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ICC में बड़ा बदलाव: शशांक मनोहर ने पद छोड़ा, ख्वाजा बने अंतरिम अध्यक्ष
Wed, 01 Jul 2020 06:19 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Wed, 01 Jul 2020 06:19 PM IST
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शशांक मनोहर
- फोटो : ट्विटर
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विश्व की सर्वोच्च क्रिकेट संस्था इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC के अध्यक्ष पद का कार्यकाल खत्म होने के बाद शशांक मनोहर ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया। वह इस पद पर दो वर्ष तक रहे। आईसीसी की प्रेस रीलिज के मुताबिक डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा को चुनाव तक अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है।
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BCCI के अध्यक्ष रह चुके हैं मनोहर
पेशे से वकील 62 साल के मनोहर इससे पहले दो बार बीसीसीआई अध्यक्ष रहे। वह पहले 2008 से 2011 तक बीसीसीआई अध्यक्ष रहे और फिर अक्टूबर 2015 से मई 2016 तक दोबारा इस पद पर काबिज हुए। दूसरे कार्यकाल का एक हिस्सा आईसीसी चेयरमैन पद के दौरान रहा। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनु साहनी ने मनोहर को ‘‘उनकी नेतृत्व क्षमता और आईसीसी चेयरमैन के रूप में उन्होंने खेल के लिए जो भी किया’’ उसके लिए धन्यवाद दिया। मनोहर के पद छोड़ने का समय बीसीसीआई के लिए इससे बेहतर समय पर नहीं हो सकता था क्योंकि भारतीय बोर्ड अक्तूबर-नवंबर के दौरान ऑस्ट्रेलिया में आईसीसी टी-20 विश्व कप की जगह इंडियन प्रीमियर लीग के आयोजन की योजना बना रहा है।
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मनोहर नहीं चाहते थे तीसरा कार्यकाल
बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष मनोहर तीसरी बार दो साल का कार्यकाल विस्तार नहीं चाहते थे। शशांक मनोहर ने दो साल के दो कार्यकाल के बाद पद छोड़ दिया है। नियमों के अनुसार मनोहर दो और साल के लिए अपने पद पर रह सकते थे क्योंकि अधिकतम तीन कार्यकाल की स्वीकृति है।
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कोलिन ग्रावेस ले सकते हैं जगह
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख कोलिन ग्रावेस उनकी जगह लेंगे। इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ग्रावेस की दावेदारी के पक्ष में है। भारतीय बोर्ड से भी उनके अच्छे संबंध हैं हालांकि बीसीसीआई ने खुलकर उनकी दावेदारी का समर्थन नहीं किया है। समझा जाता है कि मनोहर की तुलना में ग्रावेस के साथ बीसीसीआई के संबंध अच्छे रहेंगे। स्थिति की जानकारी रखने वालों का मानना है कि नए चेयरमैन के साथ बीसीसीआई के बेहतर कामकाजी रिश्ते हो सकते हैं और अगर वह गांगुली होते हैं तो यह सोने पर सुहागे की तरह होगा।दो आईसीसी टूर्नामेंट (2021 टी20 विश्व कप और 2023 एकदिवसीय विश्व कप) में कर छूट से जुड़ा मुद्दा भी एजेंडे में शीर्ष पर होगा।
सौरव गांगुली की भी दावेदारी संभव