श्रीनिवासन क्लीन बोल्ड, चुनाव लड़ने पर लगी रोक
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भारतीय क्रिकेट का संचालन करने वाली बीसीसीआई में आमूल-चूल परिवर्तन का बृहस्पतिवार को आगाज हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने एन श्रीनिवासन को बड़ा झटका देते हुए उनके बीसीसीआई चुनाव लड़ने पर फिलहाल पाबंदी लगा दी है। बीसीसीआई अध्यक्ष और इंडिया सीमेंट्स के प्रबंध निदेशक होने के चलते श्रीनिवासन हितों के टकराव के दोषी करार दिए गए।
इसके अलावा शीर्ष अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस आर. एम. लोढ़ा की अध्यक्षता में तीन जजों की समिति का गठन किया है। समिति आईपीएल घोटाले के दोषियों की सजा निर्धारित करेगी। शीर्ष अदालत के इस फैसले से चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के भविष्य पर ग्रहण लग गया है। कमेटी बीसीसीआई में सुधार लाने पर भी गौर करेगी।
न्यायमूर्ति टी. एस. ठाकुर और न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफउल्लाह की पीठ ने श्रीनिवासन के दामाद व चेन्नई सुपर किंग्स के टीम अधिकारी गुरुनाथ मैयप्पन और राजस्थान रॉयल्स केसह मालिक राज कुंद्रा पर सट्टेबाजी के आरोप को सही पाया है। हालांकि पीठ ने कहा कि श्रीनिवासन पर अपने दामाद को बचाने का आरोप साबित नहीं हो सका है।
पीठ ने बीसीसीआई अधिकारियों के व्यवसायिक हितों पर कहा कि श्रीनिवासन को आईपीएल टीम खरीदने देने के लिए बीसीसीआई नियमों में संशोधन करना बड़ी गलती थी। श्रीनिवासन का कहना था कि इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड में उनका 0.4 फीसदी शेयर है, यह गुमराह करने वाला है। वह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। हकीकत यह है कि परोक्ष रूप से उनकी करीब 29 फीसदी हिस्सेदारी है।
अपने फैसले में पीठ ने इस मसले पर सात सवाल भी उठाए हैं। पीठ ने कहा कि बीसीसीआई का काम निजी नहीं बल्कि सार्वजनिक है और संविधान के अनुच्छेद-226 के तहत हाईकोर्ट में उसके खिलाफ याचिका दाखिल की जा सकती है।
शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि अनियमितता या किसी तरह की गड़बड़ी के लिए न केवल खिलाड़ी या टीम अधिकारी को ही सजा होनी चाहिए बल्कि उनकी टीम को भी सजा भुगतनी पड़ेगी। यानी चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स टीम का भविष्य भी खतरे में पड़ गया है।
आदेश में खास
बीसीसीआई के नियम 6.2.4 में उस संशोधन को शून्य या निरस्त कर दिया गया है, जो बीसीसीआई अधिकारियों को आईपीएल की टीम में हिस्सेदारी की इजाजत देता था।
बीसीसीआई छह हफ्ते के भीतर अपने नियम-कानून केमुताबिक चुनाव करा सकती है। यह ध्यान रखा जाए कि श्रीनिवासन सहित कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसका आईपीएल से व्यावसायिक हित जुड़ा है, वह किसी भी पद केलिए चुनाव नहीं लड़ सकता।
चेन्नई, राजस्थान का भविष्य खतरे में
आईपीएल नियमों के अनुसार अगर फ्रेंचाइजी का कोई खिलाड़ी, मालिक या टीम अधिकारी किसी गलत आचरण में लिप्त पाया जाता है तो फ्रेंचाइजी को निलंबित किया जा सकता है। ऐसे में चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स की टीम आईपीएल से बाहर की जा सकती है।
समिति तय करेगी सजा
तीन सदस्यीय समिति में पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर एम लोढ़ा के अलावा जस्टिस अशोक भान और जस्टिस आर वी रवींद्रन शामिल हैं। समिति आईपीएल मामले के दोषियों की सजा निर्धारित करेगी और आईपीएल सीओओ सुंदर रमन के खिलाफ लगे आरोपों की भी जांच करेगी। समिति से अपना काम छह महीने में खत्म कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। कमेटी बीसीसीआई में सुधार लाने पर भी गौर करेगी। कमेटी द्वारा पारित होने वाला आदेश अंतिम होगा और बीसीसीआई को यह आदेश हर हाल में मानना होगा।
संजय पटेल, बीसीसीआई सचिव ने कहा कि बोर्ड कोर्ट के फैसले का सम्मान करता है और कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार तय समय में एजीएम बुलाएगा। बोर्ड पिछले कुछ समय से पैदा हुई अनिश्चित्तता की स्थिति के खत्म होने से बेहद खुश है और अब कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति को अपना पूरा सहयोग देगा।