T-20 World Cup: पहली बार टी-20 विश्व कप में होगा डीआरएस का इस्तेमाल, आईसीसी ने दी मंजूरी
आईसीसी के पुरुष टी-20 टूर्नामेंट में पहली बार डीआरएस का इस्तेमाल किया जाएगा। आईसीसी के मुताबिक, इस महीने के अंत में शुरू हो रहे टी-20 विश्व कप मैचों के दौरान निर्णय समीक्षा प्रणाली उपलब्ध रहेगी।
विस्तार
आईसीसी पुरुषों के टी-20 टूर्नामेंट में पहली बार निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) का इस्तेमाल किया जाएगा। आईसीसी ने घोषणा की है कि यह प्रणाली इस महीने के अंत में शुरू होने वाले टी-20 क्रिकेट विश्व कप मैचों में उपलब्ध होगी। इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा जारी खेल शर्तों के मुताबिक, 17 अक्तूबर से संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में खेले जाने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में प्रत्येक टीम को प्रति पारी के आधार पर दो डीआरएस मिलेंगे। बीते साल जून में क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था आईसीसी ने जून में सभी प्रारूपों में एक मैच की प्रत्येक पारी में प्रत्येक टीम के लिए एक अतिरिक्त डीआरएस लेने की पुष्टि की थी, यह ध्यान में रखते हुए की कई बार मैच के दौरान कम अनुभवी अंपायर हो सकते हैं। आईसीसी ने यह फैसला कोविड महामारी के चलते किया था। उसके बाद से क्रिकेट के सीमित पारूप में दो, और टेस्ट में डीआरएस की संख्या तीन हो गई।
न्यूनतम ओवरों की संख्या बढ़ाई
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने देरी और बारिश से बाधित मैचों के लिए न्यूनतम ओवरों की संख्या बढ़ाने का भी फैसला किया है। टी 20 विश्व कप के ग्रुप मैचों के दौरान प्रत्येक टीम को डकवर्थ और लुइस पद्धति से परिणाम तय करने के लिए कम से कम पांच ओवर तक बल्लेबाजी करने की आवश्यकता होगी। वर्तमान में ह किसी भी टी-20 मैच में लागू नहीं है। वहीं, सेमीफाइनल और फाइनल के लिए परिणाम को प्रभावित करने के लिए प्रत्येक टीम को कम से कम 10 ओवर तक बल्लेबाजी करने की जरूरत होगी।
2016 में नहीं हुआ था DRS का इस्तेमाल
पुरुषों की टी-20 विश्व कप में डीआरएस का इस्तेमाल नहीं किया गया था क्योंकि इस आयोजन का अंतिम संस्करण 2016 में खेला गया था। तब टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में निर्णय समीक्षा प्रणाली उपलब्ध नहीं थी। डीआरएस वाला पहला आईसीसी टी-20 टूर्नामेंट वेस्टइंडीज में आयोजित किया गया साल 2018 में महिला टी-20 विश्व कप था। जहां प्रत्येक टीम के लिए एक डीआरएस उपलब्ध था। इसके बाद साल 2020 में ऑस्ट्रेलिया में खेले गए टी-20 विश्व कप में उसी का उपयोग किया गया।
क्यों किया गया डीआरएस का इस्तेमाल
डीआरएस का इस्तेमाल मैच के दौरान अंपायरों द्वारा निर्णय लेने में की जाने वाले गलतियों के अंतर को कम करने के लिए किया गया है। यह एक प्रक्रिया जिसके तहत अंपायर समीक्षा या खिलाड़ी समीक्षा के मध्यम से ऑन-फील्ड अंपायरों के निर्णय के संबंध में तीसरे अंपायर से सलाह ली जा सकती है। इसका उपयोग साल 2017 से आईसीसी के प्रमुख आयोजनों में जैसे कि पुरुषों की चैंपियंस ट्रॉफी, 50-ओवर के विश्व कप और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के साथ-साथ महिला एकदिवसीय और टी-20 विश्व कप में किया जाता रहा है।