इस मामले में पाकिस्तान सुपर लीग ने IPL को छोड़ा पीछे
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दुबई में खेली जा रही पाकिस्तान सुपर लीग में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लीग भले ही अपने अंतिम चरण में हो, लेकिन बचे हुए प्लेऑफ मैचों में डीआरएस सिस्टम के इस्तेमाल का फैसला लिया। वैसे दुनियाभर में कई लीग होती हैं, लेकिन डीएआरस के इस्तेमाल में पीएसएल ने बाजी मार ली है। इसकी जानकारी खुद पीएसएल के चेयरमैन नजीम सेठी ने ट्वीट कर दी है।
भले ही पीएसएल पहली लीग होगी जो डीआरएस का इस्तेमाल कर रही हो, पर इसके फाइनल मैच में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। दरअसल, फाइनल लाहौर में होना है और हॉक आई टेक्नोलॉजी ने वहां जाने से इनकार कर दिया है।
क्या होता है डीआरएस
डीआरएस नई तकनीक पर आधारित प्रणाली है। इस प्रणाली का उपयोग तब किया गया जब टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज के आउट होने या नहीं होने की स्थिति में मैदान में स्थित अंपायरों द्वारा विवादास्पद फैसले दिए थे। तब इन फैसलों की समीक्षा करने के एकमात्र उद्देश्य से इसका इजाद किया गया था।
खेल के दौरान कोई भी टीम इसके लिए दो बार अपील कर सकती है। एक नियम यह भी है कि अगर पहली बार लिया गया डीआरएस सही निकलता है तो दूसरे डीआरएस का मौका मिलता है। लेकिन अगर पहला डीआरएस गलत निकल जाए तो दूसरा डीआरएस अपने आप कैंसल हो जाता है। डीआरएस लेने के लिए अंपायर के फैसले को टी का इशारा देकर चुनौती दी जाती है।