यही वजह है कि वे नामांकन प्रक्रिया समाप्त होते ही चुनाव प्रचार के लिए निकल पड़े थे। वे रोजाना तीन-चार जगहों पर जनसभाएं और रोड शो कर रहे हैं। दिल्ली में केजरीवाल का विकास मॉडल बनाम शाहीन बाग, चुनाव में यह टैग लाइन तय करने वाले भी अमित शाह ही हैं।
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उन्होंने शुरू से ही केजरीवाल के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाते हुए सार्वजनिक तौर पर यह बात कह दी है कि मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे किस तरफ हैं। क्या अरविंद केजरीवाल शाहीन बाग में चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में है या विरोध में है। इसके बाद केजरीवाल को बैकफुट पर आना पड़ा। उन्होंने शाहीन बाग पर बयान दिया कि वहां चल रहे प्रदर्शन से लोगों को दिक्कत हो रही है।

लोगों को रोजाना ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। इसके बाद शरजील इमाम का मुद्दा छा गया। यहां पर भी अमित शाह ने पहले जैसा ही सवाल दाग कर केजरीवाल को घेर लिया। इस बार भी उन्होंने कह दिया कि केजरीवाल बताएं कि वो शरजील इमाम के समर्थन में हैं या विरोध में हैं। एक बार फिर केजरीवाल को कदम पीछे खींचकर कहना पड़ा कि शरजील इमाम ने असम को देश से अलग करने की बात कही है। यह बेहद गंभीर है। आप देश के गृहमंत्री हैं। उसे तुरंत गिरफ्तार करना आपका कर्तव्य है। आप उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर रहे हैं।

 

हालांकि उसके बाद दिल्ली पुलिस ने दो दिन बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली का दंगल अब अमित शाह की नाक का सवाल बन गया है। यही वजह है कि देश के गृहमंत्री होते हुए वे एक विधानसभा चुनाव में रोजाना तीन चार जनसभाएं और रोड शो कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने नजफगढ़, बिजवासन, पालम और नई दिल्ली के जोरबाग इलाके में जनसभाएं और रोड शो किए।

 

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