वर्ल्ड कप की टीम इंडिया: 15 में से चार खिलाड़ी खब्बू
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चयनकर्ताओं ने लंबी बहस के बाद 15 सदस्यीय टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है, जो इस बार खिताब बचाने उतरेगी।
मुंबई में मंगलवार को 2 घंटे से भी लंबी चली बैठक के बाद चयनकर्ताओं ने टीम की घोषणा कर दी। टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अगले महीने से शुरू हो रहे वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया में तीन देशों की त्रिकोणीय वनडे सीरीज खेलेगी। सीरीज में भारत के अलावा मेजबान ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें भाग लेंगी।
घोषित 15 सदस्यीय टीम इंडिया में 4 खिलाड़ी बाएं हाथ के हैं जबकि 11 दाएं हाथ के। इसके अलावा जहां तक टीम संयोजन की बात है तो चयनकर्ताओं ने 7 बल्लेबाजों और 5 गेंदबाजों के अलावा 3 आलराउंडरों को रखा है। कप्तान धोनी भी खुद आलराउंडर की भूमिका में हैं, वह टीम के विकेटकीपर होने के अलावा मध्य क्रम में आतिशी बल्लेबाजी करने के लिए जाने जाते हैं।
कप्तान धोनी के अलावा टीम में शामिल क्रिकेटर भारतीय टीम के लिए क्या कुछ कर सकते हैं, इस पर चर्चा करते हैं। आइए, देखते हैं कि इस टीम में लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का कितना माद्दा है?
बल्लेबाजी में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों से उम्मीद
शुरुआत ओपनिंग जोड़ी से करते हैं, टीम इंडिया की शुरुआत शिखर धवन और रोहित शर्मा की जोड़ी करेगी। दोनों ने पिछले साल टीम को कई बार बेहतरीन ओपनिंग दिलाई थी। रोहित भले ही ऑस्ट्रेलिया में अब तक टेस्ट में नाकाम रहे हों, लेकिन वनडे में वह रन बनाने में माहिर हैं। पिछले साल नवंबर में उन्होंने वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी (264) खेली थी। धवन भी आक्रामक बल्लेबाजी करने में माहिर हैं। साथ ही अच्छी बात यह है कि इस जोड़ी में दाएं और बाएं हाथ की बल्लेबाजी का संयोजन भी है।
इस जोड़ी के नाकाम होने की सूरत में अजिंक्य रहाणे भी विकल्प बन सकते हैं और उनसे ओपनिंग कराई जा सकती है। उन्होंने कुछ मैचों की भारत के लिए ओपनिंग की है।
तीसरे नंबर पर विराट कोहली हैं और वह इन दिनों जबर्दस्त फॉर्म में हैं। टेस्ट हो या वनडे, सभी फॉरमेट में वह हर जगह रन बनाने में कामयाब रहे हैं। 2013 में टीम इंडिया के ऑस्ट्रेलियाई दौरे के दौरान कोहली ने त्रिकोणीय सीरीज में लाजवाब प्रदर्शन कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया था। श्रीलंका के खिलाफ खेली गई रिकॉर्डतोड़ पारी को कौन भूल सका है। उन्होंने उस मैच में लसित मलिंगा को खूब निशाना बनाया था।
कोहली के बाद रहाणे बल्लेबाजी के लिए चौथे नंबर पर आते हैं। इसके अलावा मध्यक्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना भी टीम के लिए कारगर साबित हो सकते हैं। अंबाती रायडू भी मध्य क्रम के उपयोगी बल्लेबाज बन सकते हैं।
इसके बाद छठे नंबर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आ सकते हैं, जो स्लॉग ओवरों में तेजी से रन बनाने में माहिर हैं और निचले क्रम में आकर भारत को कई बार लक्ष्य के पार पहुंचाया है। टीम में शामिल रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल और स्टुअर्ट बिन्नी 3 आलराउंडरों में से किसी एक-दो को मैच में उतरने का मौका मिलेगा।
भुवी, शमी के साथ युवा अक्षर पर 'चमत्कारी' प्रदर्शन की आस
जहां तक टीम इंडिया में गेंदबाजी को लेकर संयोजन की बात है तो एक बार फिर धोनी अपने पसंदीदा गेंदबाजों पर भरोसा करेंगे। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार इनिस्ंवग में माहिर हैं और चतुराई भरी गेंदबाजी कर बल्लेबाज को छकाते रहे हैं।
भुवी के अलावा मोहम्मद शमी, उमेश यादव और अनुभवी इंशात शर्मा भी भारत की तेज गेंदबाजी विभाग की कमान संभालेंगे। उमेश ऑस्ट्रेलिया में जारी टेस्ट सीरीज में भारत के सबसे सफल गेंदबाज हैं। जबकि इशांत बीच-बीच में उपयोगी गेंदबाजी करते रहे हैं। हालांकि शमी के बारे में कहा जाता है कि अगर वह विकेट नहीं पाते हैं तो वह तनाव में आ जाते हैं, उससे उन्हें निजात पाना होगा।
तेज गेंदबाजी के अलावा फिरकी गेंदबाजी में भारत आर अश्विन के अलावा युवा गेंदबाज अक्षर पटेल पर दांव लगाएगा। हालांकि अक्षर को विदेशी धरती पर खेलने का ज्यादा अनुभव नहीं है। अश्विन भी ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर लगातार नाकाम रहे हैं।
उनके अलावा रवींद्र जडेजा और स्टुअर्ट बिन्नी बल्ले के अलावा गेंद से भी कमाल करते हैं तो टीम के लिए बेहद शानदार रहेगा। उनसे वर्ल्ड कप में अच्छे प्रदर्शन की आस है।