सहारा कप के 20 सालः दूसरे ODI में द्रविड़-अजहर चूक गए थे शतक से
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ठीक 20 साल पहले 1996 में कनाडा के टोरंटो में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट से अनजान एक देश में पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली गई थी। सीरीज का पहला मैच 16 सितंबर को खेला गया लेकिन यह पहले से तय कार्यक्रम से दो दिन की देरी से शुरू हो पाया क्योंकि लगातार बारिश ने मैच में खलल डाल दिया था।
सीरीज का पहला मैच टीम इंडिया ने आसानी से जीत लिया था। इसके अगले ही दिन 17 सितंबर को सीरीज का दूसरा मैच खेला गया। यह मैच बेहद कांटेदार रहा और अंत तक जारी उतार-चढ़ाव ने न सिर्फ खिलाड़ियों बल्कि प्रशंसकों की धड़कनें बढ़ा दी थी। यह वह दौरा था जब दोनों टीमों के देश में लगभग यह मान्यता थी कि किसी से हार जाओ भारत या पाकिस्तान से न हारो। पाकिस्तान ने एक गेंद शेष रहते 2 विकेट से मैच जीतकर वापसी करते हुए सीरीज को 1-1 पर ला दिया।
चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के तत्कालीन कप्तान वसीम अकरम ने टीम इंडिया को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया। भारतीय पारी की शुरुआत ठीक-ठाक रही, कप्तान सचिन तेंदुलकर (20) ने नयन मोंगिया के साथ ओपनिंग करते हुए 32 रनों की साझेदारी की, लेकिन अजहर महमूद ने भारतीय कप्तान को पाक कप्तान वसीम अकरम के हाथों कैच आउट कराकर पवेलियन भेज दिया। मोंगिया भी 18 रन बनाकर चलते बने।
महज 44 रन पर 2 विकेट गंवाने के बाद भारत को राहुल द्रविड़ और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शतकीय साझेदारी ने मजबूती प्रदान की।
शानदार पारी के बाद अजहर और द्रविड़ चूक गए शतक से
मैच में विनोद कांबली महज 3 रन पर आउट हो गए। अजय जडेजा 21 रन बनाकर नाबाद रहे। जबकि जवागल श्रीनाथ खाता भी नहीं खोल सके थे। पाक की ओर से अजहर महमूद, मुश्ताक अहमद और सकलैन मुश्ताक ने 2-2 विकेट लिए। कप्तान वसीम अकरम 10 ओवर में 52 रन देने के बावजूद एक विकेट भी नहीं झटक सके।
भारतीय टीम द्रविड़ और अजहर की शानदार पारियों की बदौलत 50 ओवर में 6 विकेट पर 264 रन बनाने में सफल रही। पाक को यह मैच जीतने के लिए 265 रनों का लक्ष्य मिला जिसने उसे एक गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। उसकी ओर से सईद अनवर से सबसे बड़ी पारी खेली।
अनवर के बाद मलिक का विकेट न ले पाना पड़ा बारी
टीम इंडिया से मिले 265 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाक टीम की शुरुआत खराब रही और उसने 10 रन पर आमिर सुहैल (0), फिर 44 रन पर इजाज अहमद (13) का विकेट खो दिया। लेकिन तीसरे विकेट के लिए ओपनर सईद अनवर ने इंजमाम-उल-हक (29) के साथ 71 रनों की साझेदारी कर भारतीय आक्रमण को दबाव बनाने का मौका नहीं दिया। अनिल कुंबले ने हक को कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया।
अनवर ने चौथे विकेट के लिए सलीम मलिक के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाया लेकिन वह 80 रन के स्कोर पर सचिन तेंदुलकर की गेंद पर आउट हो गए। अनवर ने 78 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्के की मदद से 80 रन बनाए। भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह सफलता अपने आप में आधा मैच जीतने जैसी थी।
लेकिन मध्य क्रम के ठोस बल्लेबाज सलीम मलिक का विकेट भारतीय गेंदबाज नहीं झटक सके जो भारी पड़ गया। उन्होंने मोइन खान (14) और वसीम अकरम (20) के साथ छोटी-छोटी साझेदारी करते हुए टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचा दिया। लेकिन कांटेदार हो चुके मुकाबले में मलिक का अनुभव काम आया और उन्होंने अपना विकेट बचाए रखा जिस कारण पाक एक गेंद पहले ही यह मैच 2 विकेट से जीत गया। मलिक ने 81 गेंदों में नाबाद 70 रनों की पारी खेली।