36 साल पहले आज ही भारत ने पाकिस्तान को हराकर जीता था पहला एशिया कप

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 13 Apr 2020 10:23 PM IST
विज्ञापन
सुनील गावसकर
सुनील गावसकर - फोटो : ट्विटर

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
वह 13 अप्रैल 1984 का दिन था जब भारत ने सुनील गावसकर की अगुआई में अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 54 रन से हराकर पहली बार एशिया कप जीता था जिसमें विकेटकीपर बल्लेबाज सुरिंदर खन्ना की भूमिका अहम रही थी। खन्ना के जेहन में 36 साल पुरानी घटनाएं आज भी तरोताजा हैं।
विज्ञापन


भारत ने यह टूर्नामेंट एक साल पहले टीम को विश्व चैंपियन बनाने वाले कपिल देव के बिना खेला था। वह तब शारजाह में थे लेकिन उन्हें घुटने के ऑपरेशन के लिए इंग्लैंड जाना था। इस टूर्नामेंट में सिर्फ तीन टीमों ने भाग लिया था। भारत ने पहले मैच में श्रीलंका को दस विकेट से हराया।


भारत ने मदनलाल, चेतन शर्मा और मनोज प्रभाकर की शानदार गेंदबाजी से श्रीलंका को 96 रन पर ढेर कर दिया। इसके बाद खन्ना (नाबाद 51) और गुलाम परकार (नाबाद 32) ने टीम को आसान जीत दिलाकर फाइनल में पहुंचाया था।

खन्ना ने कहा, ‘मैं तब वापसी कर रहा था। सैयद किरमानी भी पंद्रह सदस्यीय टीम में शामिल थे लेकिन गावसकर ने मुझे अंतिम एकादश में रखने का फैसला किया। मैं 1979 विश्व कप के बाद वापसी कर रहा था और इसलिए मेरे लिए यह टूर्नमेंट बेहद महत्वपूर्ण था। मैं वापसी के बाद पहले मैच में ही मैन ऑफ द मैच बना तो पूरी टीम ने उसका जश्न मनाया। इनमें कपिल भी शामिल थे।’

भारत का सामना फाइनल में पाकिस्तान से था। भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और निर्धारित 46 ओवरों में चार विकेट पर 188 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज खन्ना ने फिर से अपने बल्ले का कमाल दिखाया और 56 रन बनाए। उनके अलावा संदीप पाटिल ने 43 और गावसकर ने नाबाद 36 रन बनाए।

पाकिस्तान की टीम इसके जवाब में 39.4 ओवर में 134 रन पर आउट हो गई। रोजर बिन्नी और रवि शास्त्री ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि चार बल्लेबाज रन आउट हुए। खन्ना ने कहा, ‘पिच पर काफी घास थी और बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। हम कपिल के बिना खेल रहे थे लेकिन हमें पता था कि अपने स्कोर का बचाव करने में सफल रहेंगे। हम पहले एशिया कप में ही चैंपियन बन गए थे। गावसकर ने जब ट्रॉफी उठाई तो वह हमारे लिए यादगार पल था। मुझे टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था, मेरे क्रिकेट करियर का यह महत्वपूर्ण क्षण था।’

भारत ने इसके एक साल बाद दस मार्च 1985 को मेलबर्न में भी गावसकर की अगुआई में पाकिस्तान को फाइनल में आठ विकेट से हराकर क्रिकेट विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता था।

जहां तक एशिया कप की बात है तो भारत अब तक रेकॉर्ड सात बार यह टूर्नामेंट जीत चुका है। इस बीच 2016 में इसे टी-20 टूर्नमेंट के रूप में आयोजित किया गया। अगला एशिया कप इस साल सितंबर में खेला जाना है, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इस पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X