देहरादून: 10 हजार की नौकरी के लिए लगी बीटेक पास की लाइन
- दून में आयोजित रोजगार मेले 25 कंपनियों ने लिए इंटरव्यू और लिखित परीक्षा
- 150 से अधिक बीटेक पास युवाओं के पहुंचने से आईटीआई वाले हुए सरप्राइज
- उच्च प्रशिक्षण संस्थान निरंजनपुर में लगा था आईटीआई पास के लिए रोजगार मेला
- 1200 से ज्यादा युवाओं ने प्रदेश भर से आजमाई किस्मत, 700 युवा हुए शॉर्टलिस्ट
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केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत राजधानी में आईटीआई पास युवाओं के लिए आयोजित रोजगार मेले में बीटेक पास युवाओं का पहुंचना हर किसी को सरप्राइज कर गया। मेले में प्रदेश भर से करीब 1200 युवाओं ने 25 मतकंपनियों में अपनी किस्मत आजमाई। मेले का शुभारंभ उद्योगपति अनिल गोयल ने किया।
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की ओर से मंगलवार को उच्च प्रशिक्षण संस्थान (एटीआई) निरंजनपुर में रोजगार मेला लगाया गया। मेले में 25 प्राइवेट कंपनियां प्लेसमेंट करने पहुंचीं। प्रदेश भर से आए करीब 1200 में से 700 के आसपास युवाओं को कंपनियों ने शॉर्टलिस्ट कर लिया। इन्हें शुरुआत में 10 हजार रुपये तक वेतन दिया जाएगा। इस बीच सबसे खास बात रही बीटेक पास युवाओं का मेले में पहुंचना।
दरअसल, यह रोजगार मेला केवल आईटीआई पास युवाओं के लिए था। योग्यता के हिसाब से उनके लिए वेतन निर्धारित था। कंपनियां इससे ऊपर वेतन वाली रिक्रूटमेंट सीधे विवि या कॉलेजों से बीटेक युवाओं की करती हैं। लेकिन बीटेक पास की बेरोजगारी का आलम यह है कि यहां 150 से ज्यादा ऐसे युवा भी नौकरी के लिए पहुंचे। कभी बीटेक पास युवाओं को कम से कम आठ से दस लाख रुपये का सालाना पैकेज मिलता था। लेकिन इस रोजगार मेले के हिसाब से देखें तो सवा लाख के पैकेज के लिए भी बीटेक पास युवा भटक रहे हैं।
कौशल विकास मंत्रालय मना रहा स्किल इंडिया वीक
एटीआई के निदेशक ईश्वर सिंह ने बताया कि कौशल विकास मंत्रालय की ओर से यह शुरुआत की गई है। मंत्रालय स्किल इंडिया वीक 11 जुलाई से 16 जुलाई के बीच मना रहा है। इसी कार्यक्रम में चयनित छात्रों की जानकारी उजागर की जाएगी।
इन कंपनियों ने किया प्लेसमेंट
टाटा मोटर्स पंतनगर, जॉनसन लिफ्ट्स गुडगांव, वीवो इंडिया, कार्गो एलीवेटर्स, किरबी बिल्डिंग सिस्टम्स, साइनटेक टेक्नोलॉजी, सेलीकोन नैनो टेक्नोलॉजी, जुबिलेंट जेनेरिक्स, जीबी स्प्रिंग, रावत इंजीनियरिंग, डीडी मोटर्स, हरी मोटरकॉर्प, वीआईपी इंडस्ट्रीज, हैवल्स इंडिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर, सिनर्जी कंसलटेंट, विप्रो हरिद्वार, कैपेरो मारुति रेवाड़ी और विराज सीएनजी सर्विसेज नई दिल्ली।
इसलिए बढ़ रही बेरोजगारी
बीटेक में दाखिले के लिए एक वक्त था, जब कई कॉलेज डोनेशन लेते थे, लेकिन आज वक्त बदल गया है। विशेषज्ञ अमित मित्तल ने बताया कि बीटेक कॉलेजों की भारी संख्या और नई यूनिवर्सिटीज की वजह से बीटेक में सीटें बेतहाशा बढ़ गई हैं। इस हिसाब से मार्केट में कम डिमांड के सामने उपलब्धता ज्यादा हो गई। यही वजह है कि बीटेक का रोजगार ग्राफ नीचे चला गया।