{"_id":"5a89984c4f1c1b2d068b74db","slug":"sanjay-manjrekar-launches-his-book-imperfect","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"संजय मांजरेकर का बड़ा खुलासा, कहा- द्रविड़ और गांगुली के कारण खत्म हुआ मेरा करियर","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
संजय मांजरेकर का बड़ा खुलासा, कहा- द्रविड़ और गांगुली के कारण खत्म हुआ मेरा करियर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 19 Feb 2018 12:17 PM IST
विज्ञापन
संजय मांजरेकर
- फोटो : Twitter
क्रिकेट कमेंटेटर और टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी संजय मांजरेकर ने हाल ही में अपनी किताब 'इंपर्फेंक्ट' लॉन्च की है। अपनी इस किताब में उन्होंने कई ऐसे खुलासे किए हैं, जिसकी वजह से अब वह चर्चा मे हैं।
मांजरेकर ने अपने संन्यास को लेकर जो बात इस किताब में बताई है, उसके पीछे उन्होंने राहुल द्रविड और सौरव गांगुली के टीम में आने को ठहराया। उन्होंने इसमें लिखा है कि उस समय टीम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज थे और आउट ऑफ फॉर्म तो बिलकुल नहीं थे, लेकिन जब उन्होंने सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ियों को देखा वे समझ गए थे कि अब उनका ‘समय पूरा’ हो गया है। यह बात 1996 के इंग्लैंड दौरे की है।
विज्ञापन
मांजरेकर ने अपने संन्यास को लेकर जो बात इस किताब में बताई है, उसके पीछे उन्होंने राहुल द्रविड और सौरव गांगुली के टीम में आने को ठहराया। उन्होंने इसमें लिखा है कि उस समय टीम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज थे और आउट ऑफ फॉर्म तो बिलकुल नहीं थे, लेकिन जब उन्होंने सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ियों को देखा वे समझ गए थे कि अब उनका ‘समय पूरा’ हो गया है। यह बात 1996 के इंग्लैंड दौरे की है।
विज्ञापन
Trending Videos
1996 में द्रविड़ और सौरव ने किया था शानदार प्रदर्शन
सौरव और राहुल, 1996
- फोटो : File
मांजरेकर ने लिखा कि 1996 इंग्लैंड दौरे पर द्रविड़ से तो लोगों को उम्मीद थी कि वे बढ़िया प्रदर्शन करेंगे लेकिन सौरव गांगुली सबके लिए सरप्राइज रहे। संजय ने आगे कहा कि द्रविड़ तो लगता था कि टीम इंडिया के लिए ही बने हैं लेकिन जब मैंने उन्हें खेलते देखा और जिस तरह से उन्होंने बैटिंग की, तभी मुझे अंदाजा हो गया था कि अब मेरा ‘समय पूरा’ हो गया है।
विज्ञापन
सचिन कहते थे मि. डिफ्रेंट
संजय और सचिन
- फोटो : File
मांजरेकर जब तक इंटरनेशल क्रिकेट खेले उनकी पहचान एक तकनीकी रूप से सक्षम खिलाड़ी के तौर पर रही। खासतौर पर उनका रिकॉर्ड विदेशी पिचों पर शानदार रहा। उनको उनकी तकनीक के लिए साथी खिलाड़ी उन्हें कई बार मि. पर्फेक्ट कहा करते थे, लेकिन सचिन तो उन्हें मि. डिफ्रेंट कहा करते थे।