राजस्थान रॉयल्स ने इस पूर्व घरेलू क्रिकेटर को बनाया बल्लेबाजी कोच, करेंगे युवाओं के कौशल में निखार
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राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल के 11वें सीजन के लिए पूर्व घरेलू क्रिकेटर अमोल मजूमदार को अपना बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया है। टीम प्रबंधन ने कहा कि मजूमदार के अनुभवों से युवा क्रिकेटरों को अपने बल्लेबाजी कौशल को निखारने में मदद मिलेगी।
बैटिंग कोच बनाए जाने को लेकर मजूमदार ने बताया, 'वह राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं साथ ही खिलाड़ियों के साथ काम करने को बेहद उत्सुक हैं।' आगे उन्होंने कहा, ' यह समय एक बल्लेबाज के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। टी-20 ने क्रिकेट के खेल को ही बदल दिया है। यह खेल अधिक मनोरंजक है। इससे कभी कोई बोर नहीं होता ,और न ही इसकी लोकप्रियता घटती है। मैं इस नई भूमिका के लिए उत्साहित हूं।'
IPL प्रेस नोट के मुताबिक वह क्रिकेट प्रमुख जुबिन भारूचा और गेंदबाजी कोच साइराज बहुतुले के साथ सवाई मानसिंह स्टेडियम में 13 मार्च से पहले शिविर में खिलाड़ियों के साथ होंगे। यह शिविर सभी भारतीय खिलाड़ियों के लिए है। भारूचा ने कहा, 'अमोल मजूमदार को टीम के बल्लेबाजी कोच के तौर पर शामिल करना गर्व की बात है। उनका घरेलू सर्किट का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। युवा बल्लेबाजों को उनसे काफी कुछ सीखने और अपना कौशल निखारने का मौका मिलेगा।'
A domestic #cricket legend and a stellar batsman, @amolmuzumdar11 joins the #RoyalSquad as the Batting Coach!
The Royal Family is mighty proud to have you on board, Amol!#HallaBol #IPL2018 pic.twitter.com/0y7VxQUXwJ— Rajasthan Royals (@rajasthanroyals) March 13, 2018
वहीं, राजस्थान रॉयल्स ने भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर साईराज बहुतुले को टीम का स्पिन गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है। पहले सत्र में राजस्थान रॉयल्स को खिताबी जीत दिलाने वाले ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न 10 साल बाद इसी टीम के मेंटर के रूप में इंडियन प्रीमियर लीग में लौट आए हैं। शेन वॉर्न 2008 में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान और कोच थे।
बता दें कि मजूमदार ने 171 प्रथम श्रेणी मैचों में 48.13 के औसत से 11,167 रन बनाए है, जिसमें 30 शतक और 60 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने मुंबई की कप्तानी में रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाया था। वह रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में 9,202 रन बनाकर वसीम जाफर के बाद दूसरे नंबर पर हैं। मुंबई क्रिकेट में खेलने के बाद वह असम और आंध्र के लिये भी खेले, लेकिन वह नेशनल टीम में जगह नहीं बना सके।