जेईई एडवांस्ड: IIT में दाखिले के लिए समझ लीजिए रैंकिंग
- आईआईटी बांबे में 59 रैंक तक कंप्यूटर साइंस
- दिल्ली और कानपुर में भी होती है मारामारी
- गत वर्ष ट्रेड के हिसाब से हुआ था कठिन मुकाबला
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जेईई एडवांस्ड का रिजल्ट आने के बाद अब युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती किसी नामी आईआईटी में पसंदीदा ब्रांच में दाखिले की है। इसके लिए अभी से छात्र दाखिले का गणित भिड़ाने में जुट गए हैं। गत वर्ष का ट्रेंड देखें तो डिमांडेड ट्रेड्स में दाखिले के लिए काफी चुनौतियां सामने आने वाली हैं।
एडवांस्ड में अच्छी रैंक लाने वाले अभ्यर्थियों की सबसे पहली प्राथमिकता कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग होती है। इस कोर्स में दाखिले के लिए मुकाबला इस साल भी कड़ा होने वाला है।
गत वर्ष कंप्यूटर साइंस (सीएस) में आईआईटी बांबे में ऑल इंडिया रैंक एक से 59 तक वाले अभ्यर्थियों को सीट मिली थी। इसी प्रकार, आईआईटी मद्रास में 80 से 186 रैंक तक, आईआईटी दिल्ली में 31 से 102 रैंक, आईआईटी कानपुर में 73 से 207 रैंक, आईआईटी खड़गपुर में 213 से 300 रैंक, आईआईटी गुवाहाटी में 476 से 815वीं रैंक तक के छात्रों को कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की सीट आवंटित हुई थी।
इन आईआईटी में पिछले साल यह थी रैंकिंग
इसी प्रकार, सिविल इंजीनियरिंग में आईआईटी दिल्ली में रैंक 1045 से 2181, कानपुर में 1927 से 2674, बांबे में 1927 से 2674, मद्रास में 1853 से 2905, गुवाहाटी में 3467 से 4640 तक सीट आवंटित हुई थी।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में आईआईटी कानपुर में 208 से 674 तक, खड़गपुर में 687 से 1114 तक, बांबे में 9 से 240 तक, मद्रास में 61 से 605 तक, दिल्ली में 151 से 329 तक सीट आवंटित हुई। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में आईआईटी कानपुर में 646 से 1192 तक, बांबे में 97 से 654 तक, खड़गपुर में 908 से 1377 तक, मद्रास में 497 से 1257 तक, गुवाहाटी में 1923 से 2625 तक सीट आवंटित हुई थी।
परीक्षा विशेषज्ञ डीके मिश्रा के मुताबिक इस साल भी मुकाबला इसी के इर्द गिर्द रहने वाला है। लिहाजा, जिन अभ्यर्थियों की रैंक 1200 से ऊपर आई है, उन्हें विकल्प भी तलाशने होंगे। हालांकि इस साल छह नए आईआईटी अस्तित्व में आने से छात्रों को कुछ राहत मिलेगी।