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सचिन के आइडिया को पूर्व दिग्गज ने नकारा, कहा इससे होगा क्रिकेट को बड़ा नुकसान
amarujala.com, Presented by: शरद मिश्र
Updated Sat, 04 Nov 2017 06:35 PM IST
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : amar ujala
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महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में मैच में 14 खिलाड़ियों को उतारने की सलाह दी है। इसकी कई लोगों ने तारीफ भी की लेकिन गुजरे जमाने के मुंबई के एक और धाकड़ बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर ने इससे विपरीत विचार व्यक्त किया है। वेंगसरकर ने कहा कि सभी 14 खिलाड़ियों को उतारने से दबाव पर बेहतर करने की इच्छा खिलाड़ियों में नहीं रहेगी।
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खिलाड़ी प्लेइंग 11 में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत नहीं करेंगे
दिलीप वेंसरकर
वेंगसरकर ने कहा कि इसके अलावा इस नियम को लागू करने के बाद मुख्य बल्लेबाज पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मैच में भागीदारी नहीं करेंगे। इससे खिलाड़ियों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्लेइंग 11 में आने का दबाव भी नहीं होगा। खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते टीम के प्लेइंग 11 में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत नहीं करेंगे। गेंदबाज अहम मैचों में रन बनाकर मैच जीतने की कोशिश नहीं करेंगे। वेंगसरकर ने कहा कि इस नियम को लागू करने से ऑलराउंडर तो पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
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हैरिस शील्ड टूर्नामेंट मुंबई के स्कूलों के बीच खेला जाता है
सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली
वेंगसरकर ने कहा कि यह नियम टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में लागू किया जा सकता है। अहम मुकाबलों में इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा करने से खिलाड़ियों की प्रतिभा का नुकसान होगा। हैरिस शील्ड टूर्नामेंट मुंबई के स्कूलों के बीच खेला जाता है।
लीग स्टेेज पर लागू नहीं किया जाना चाहिए
सचिन तेंदुलकर
सचिन तेंदुलकर ने मुंबई स्कूल स्पोर्टस एसोसिएशन से इस नए नियम को लागू करने के लिए पत्र व्यवहार भी किया था। इसके बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने स्कूल एसोसिएशन को ऐसा नियम लागू करने की मंजूरी भी दे दी। वेंगसरकर ने इसे मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अपने वाइस प्रेसीडेंट के कार्यकाल के समय क्वार्टर फाइनल मुकाबले से लागू करने की रजामंदी दे दी थी। लेकिन अब इस नियम को टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में भी लागू किए जाने की तैयारी है। वेंगसरकर इसी का विरोध कर रहे हैं।
इस नियम को लागू करने से क्रिकेट की प्रतिभा का नुकसान होगा
सचिन ने कहा है कि लीग यानी नाक आउट स्टेज में भी 14 खिलाड़ियों की टीम होनी चाहिए। वेंगसरकर ने कहा कि मैं अहम मैचों में यह लागू करने के विरोध में नहीं हूं लेकिन पूरे टूर्नामेंट में इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए। लीग मैच में नाक आउट स्टेज पर इस नियम को लागू करने से क्रिकेट की प्रतिभा का नुकसान होगा।